उत्तराखंड समाचार : गर्मी के सीजन में जंगल में आग लगने की घटनाएं बढ़ी दूसरा कारण जंगल के आसपास कृषि भूमि पर बनने वाली अवैध कॉलोनियों व अवैध खनन भी है



उत्तराखंड समाचार : गर्मी के सीजन में जंगल में आग लगने की घटनाएं बढ़ी दूसरा कारण जंगल के आसपास कृषि भूमि पर बनने वाली अवैध कॉलोनियों व अवैध खनन भी है । 



उत्तराखंड समाचार : गर्मी का सीजन शुरू हो गया है इसके साथ ही उत्तराखंड के जंगलों में आग लगने का सिलसिला शुरू हो गया है पिछले 12 घंटों में 8 जगहों पर जंगल में आग लगी 214 हेक्टर के करीब जंगल जला सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गढ़वाल में कार्य क्षेत्र 1 क्षेत्र में आग लगने की 7 घटनाएं और कुमाऊं में कुल 8 घटनाएं हुई है। 


इसमें 4.75 हेक्टर जंगल के क्षेत्र को नुकसान हुआ उन्होंने कहा कि इस फायर सीजन में 1 आदमी की अब तक 162 के करीब घटनाएं घट चुकी है इससे 214 टन वन भूमि प्रभावित हुई है प्रदेश में रविवार को बीते 12 घंटों के दौरान आठ स्थानों पर आगजनी की घटनाएं सामने आई और गढ़वाल में 7 और कुमाऊं के जंगलों में बेबी एक स्थान पर आग लगने की सूचना मिली जिससे करीब 4:45 एक्टर के करीब जंगल की संपदा को क्षति हुई है। 


और करीब ₹10 हजार का आर्थिक नुकसान होने की सूचना है मुख्यमंत्री क्षक 1 आदमी एवं आपदा प्रबंधन निशांत वर्मा ने कहा कि रविवार को गढ़वाल में आरक्षित क्षेत्र में 7 जगहों पर आग लगी और कुमाऊं में एक जगह पर आग लगने की घटना सामने आई कुल मिलाकर 8 जगहों पर जंगल में आग लगने की घटनाएं हुई उन्होंने बताया कि इस सीजन में  एक आदमी की अब तक 10760 घटनाओं के करीब हुई है ।



जंगल में आग लगने की घटनाओं के बाद अब तक करीब ₹6 लाख रुपए का नुकसान हुआ है उन्होंने कहा कि जंगलों को आग से बचाने के लिए ग्रामीणों और राहगीरों को भी अपनी भूमिका निभानी होगी इस दौरान यदि किसी को भी जंगल में कहीं आग लगी दिखाई देती है तो उन्हें संबंधित रेंज कलर ले डीएफओ कराने या आफताब कंट्रोल रूम को इसकी सूचना देनी चाहिए ताकि समय रहते उस जंगल की आग पर काबू पाया जा सके और नुकसान को कम किया जा सके जंगल में आग लगने की घटनाएं यूं तो हर वर्ष होती हैं।



और होती आई है लेकिन हमें सोचना होगा कि यह दिन-ब-दिन बढ़ती क्यों जा रही है उनका सबसे बड़ा कारण जंगल के आसपास कृषि भूमि को खत्म कर उस में बनाए जाने वाले आवासीय कॉलोनियां और नदियों में अवैध खनन करने वाले इसके लिए मुख्य जिम्मेदार हैं जंगलों के आसपास अवैध तरीके से आवासीय कॉलोनियां बनाना जंगलों के लिए बहुत बड़ा खतरा साबित हो रहा है ।


साथ में ही अवैध खनन के लिए भी जंगल में नदियों का इस्तेमाल करना और ज्यादा जंगलों में तबाही लाने क्या संकेत देता है सरकार को इस ओर ध्यान देना होगा कड़े कदम उठाने होंगे कि जंगल के आसपास कृषि भूमि पर कॉलोनियां घटना व अन्य व्यवसायिक गतिविधियां चलाना बिल्कुल बंद करना होगा अगर वह जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क की खूबसूरती बरकरार रखना चाहते हैं ।


आने वाले सैलानियों को देखने के लिए बहुत मशक्कत करनी पड़ेगी क्योंकि जंगल के आसपास जो कृषि भूमि है उस पर गलत ढंग से करो नियर काटकर उन्हें इलाकों में तब्दील कर बेचा जा रहा है जिससे जंगल के जीवन पर बहुत भारी असर पड़ेगा और हमारे जंगल नष्ट होते जाएंगे ।



इसी तरह की आंख की घटनाएं बढ़ती जाएगी माननीय कोर्ट को भी इस और संज्ञान लेना चाहिए कि जंगल के आसपास के क्षेत्र में वह कृषि भूमि पर अब कॉलोनियां कटना बंद हो वह जो कॉलोनियां कट चुकी है उन पर किसी तरह का निर्माण नहीं होना चाहिए क्योंकि यह निर्माण जंगल के लिए खतरा साबित होंगे जंगल जिसे देखने के लिए दूर-दूर से चलाते हैं वह धीरे-धीरे सीमेंट रहे हैं और उसके आसपास बड़ी बड़ी बिल्डिंग खड़ी हो रही है जो कि जंगल की सुंदरता को खत्म कर रही है इस और ध्यान देने की जरूरत है।


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