रूस यूक्रेन युद्ध - यूक्रेन और रूस के प्रतिनिधिमंडल के बीच शांति वार्ता को लेकर बेलारूस के गोमेल में सभी औपचारिक तैयारियां कर ली गई हैं। ये बैठक दोपहर तीन बजे के बाद कभी भी हो सकती है।
नई दिल्ली रूस से जारी तनाव और युद्ध के बीच दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल के बीच शांति वार्ता को लेकर बेलारूस के मिन्स्क शहर में सभी औपचारिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ये बैठक भारतीय समयानुसार दोपहर तीन बजे के बाद कभी भी हो सकती है। इस बैठक पर सभी देशों की निगाह लगी हुई है। समाचार एजेंसी तास के मुताबिक रूस का नेतृत्व राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगी व्लादिमीर मेडिंस्की कर रहे हैं। उन्होंने इससे पहले बताया था कि बेलारूस के गोमेल क्षेत्र में बातचीत के लिए यूक्रेन से एक समझौता किया गया था। रूसी प्रतिनिधिमंडल पहले ही वहां पहुंच चुका है। रायटर्स ने यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय के हवाले से बताया है कि यूक्रेन का एक प्रतिनिधिमंडल रूसी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के लिए बेलारूसी सीमा पर पहुंचा है।
Updates:
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एपी की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन
पर हमले के विरोध में कठोर जवाबी कार्रवाई में अमेरिका ने रूसी केंद्रीय बैंक को
बंद दिया, राज्य
निवेश कोष पर प्रतिबंध लगा दिया।
- एपी
की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग ने बेलारूस में दूतावास को बंद किया, रूस
में अमेरिकी राजनयिकों को जाने के लिए अधिकृत किया।
- संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बाचेलेट का कहना है कि उनके कार्यालय ने पुष्टि की है कि गुरुवार से यूक्रेन में जारी हिंसा में 7 बच्चों सहित 102 नागरिक मारे गए हैं और 304 अन्य घायल हो गए हैं। उन्होंने आगाह किया था कि यह आकड़ा काफी बढ़ सकता है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के अद्यतन आंकड़ों का हवाला दिया कि पिछले कई दिनों में 420,000 से अधिक लोग देश छोड़कर भाग गए हैं।
- नाटो
के प्रमुख जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने आज एक ट्वीट में कहा कि नाटो के सहयोगी यूक्रेन
को हवाई रक्षा मिसाइल और टैंक रोधी हथियार मुहैया करा रहे हैं।
- यूक्रेन
और रूस के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के बीच बेलारूस की सीमा पर बातचीत शुरू हो
गई है। यूक्रेनी राष्ट्रपति के सलाहकार मायखाइलो पोडोलीक ने सोमवार को समाचार
एजेंसी रायटर को बताया। इससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि
वार्ता के लिए यूक्रेन का लक्ष्य तत्काल युद्धविराम और यूक्रेन से रूसी सेना की
वापसी है।
- तास
एजेंसी के मुताबिक रूसी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख व्लादिमीर मेडिंस्की ने कहा है कि
यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल को कुछ तकनीकी समस्या की वजह से देरी हुई है। उनके
मुताबिक दोनों देशों के बीच बातचीत मास्को के स्थानीय समय मुताबिक लगभग 12:00
बजे शुरू होनी चाहिए। उन्होंने बताया है कि यूक्रेन का दल एक घंटा देरी से यहां
पहुंच जाएगा। मेडिंस्की के मुताबिक वो पूरी रात यूक्रेन के दल का इंतजार रहे थे।
उनके आने का समय बार-बार बदलता रहा।
भारत में तैनात यूक्रेन के राजदूत डॉ इगोर पोलिखा ने
कहा है कि इस लड़ाई में बहुत सारे नागरिक हताहत हो रहे हैं। यूक्रेन सरकार के
अनुसार रूसी शांति-संघर्ष अभियान के परिणामस्वरूप पहले से ही बम विस्फोटों, गोलाबारी
