बाजपुर शुगर मिल बंद हुई किसानो ने किया
परदर्शन सीई का किया घेराव पुलिस ने करवा
मामाला शांत/NEWS UPDATE
बाजपुर। चीनी मिल बुधवार को दूसरे दिन भी नहीं चली। इससे किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मिल अधिकारियों को खरी खोटी सुनाई। मौके पर पहुंचे डिप्टी चीफ इंजीनियर नारायण सिंह का घेराव कर दिया। मामला बढ़ता देख पुलिस बुलाई गई। एसडीएम के आश्वासन पर किसान शांत हुए।
बुधवार को भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष करम सिंह पड्डा के नेतृत्व बड़ी संख्या में किसान चीनी मिल परिसर पहुंचे। किसानों का आरोप है कि पेराई सत्र शुरू होने से अब तक चीनी मिल नियमित नहीं चली है जिससे किसान परेशान है। किसान दो दिन से गन्ना भरे वाहनों को लेकर भूखे-प्यासे खड़े हैं। अधिकारियों की लापरवाही के चलते चीनी मिल बंद हुई है जिससे चीनी मिल को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। पिछले दिनों गीली बैगास खरीद ली गई, जिससे मिल नहीं चल सकी। मिल प्रबंधन ने रात तक मिल सुचारू होने के आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया। किसानों ने मिल को नियमित चलाने को लेकर जमकर हंगामा किया। इस दौरान पहुंचे चीनी मिल के डिप्टी चीफ इंजीनियर नारायण सिंह का घेराव किया।
डिप्टी चीफ इंजीनियर नारायण सिंह ने आश्वासन दिया कि बैगास आने पर चीनी मिल को चालू कर दिया जाएगा। भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष करम सिंह पड्डा ने कहा कि मिल में चेयरमैन पद पर किसानों की तरफ से नियुक्त किया जाएगा। उसकी मौजूदगी में चीनी मिल का कार्य किया जाए। उन्होंने कहा दो करोड़ रुपए चीनी मिल की रिपेयरिंग के नाम पर खर्च कर दिए, लेकिन चीनी मिल सुचारु रूप से नहीं चल पा रही है। इस दौरान मौके पर पहुंचे एसडीएम ने किसानों की समस्याओं का समाधान करने और चीनी मिल को जल्द सुचारू करने का आश्वासन दिया। इस पर ग्रामीण शांत हुए। इस मौके पर अजीत प्रताप रंधावा, विक्की रंधावा, विजेंद्र डोगरा, दलजीत सिंह रंधावा, प्रताप सिंह संधू, गुरदीप सिंह, जमील अहमद, मोहम्मद रफी, इरशाद आदि थे।
बाजपुर चीनी मिल बंद होने से किसानों ने किया जमकर हंगामा
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किसानों की पीड़ा
चीनी मिल का पेराई सत्र शुरू होने बाद से मिल नियमित रूप से नहीं चली। कभी एक चेन के साथ चली तो कभी धीमी गति से चली। मिल में तैनात चीफ इंजीनियर और डिप्टी के बीच तालमेल नहीं होना भी एक अहम कारण है, जिसका खामियाजा किसान भुगत रहे हैं।
बाजपुर चीनी मिल आए दिन बंद रहने से किसान परेशान हैं। शासन-प्रशासन को किसानों के हित में कार्रवाई करनी चाहिए। मिल अधिकारी किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं हैं। किसानों की समस्याओं को लेकर चीनी मिल प्रशासक सहित अधिकारियों से शिकायत की जाएगी।
बाजपुर चीनी मिल सहकारिता क्षेत्र की नंबर वन फैक्टरी रही है, लेकिन मिल प्रबंधन की लापरवाही के चलते मिल की हालत बदहाल हो चुकी है। शासन स्तर से सकारात्मक पहल नहीं की जा रही है, जिससे किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन मिल बंद होने से नुकसान हो रहा है
चीनी मिल आए दिन खराब रहने से गन्ना लेकर जाने वाले किसान परेशान रहते हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। शासन-प्रशासन की अनदेखी के चलते कई सालों से सहकारिता क्षेत्र की चीनी मिल होने के बावजूद भी मिल बोर्ड का गठन नहीं हुआ है। इस कारण मिल अधिकारी मनमानी करते हैं।
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