करोना अपडेट कोविड-19 वायरसअभी पूरी तरह से दुनिया में खत्म नहीं हुआ और डब्ल्यूएचओ ने एक और महामारी की चेतावनी जारी कर दी



करोना अपडेट समाचार : के अनुसार कोरोनावायरस के कहर से अभी दुनिया के सभी देश पूरी तरह से निजात नहीं पा सके हैं इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन में भविष्य की महामारी को लेकर चेतावनी जारी कर दी है विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि कीड़ों से पैदा होने वाली बीमारियां जोखिम को और ज्यादा बढ़ा सकती है ऐसे में इन बीमारियों से एक और महामारी खेल सकती है यह बीमारियां एक और बड़ी महामारी का कारण भी हो सकती है 

डब्ल्यूएचओ के अनुसार कीड़ों से उत्पन्न होने वाली बीमारियां एक महामारी का रूप धारण कर सकती है 

इन बीमारियों में येलो फीवर चिकनगुनिया जी का डेंगू आदि बीमारियां भी शामिल है जो मच्छरों और अन्य कीड़ों की प्रजातियों के कारण फैलती है जिका वायरस अफ्रीकी देशों में पहले एक बहुत बड़ी महामारी का रूप ले चुका है ऐसे में डब्ल्यूएचओ की चेतावनी के बाद दुनिया भर के देशों में इन बीमारियों को लेकर चिंता बढ़ गई है तमाम देशों के स्वास्थ्य विभाग टेंशन में आ गए हैं दुनिया के कुछ ऐसे इलाके हैं जहां खतरा बहुत ज्यादा हो सकता है सूत्रों के अनुसार डब्ल्यूएचओ के अनुसार कीड़ों से उत्पन्न होने वाली बीमारियां एक महामारी का रूप धारण कर सकती है 

इन होने वाली बीमारियां एक बड़ी महामारी के तौर पर लिस्ट में सबसे ऊपर आ गई है विशेष रुप से प्रैक्टिकल और सब ट्रॉपिकल इलाके दिल में रहने वाले लोगों के लिए यह ज्यादा खतरा पैदा कर सकते हैं इनमें से दुनिया भर के कई देश इन इलाकों में आते हैं जिनमें 400 करोड़ के करीब जनसंख्या रहती है वही विशेषज्ञ कोविड-19 पुनरावृति को रोकने के लिए एक रणनीति बनाना चाहते हैं जिससे कि कॉमेंट नहीं को दोबारा पनपने का मौका ना मिले और वह अपने पैर ना फैला सके इनमें से कई बीमारियों में पहले ही चेतावनी दी लेकिन हम लापरवाही बरते रहे है

डब्ल्यूएचओ में ग्लोबल इनफेक्शियस हिजड़े टीम के डायरेक्टर दिल भी बदले बताया कि 2 साल से हम लोग करो ना जैसी महामारी से जूझ रहे हैं और हमने कठिन तरीके से अपनी जिंदगी को जीना शिखा है उन्होंने कहा कि भविष्य में नुकसान होने से बचने के लिए हमें हर तरह से तैयारी करने की जरूरत है हमारे पास 2003 में सांस बीमारी के बाद अगली महामारी के लिए तैयारी करने का मौका था इन्फ्यूज ऊर्जा 2009 में चेतावनी दी पर हम तैयारी नहीं कर सके यूएसटी ग्लोबल अरबोवायरस इनिशिएटिव के शुभारंभ पर उन्होंने बताया कि आने वाली महामारी अरेवोवायरस की वजह से भी उत्पन्न हो सकती है 




जो कि मच्छर और लकीरों से उत्पन्न होने वाली बीमारियां संघ में शामिल है उन्होंने बताया कि हमारे पास कुछ ऐसे संकेत हैं कि जोखिम बढ़ रहा है डब्ल्यूएचओ की नई ग्लोबल अरबोवायरस इंसेंटिव के गठन का उद्देश्य की जमीन खतरों से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाना है इन बीमारियों से दुनिया में तबाही मच सकती है 2016 में जिका वायरस में89 ज्यादा देशों में लोगों को भारी नुकसान झेलना पड़ा था और तबाही मच गई थी जबकि येलो फीवर साल 2000 से लगातार अपना दायरा बढ़ा रहा है इस बीमारी के दुनिया में 40 से अधिक देशों में फैलने का खतरा है इसके कारन पीलिया और खून की उल्टी के मरीज बढ़ रहे हैं डेंगू भी 300 मिलियन लोगों को 130 देशों में संक्रमित कर रहा है इस कारण इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जान जा रही है चिकनगुनिया भले ही जान लेने में सबसे नीचे हो लेकिन 115 देशों में इसका प्रभाव देखा जा सकता है



इंटरनेट में सूत्रों से मिली जानकारी पर प्रकाशित समाचार

पत्रकार जितेंद्र सोनी राजस्थान 


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