आदि से 16 बच्चे
मारे जा चुके हैं। उनके मुताबिक शरणार्थियों की संख्या 4 लाख
को पार कर गई है। यदि जंग नहीं रुकी तो यह संख्या 70 लाख
तक पहुंच सकती है। यूक्रेन छोड़ने वालों की बार्डर पर लंबी लाइन लगी है।
रायटर्स के मुताबिक यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय का
कहना है कि रूस के साथ
बातचीत का उसका मुख्य लक्ष्य तत्काल युद्धविराम और रूसी सैनिकों की वापसी है।
भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए इंडिगो A321 विमान
के जरिए दो उड़ानें संचालित कर रहा है। ये उड़ानें दिल्ली से बुखारेस्ट, रोमानिया
और बुडापेस्ट, हंगरी
के लिए इस्तांबुल के रास्ते संचालित की जा रही हैं। इंडिगो
ने कहा है कि हम ऐसी और निकासी उड़ानों के लिए अपना समर्थन देने के लिए सरकार के
साथ निकट संपर्क में हैं।
प्रधान मंत्री के निर्देश पर, कैबिनेट
सचिव ने राज्यों के मुख्य सचिवों से बात की और उन्हें यूक्रेन से छात्रों को वापस
लाने के भारत सरकार के प्रयासों के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने जिला
कलेक्टरों से कहा है कि वो ऐसे छात्रों के परिवार के सदस्यों से संपर्क करें जिनके
बच्चे यूक्रेन में है और उन्हें सरकार द्वारा दी जारी सेवा से अवगत कराएं।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शीर्ष अधिकारियों
के साथ हुई एक बैठक में रक्षा मंत्री और मिलिट्री जनरल स्टाफ के प्रमुख को आदेश
दिया कि परमाणु रोधी बलों को युद्ध के लिए तैयार रखा जाए। इसकी कई देशों ने कड़ी
आलोचना भी की है।
रायटर्स के मुताबिक यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर
जेलेंस्की ने ब्रिटेन
के प्रधानमंत्री बोरिस जानसन और पौलेंड के राष्ट्रपति एंड्रेज डूडा से फोन पर बात
कर मदद मांगी है। जेलेंस्की ने बताया है कि सभी देश रूस के खिलाफ एक साझा कदम
उठाने को तैयार हैं। इससे पहले उन्होंने भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी, यूरोपीयन
यूनियन के राष्ट्रपति ऊरसुला वोन डेर लेयिन और लिथुआनिया, स्पेन
और पुर्तगाल के राष्ट्र प्रमुख से भी बात की थी। उन्होंने बोरिस
जानसन को कहा है कि अगले 24 घंटे यूक्रेन के लिए बेहद खास हैं।
कीव में वीकेंड कर्फ्यू हटा लिया गया है। सभी छात्रों
को पश्चिमी भागों की यात्रा के लिए रेलवे स्टेशन जाने की सलाह दी गई है। यूक्रेन
रेलवे निकासी के लिए विशेष ट्रेनें चला रहा है। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने
बताया है कि यूक्रेन में भारतीय दूतावास बुडापेस्ट (हंगरी) से छठी ऑपरेशनगंगा उड़ान के जरिए 240 भारतीय
नागरिकों को वापस दिल्ली लाया जा रहा है।
एएनआई के मुताबिक यूक्रेन संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई,
जिसके बाद चार मंत्रियों को यूक्रेन से भारतीयों की
सुरक्षित वापसी का जिम्मा दिया गया है। ये मंत्री यूक्रेन के पड़ोसी देशों में
जाएंगे और वहां से यूक्रेन में फंसे भारतीयों को बाहर निकालने में उनकी मदद
करेंगे। इन मंत्रियों में हरदीप सिंह पुरी,
ज्योर्तिादित्य सिंधिया, जनरल
(रिटायर्ड) वीके सिंह और किरण रिजिजू शामिल हैं। ये सभी केंद्रीय मंत्री विशेष दूत
की हैसियत से जाएंगे। बता दें कि बीते 24 घंटों के दौरान यूक्रेन पर पीएम द्वारा बुलाई गई ये
दूसरी हाई लेवल बैठक थी।
कोर्युकिवकाके बाहरी इलाके में लोग रूसी सैनिकों की आवाजाही को रोक रहे हैं। रिपोर्टों से पता चलता है कि रूसी सैनिकों ने दिशा-निर्देश मांगने के लिए रुक गए और उन्हें कीव की ओर बढ़ने से रोकने के लिए स्थानीय लोगों से घिरा हुआ था
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