पाकिस्तान राजनीतिक समाचार: इमरान खान को अपनी गलती का हुआ है एहसास भारत के खिलाफ3 साल से जहर उगल रहे थे अब करने लगे तारीफ



पाकिस्तान समाचार : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की सत्ता का जाना लगभग तय है इमरान खान ने सत्ता में रहते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के खिलाफ खूब जहर उगला और 3 साल तक खूब गालियां दी और अपनी सत्ता चमकाने की हर कोशिश की लेकिन अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान विपक्षी पार्टियों द्वारा की गई किलेबंदी में फर्स्ट चुके हैं और उनके सप्ताह जा चुकी है फिलहाल प्रधानमंत्री इमरान खान पाकिस्तान के केयरटेकर प्रधानमंत्री के रूप में काम कर रहे हैं 

और ऊपर से उन्होंने मध्यवर्ती चुनाव करवाने का ऐलान कर सुप्रीम कोर्ट में भी अपनी जान बचा ली है इमरान खान ने अपने 3 साल के कार्यकाल के दौरान भारत के प्रधानमंत्री और बीजेपी के खिलाफ खूब जहर उगला उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति के खिलाफ भी खूब अपशब्द बोले और जहर उगला ताकि उनकी सत्ता बनी रहे और उनकी राजनीति चमकती रहे कश्मीर को लेकर इमरान खान संयुक्त राष्ट्र से ओवैसी तक कश्मीर का राग अलाप दे रहे और उनके आगे रोना रोते रहे यह सब कश्मीरी आवाम को बुझाने के लिए उन्होंने किया सत्ता गंवाने के बाद इमरान को अकल आ गई है 



और अब वह बाजी पलटने के चक्कर में है और साथियों अपने बयानों से भी पलट रहे हैं आप जितने वह भारत की बुराई कर चुके हैं उससे ज्यादा तारीफ करते हुए दिखें इमरान खान की भारत की तारीफ करना कोई साधारण चीज नहीं है इसके पीछे भी भारत सरकार की सफलता है इमरान खान द्वारा भारत की तारीफ करना इस पर पाकिस्तान के एक वरिष्ठ पत्रकार हेलो कल सारा ने अपने बयान में कहा कि इमरान एकदम से भारत की विदेशी नीति के बड़े प्रशंसक बन गए और भारतीय विदेश मंत्रालय की उन्होंने खूब तारीफ की है उन्होंने कहा कि मैं आशा करता हूं कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के भारत की आरएसएस और हिंदुत्व पर निशाना साधने तथा पीएम मोदी को नाजी बताने जाने के गांव भर जाएंगे उन्होंने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री कार्यालय और भारतीय विदेश मंत्रालय की एक बड़ी कामयाबी यह है कि उन्होंने उन देशों को अपने साथ मिला लिया है 


जो परंपरागत रूप से पहले पाकिस्तान के साथ थे और पाकिस्तान के साथ उनकी दोस्ती रही कल सारा ने अपने बयान में यह भी कहा कि भारत ने कश्मीर में बहुत ऊंचे दर्जे में बदलाव किया और पाकिस्तान के दोस्तों को भी इस मुद्दे पर अपने साथ मिलाने में वही बात समझाने में कामयाब हुए यह उनके लिए कितना जरूरी था वही शाह महमूद कुरैशी के नेतृत्व में पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर पूरी तरह से नाकाम हुआ और कश्मीर के मुद्दे को सही ढंग से उनके सामने नहीं रख सका कैलाशरा का विश्लेषण पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के बीते 3 साल के शासनकाल की बात करें तो वह अपने आप में ठीक भी है 



क्योंकि इमरान ने प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठने के बाद भारत को इस्लामिक देशों के जरिए गिरने का प्रयास किया लेकिन भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के दोस्तों जिनमें सऊदी अरब युक्त अरब अमीरात कुवैत बहरीन ओमान आदि देश थे जिन्हें को अपने पाले में कर चुके हैं भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को उनके शासनकाल के शुरू में ही कूटनीतिक रूप से बहुत बड़ा सबक दिया था सऊदी अरब के नेतृत्व वाले जिस ओआईसी के दम पर पाकिस्तान इतना चलता था वह पहली बार भारत की एंट्री हो गई 


 2019 में भारत और पाकिस्तान के बीच जबरदस्त तनाव था इसी बीच उस समय के तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज में यू यूएई के अबू धाबी में आयोजित 57 मुस्लिम देशों के एक संगठन ऑर्गेनाइजेशन आफ इस्लामिक कोऑपरेशन की एक मीटिंग में संबोधित किया आयुष वी के विदेश मंत्रियों की इस बैठक में हिंदुस्तान को गेस्ट आफ ऑनर के तौर पर आमंत्रित किया गया इसमें बड़ी बात यह थी कि पाकिस्तान जो कि इस संगठन का संस्थापक सदस्य भी है इस बैठक में उसे शामिल ही नहीं किया गया या यूं कहें कि उसे बुलावा ही नहीं भेजा गया आयुषी में भारत को मौका मिलना पाकिस्तान के इमरान खान के लिए एक झटका था हिंदुस्तान को मिलने से पाकिस्तान की सरकार में महारथी पाकिस्तान में oic के इस कारण का कार्यक्रम का विरोध भी किया था पाकिस्तान की कोशिशों के बाद भी oic ने हिंदुस्तान को भेजा हुआ मैं होता किसी कीमत पर भी रद्द नहीं किया पाकिस्तान की मिलान सरकार ने तत्कालीन विदेश मंत्री मोहम्मद कुरैशी ने संसद में ओवैसी की बैठक में जाने का एलान करते हुए यह बयान दिया था कि वह कैसे यूंही के क्रॉउन प्रिंस को उनके पिता के साथ संबंधों का वास्ता देकर इस बात के लिए राजी करते रहे लेकिन उन्होंने हमारी एक नहीं चलने दी दर्शन मुस्लिम जनसंख्या के लिहाज से दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मुल्क भारत है और भारत आयुषी का सदस्य भी नहीं है और ना ही उसे संगठन ने पर्यवेक्षक राष्ट्र का दर्जा दे रखा है लेकिन इसके बाद भी आईओसी की तरफ से भारत को इस तरह निमंत्रण देना पाकिस्तानी सरकार के लिए एक बहुत बड़ा झटका था 


