नई दिल्ली भारत सरकार की नीतियों के खिलाफ कामगार संगठनों ने उठाई सूरत 30 मार्च का भारत देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया बैंक संगठनों ने इस हड़ताल का समर्थन करते हुए 2 दिन तक बैंकों को पूर्णतया बंद रखने का निर्णय लिया 2 दिन की बैंकों के हड़ताल के चलते परिवहन रेलवे रक्षा और बिजली आपूर्ति जैसी सेवाओं पर असर पड़ सकता है वहीं विद्युत मंत्रालय ने सरकार के सभी प्रतिष्ठानों और एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने के निरंतर बिजली आपूर्ति बनाए रखने के और राष्ट्रीय ग्रेड की स्थिरता सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं मजदूर संगठनों के केंद्रीय संयुक्त मंच ने कहा कि हरियाणा में चंडीगढ़ में आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून लागू करने की धमकी के बावजूद रोडवेज परिवहन और बिजली विभाग के कर्मचारियों ने हड़ताल में शामिल होने का फैसला किया है बैंकिंग बीमा वह वित्तीय क्षेत्र के सभी कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहेंगे बैंकिंग सेवाओं पर बढ़ेगा प्रभाव भारतीय स्टेट बैंक में कहा इस बंद के कारण सेवाओं में कुछ हद तक परेशानी हो सकती है लेकिन कामकाज को सामान्य तौर पर संचालित करने के लिए बैंकों में सभी इंतजाम कर लिए हैं पंजाब नेशनल बैंक ने अपने बयान में कहा कि कर्मचारी संगठनों में हड़ताल को लेकर हमें पहले नोटिस दिया है
लेकिन सेवाओं पर असर पड़ सकता है केनरा बैंक यूनियन बैंक आरबीएल बैंक मैं भी कहां की सेवाओं पर असर पड़ सकता है 2 दिन हड़ताल के बाद द्वितीय वर्ष के आखिरी दिनों में क्लोजिंग के कारण 30 31 मार्च को भी बैंकों में ग्राहकों मिलने वाली सेवाओं पर गहरा असर पड़ सकता है बैंक संगठनों की मांग निजी करण को रोका जाए अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ के महासचिव ने कहा कि हमारी मांग सरकारी बैंकों का निजी करण रोकना वह उन्हें और ज्यादा मजबूती प्रदान करना साथ ही जो कर्ज फंसे हुए हैं उनकी जल्दी वसूली बैंक द्वारा जमा दर ग्राहकों के लिए निम्न सेवा शुल्क में बैंक कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन बहाली की मांग की ह
इंटरनेट से मिली जानकारी पर आधारित समाचार
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