‘द’कश्मीर फाइल्स' अनुपम खेर ने पहले भी कश्मीरी पंडितों का दर्द बयां किया था , देखें अनुपम खेर का 29 साल पुराना ये वीडियो



द कश्मीर फाइल्स : फिल्म में अनुपम खेर ने कश्मीरी पंडित की भूमिका अदा की है। इस फिल्म से पहले भी वह कश्मीरी पंडितों के ऊपर हुए जुल्मों की दास्तां बयां करते आए हैं वह सोशल मीडिया पर इस फिल्म के आने के बाद उनके मस्लो को उठाते रहते हैं वह उनसे जुड़ी पोस्ट को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर करते रहते हैं। 

फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' फिल्म में अनुपम खेर ने एक्टिंग नहीं बल्कि अपने ऊपर हुए जुल्म के बारे में बताने की कोशिश की है अपनी शानदार और यह ठीक एक्टिंग का हवाला देते हुए उन्होंने उस समय हुए जुल्म की दास्तां बयां करने की कोशिश की हालांकि अनुपम खेर ने लगभग तीन दशक पहले का एक वीडियो शेयर किया


जिसमें उन्होंने कश्मीर पंडितों पर हुए जुल्म की दास्तां बयां की द कश्मीर फाइल फिल्म जहां पूरी दुनिया में देखी जा रही है वहीं कुछ कट्टरपंथी सोच के लोग इस फिल्म का विरोध भी कर रहे हैं यह जो वीडियो सोशल मीडिया पर दिखाई दे रहा है इसमें शिवसेना प्रमुख बाबा साहब बाल ठाकरे ने अनुपम खेर को किसी अवार्ड से सम्मानित किया है

अभिनेता अनुपम खेर ने फिल्म में कश्मीरी पंडित का रोल अदा किया है जिसे हर वर्ग के लोगों ने काफी पसंद किया और फिल्मी दुनिया से ताल्लुक रखने वाले लोगों ने इसकी सराहना भी की लेकिन एक बहुत ही मजे की बात यहां यह है कि किसी भी बड़ी फिल्मी हस्ती ने इस फिल्म के ऊपर किसी भी तरह की कोई टिप्पणी नहीं की कपिल शर्मा इस फिल्म के प्रमोशन के लिए मना करके जरूर सुर्खियों में रहे हम बात कर रहे हैं अभिनेता अनुपम खेर की जिन्होंने इस दर्द को बयां किया क्योंकि उन्होंने यह दर्द झेला उनके परिवार के ऊपर यह तमाम जो घटनाएं घटी वह उनमें शामिल रहा




जब से फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' रिलीज हुई तब से वह कश्मीरी पंडितों के दर्द को सोशल मीडिया के जरिए बयां कर रहे हैं। वह आए दिन कश्मीरी पंडितों के लिए खास पोस्ट शेयर करते रहते हैं।सोशल मीडिया परअनुपम खेर  काफी सक्रिय रहते हैं। वह खास पोस्ट्स शेयर करते रहते हैं। अनुपम खेर ने अपने इंस्टाग्राम पर अपना 29 साल पुराना एक वीडियो शेयर किया है। उनका यह वीडियो एक इवेंट का है। यह इवेंट दिल्ली में कश्मीरी पंडितों की ओर से आयोजित किया गया है।





इस वीडियो में भी अनुपम खेर पंडितों के दर्द को बयां करते नजर आ रहे हैं वीडियो में बाला साहब भी नजर आ रहे है। अनुपम खेर इस वीडियो में कह रहे हैं कि मैं आज यहां एक फिल्म एक्टर के रूप में नहीं यहां किसी खास अभिनेता के रूप में नहीं बल्कि एक ऐसे इंसान की एसिड से आया हूं जिसने अपने भाई भतीजे अपने परिवार को यह तमाम जन्म लेते हुए देखा हो मैं उस भाई और उस बेटे की वजह से यहां हूं जिन्हें अपने परिवार समेत अपना शहर अपनी जमीन छोड़नी पड़ी वह जमीन वह शहर जहां उनका बचपन बीता हो जहां हैरानी होती है यह सब देख कर कि कैसे कुछ कट्टरपंथी सोच के लोग बेघर कर देते हैं अपने ही लोगों को दुख होता है यह सब देख कर ।




अनुपम खेर अपने इस वीडियो में कई ऐसी यादों के बारे में भी जिक्र करते हुए नजर आ रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा क्या वह अपने  अपने चाचा और ताऊ को एक टूटे हुए ट्रक में 504 किलोमीटर दूर एक शरणार्थी कितना जाना पड़ा और हम से दूर रहना पड़ा जब घर खुद का हो हम अपने घर ही तो जाएंगे और हमें अपने घर से जाने से कोई ताकत रोक नहीं सकती क्योंकि अगर कोई शांतिप्रिय बिरादरी है तो वह कश्मीरी पंडित ही है इस वीडियो को शेयर करते हुए अनुपम खेर ने पोस्ट में यह भी लिखा की 1993 में कश्मीर में हिंदुओं पर हुए इस हत्याकांड और 10 शहर के बाद दिल्ली में पहली सभा कश्मीरी पंडितों की हुई थी मुझे एक समुदाय का विशेष व्यक्ति समझ कर बोलने का मौका दिया गया मैंने अपने ही देश में अपने ही लोगों के लिए शरणार्थियों के रूप में आवाज बनने की कोशिश की है ! सोशल मीडिया पर अनुपम खेर का वीडियो वायरल हो रहा है। 


सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित समाचार 

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