रूस यूक्रेन युद्ध समाचार : रुसी सेना ने अपने रणनीति बदलते हुए अब डोनबास पर अपनी नजरें जमा ली है इसके पीछे पुतिन के इरादे क्या है
हम अपना सारा ध्यानअब डॉनबास एरिया पर केंद्रित कर रहे हैं
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा है युद्ध को आज एक महीने के करीब हो गया है रूसी सेना ने अपनी युद्ध रणनीति पर बहुत बड़ा बदलाव किया है रूसी अधिकारियों ने कहां की रूसी सेना और यूक्रेन के बीच जारी लड़ाई में हम अपना सारा ध्यानअब डॉनबास एरिया पर केंद्रित कर रहे हैं हमने अपनी युद्ध रणनीति में बदलाव करते हुए कि यूक्रेन से अपना ध्यान हटाकर डॉनबास एरिया की ओर कर दिया है
अधिकारियों ने कहा कि युद्ध के इस नए केंद्र में शुरुआत पहले से बेहतर हो सकती है हालांकि रूस की इस नई युद्ध रणनीति के नतीजे क्या निकलते हैं यह तो अभी आने वाला समय ही बताएगा इस तरह से रूस के कीव से पीछे हटने के विशेषज्ञ क्या मायने निकाल रहे हैं बता दे रूसी सेना के उपप्रमुख जनरल से सेगई रूट्सको ने कहां की रूसी सेना ने अपने पहले दौर के विशेष सैन्य अभियान में अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है
उन्होंने दावा किया कि रूसी सैन्य बलों ने यूक्रेन के लड़ाकू सैन्य क्षमता को बहुत ज्यादा कमजोर किया व नुकसान पहुंचाया है इसके साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि रूस की सेनाएं अब अपने लक्ष्य जोकि उनके अनुसार यह लक्ष्य मुख्य नजर आता है डॉन बास की आजादी पर सारा ध्यान केंद्रित रखेंगी रूस के उपसेनाध्यक्ष कर्नल संगई के इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं
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यूक्रेन के तगड़े पलटवार से जो नुकसान हुआ उसे नजरअंदाज किया जा रहा है
अमेरिका और अन्य देशों ने यूक्रेन को गोला बारूद व अन्य मिसाइल बख्तरबंद गाड़ी वे अन्य हत्यारों की आपूर्ति को पहले से ज्यादा कर दिया है इससे यूक्रेन के कई हिस्सों में अब उनका पलड़ा भारी होता नजर आ रहा है रूसी सेना की ओर से इस तरह से जवाबी कार्रवाई के चलते रूस की है ना अब बहुत बड़े दबाव में दिख रही है शुरुआत में यूक्रेन को ब्लैक सी के तट पर रूसी जंगी बेड़े को तबाह करने में एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल हुई थी अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी कहा कि रूस और यूक्रेन के कुछ शहरों में बड़े पलटवार की आशंका है वह रूसी सेनाओं को इस पलटवार का सामना करना पड़ सकता है यूक्रेन के राष्ट्रपति जलेसकि के अनुसार कीव में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला यूक्रेन के राष्ट्रपति युद्ध को खत्म करने के लिए रूस के राष्ट्रपति से अपील की उन्होंने साफ कर दिया कि यूक्रेन किसी भी हाल में अपने हिस्से अपनी जमीन अपने शहर छोड़ छोड़ेगा नहीं इसके साथ ही उन्होंने रूस से निष्पक्ष शर्त रखी और अपने नागरिकों के लिये एकता और अखंडता की गारंटी चाहि उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि यूक्रेन के लोग किसी भी तरह का गलत निर्णय स्वीकार नहीं करेंगे यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के इस मजबूत रुख से स्पष्ट हो गया है कि यूक्रेन अपने क्षेत्र में किसी भी तरह के बदलाव करने के मूड में नहीं है और ना ही वह किसी तरह का समझौता करने के लिए राजी हो सकता है
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अमेरिका के रक्षा अधिकारी ने कहा कि एक महीने से जारी लड़ाई में धीरे धीरे रूसी सेना अब कमजोर पड़ती दिख रही है
पहले तो रूसी सेना ने यूक्रेन पर बड़े हमले किए लेकिन अब वह आगे नहीं जाना चाहते यही कारण रहा कि उनका फोकस अब डोनबास पर टिका है पुतिन अब तक स्पष्ट नहीं कर पाए की उनके यूक्रेन को लेकर क्या इरादे हैं क्या करना चाहते हैं हालांकि इस दलदल से निकलने का रास्ता भी तलाश रहे हैं रूसी राष्ट्रपति पुतिन ।
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यह कहते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रोनी ने कहां की यह बयान दिलचस्प है कि उसने अपना ध्यान हटा लिया है वहीं वाशिंगटन थिंक टैंक स्केटर इंस्टिट्यूट के रक्षा अधिकारी सैमनस का कहना है कि रूस यूक्रेन में बने अपने ही जाल से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है वह उसका रास्ता तलाश रहा है यह डोंबास पर ध्यान केंद्रित करने की बात अपनी हार को स्वीकार किए बिना सेनाओं को वापस बुलाने का एक जरिया है इस बारे में सीआईए के प्रमुख डायरेक्टर और रक्षा सचिव गेटस बोले की रूसी राष्ट्रपति को यूक्रेन में अपनी सेना का प्रदर्शन देखकर निराशा भी हाथ लगी रूसी सैनिकों को यह पता नहीं कि उनका लक्ष्य क्या है यही नहीं उनके साथ कमांड एंड कंट्रोल के स्तर पर भी बड़ी समस्याएं आ रही हैं यह रूस की छोटी सोच और घटिया रणनीति को दर्शाती है ।
अफगानिस्तान और अन्य जगहों पर जंग पर शोध करने वाले कोलंबिया विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय मामलों के प्रोफेसर विडल का कहना है अभी भी रूस के इरादों को समझना कठिन है वह क्या करना चाहते हैं रूसी राष्ट्रपति के मन में क्या है यह जान पाना अभी मुश्किल है उनका लक्ष्य डोनबास को लेकर क्या है यह आने वाले दिनों में कलियर हो जाएगा रूसी राष्ट्रपति क्या करना चाहते हैं वह अपनी सेनाओं को डॉनबॉस पर क्यों डायवर्ट कर रहे हैं उनके पीछे उनके इरादे क्या है यह समझ पाना मुश्किल है यह जंग क्या रूप लेगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा
इंटरनेट व सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित समाचार
पत्रकार व लेखक जितेंद्र सोनी
एडिटर हर्ष सोनी
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