इस तरह भारत की एक बड़ी कूटनीतिक जीत हुई और पाकिस्तान की सरकार के लिए यह एक पराजय जैसा था वह हमेशा से इस प्लेटफार्म का उपयोग भारत के खिलाफ करता रहा है इस संगठन में भारत की एंट्री का वह विरोध भी करता रहा है थाईलैंड और रूस जैसे कम मुस्लिम आबादी वाले देशों को भी ओआईसी के पर्यवेक्षक का दर्जा मिला हुआ है 



लेकिन 18 पॉइंट 5 करोड़ मुस्लिम आबादी वाले देश हिंदुस्तान को यह दर्जा नहीं दिया गया कश्मीरी मामले पर इस्लामिक देशों ने पाकिस्तान का साथ नहीं दिया और अरबों डालर का निवेश किया भारत में भारत ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 को खत्म कर दिया जिसके बाद पाकिस्तान ने इस्लामिक देशों को इकट्ठा करके भारत को गिरने की कोशिश की पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और उनके मंत्री कई बार खाड़ी देशों की यात्रा पर भी गए लेकिन उन्हें जुबानी बयान के अलावा किसी भी तरह की कोई मजबूत वह लिखित उपलब्धि हासिल नहीं हुई

भारतीय विदेश मंत्रालय के इस कूटनीतिक प्रयास का असर रहा कि सभी इस्लामिक देशों के नेता हिंदुस्तान के दौरे पर आए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्होंने मुलाकात की और यही नहीं कश्मीर में भारत की प्रस्तुति का हर तरह से विरोध कर रहे पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका उस समय लगा जब पाकिस्तान के दोस्त यूएई में ने जम्मू कश्मीर में अरबों डालर निवेश करने की बात कही जम्मू कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा के बयान के अनुसार ढाई अरब डॉलर के निवेश पर समझौता हुआ जिसके तहत रियल स्टेट बुनियादी ढांचा पर्यटन स्वास्थ्य मंत्रालय और जनशक्ति रोजगार क्षेत्र में निवेश के लिए कुल 6 समझौते हुए इस आयोजन में यूंही के दिग्गज कारोबारियों ने भी भाग लिया जम्मू-कश्मीर सरकार ने अल्माया समूह एम ए डी यू इन्वेस्टमेंट्स एलएलसी जीएल एंप्लॉयमेंट ब्रोकर्स एलएलसी सेंचुरी फाइनैंशल और नूनी कॉमर्स के साथ अलग-अलग पांच एमओयू पर सहमति कर हस्ताक्षर किए इन वेसू के प्रस्ताव से पाकिस्तान के इस दावे की पोल खुल गई 



भारत कश्मीर में कश्मीरी नागरिकों को परेशान करता है वह वहां हिंसा करवाता है और मानवाधिकारों की दुहाई भी देता नजर आया पाकिस्तान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने हिंदुस्तान के इस गांव को उसी के रणनीति पर मात देने के लिए रूस के साथ दोस्ती बढ़ानी शुरू कर दी अफगानिस्तान में तालिबान राज ने पाकिस्तान को यह एक और मौका दिया लेकिन उसका यह ख्वाब यूक्रेन युद्ध की भेंट चढ़ गया इसका नतीजा यह रहा कि जहां एक तरफ पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की कुर्सी चली गई 



दूसरी तरफ और वो डालना और हत्यारों की मदद देने वाला ब्रेक का भी पाकिस्तानी सरकार से पूरी तरह अलग हो गया इमरान खान ने अपनी सरकार को गिराने में बाहरी ताकतों में अमेरिका का नाम लेकर उसे और ज्यादा चिड़िया और रही सही कसर पूरी कर दी वहीं भारत में केवल अमेरिका बल्कि रूस के साथ अपने संबंध सुधारे और उन्हें और बेहतर बनाया अब इमरान खान को अपनी उस गलती का एहसास हुआ खुद इमरान खान भारत की तारीफ करते नजर आया आ रहे हैं उन्होंने अपने एक बयान में कहा मैं आज भारत को दाद देता हूं उन्होंने हमेशा एक आजाद विदेश नीति का पालन किया आज भारत कमरे का के साथ वार्ड में गठबंधन है 



और रूस से तेल खरीद रहा है जबकि प्रतिनिधि लगे हुए हैं क्योंकि भारत के लिए भी अपने लोगों के लिए है यह बयान उन्होंने भारत के पक्ष में दिया या अपनी राजनीति बचाने के लिए एक नया पैंतरा आजमाया है अब यह है कि इमरान खान की सरकार चली गई है और वह सत्ता में दोबारा नहीं लौट सकेगी यह भारत के लिए एक बहुत बड़ी जीत भी है

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