रूस यूक्रेन युद्ध:पश्चिमी देशों के प्रतिबंध क्रेमलिन को प्रभावित नहीं करेंगे रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने कहा
इस बीच रूस के पूर्व राष्ट्रपति और सुरक्षा परिषद के उप अध्यक्ष दमित्री मेदवेदेव ने एक बहुत बड़ा बयान दिया उन्होंने कहां रूसी व्यवसाई के खिलाफ पश्चिमी देशों का प्रतिबंध सरकार पर कोई प्रभाव नहीं डालेगा इस बात पर किसी भी तरीके से विश्वास करना हास्य पद होगा पूर्व राष्ट्रपति डिमित्री एक इंटरव्यू में बोल रहे थे की प्रतिबंध केवल रूस के लोगों को वह रूसी सरकार को मजबूत बनाएंगे ना कि यह अधिकारियों के साथ असंतोष का कारण बनेगी यूक्रेन पर हमले के बाद यूरोपीय देशों ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए पूर्व राष्ट्रपति तेतरी में कहा कि कुछ प्रतिबंधों ने विशेष रूप से राष्ट्रपति पुतिन के करीबी कहे जाने वाले बड़े व्यवसायियों को कुछ हद तक प्रभावित किया है
कठिन परिस्थिति में देश के खिलाफ स्टैंड नहीं ले सकते क्योंकि यह देशद्रोह है
दिमित्री ने कहा कि कई सर्वेक्षणों में यह बात भी सामने आई है कि तीन चौथाई रूसी नागरिकों ने 1 रन पर जैन ने हमले केमलिन के फैसले पर अपना समर्थन जाहिर किया इससे भी अधिक राष्ट्रपति पुतिन को समर्थन मिला उन्होंने रूस के नागरिकों पर नाराजगी जताई वह उन्होंने कहा कि अधिकारियों के कुछ फैसलों से आप संतुष्ट हो सकते हैं लेकिन अधिकारियों के लोचना नहीं कर सकते इतनी कठिन परिस्थिति में देश के खिलाफ स्टैंड नहीं ले सकते क्योंकि यह देशद्रोह है एक स्वतंत्र विरोध निगरानी समूह के अनुसार इस महीने की शुरुआत में यूक्रेन पर हमले के बाद पुतिन के खिलाफ रूस में विरोध प्रदर्शनों में सैकड़ों लोग हिरासत में लिए गए
रूस यूक्रेन युद्ध: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा है युद्ध को आज एक महीने के करीब हो गया है रूसी सेना ने अपनी युद्ध रणनीति पर बहुत बड़ा बदलाव किया है रूसी अधिकारियों ने कहां की रूसी सेना और यूक्रेन के बीच जारी लड़ाई में हम अपना सारा ध्यान अब डॉनबास एरिया पर केंद्रित कर रहे हैं रूसी सेना ने शनिवार को चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र के नजदीक के स्लावुटिच कस्बे पर कब्जा कर लिया, इसमें संयंत्र के अधिकारी-कर्मचारी रहते हैं। तटवर्ती शहर मारीपोल में भी लड़ाई अंदरूनी सड़कों तक पहुंच गई है। चार्निहीव शहर पर भी भीषण बमबारी की खबर है। वहीं रूसी सेना की रणनीति बदले जाने पर यूक्रेन के राष्ट्रपति ने निशाना साधा है।
पूर्वी यूक्रेन के इस इलाके के कुछ हिस्सों पर रूस समर्थित विद्रोहियों ने 2014 में कब्जा कर लिया था।
उन्होंने कहा कि हमारी सेना रूस को कड़ा जवाब दे रही है जिसके चलते उसे अपनी रणनीति बदलना पड़ा है।इस बीच रूस ने युद्ध का पहला चरण पूरा होने की घोषणा की है और कहा है कि यूक्रेनी सेना की क्षमता कम करने में उसे काफी हद तक सफलता मिल गई है। अब उसकी सेना का ध्यान डोनबास (डोनेस्क और लुहांस्क) इलाके पर होगा। रूस अब इस पूरे इलाके पर कब्जा करना चाहता है। लुहांस्क के करीब 95 प्रतिशत इलाके पर रूस के कब्जा करने की खबर है।रूसी सेनाओं के उप प्रमुख जनरल सर्गेई रत्स्काय ने कहा है कि योजना के अनुसार यूक्रेन में हमारे सैन्य अभियान का पहला चरण पूरा हुआ।
इंटरनेट व सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित समाचार
पत्रकार व लेखक जितेंद्र सोनी
एडिटर हर्ष सोनी
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