पाकिस्तान समाचार : कप्तान ने फेरा जनरल के मंसूबों पर पानी , इमरान खान द्वारा संसद भंग करने की पहल से सेनाध्यक्ष बाजवा के सपने टूटे उनकी उम्मीदों पर फिरा पानी/ विशेषज्ञ की राय जाने


पाकिस्तान समाचार : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली वोटिंग को असेंबली के उप स्पीकर के साथ मिलकर रद्द करवा दिया और मध्यवर्ती चुनाव करवाने के लिए राजी कर लिया और इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान के राष्ट्रपति के साथ बैठक की और उस बैठक में संसद को भंग करने की अपील की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने संसद भंग करने की पहल करके सेना प्रमुख के उन अरमानों पर पानी फेर दिया जिसमें वह इमरान खान का तख्तापलट कर सत्ता हासिल करना चाहते थे 



एक रक्षा विशेषज्ञ के अनुसार इमरान ने सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा दो मंसूबों को धराशाई कर दिया है ईद में थे पाकिस्तान को एक्स एक्स एक्स की ग्रे लिस्ट से बाहर निकालना और तालिबान शासन को वैश्विक स्तर पर मानता दिलाना शामिल है रक्षा क्षेत्र के कमला गाने इस पर क्या कहा कमल ने कहा कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा चाहते थे 

कि पाकिस्तान को एफएटीएफ की कुछ लिस्ट से बाहर लाया जाए जिसे ग्रे लिस्ट और अफगानिस्तान में तालिबान सरकार को मानता दिलाने के इमरान के बयान पर भी जंगल कमल जावेद बाजवा को परेशानी है यही कारण है कि अमेरिका के साथ वह संबंध को और बेहतर बनाना चाहते हैं लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने उनकी इस मंशा को नाकाम कर दिया अब यह आलम है कि सेना भी पाकिस्तान की आवाम का पूरी तरह से समर्थन गवां चुकी है 



इसीलिए इमरान को हटाना ही उनके पास एकमात्र विकल्प बचा है कमला काकी बात की जाए तो उन्होंने कहा पाकिस्तानी सेना भले ही इस खींचतान से खुद को अलग रखने का कह रही हो लेकिन इमरान खान थे वह अभी भी पूरी तरह से खु श नहीं है इमरान खान ने खुद को पाकिस्तान की सत्ता से हटाए जाने के पीछे अमरीका का नाम लेकर यह गड़बड़ी कर दी कि सेना चीन और अमेरिका के बीच बराबरी रखना चाहती थी यही वजह है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने सेना से दूरियां बना ली है वहीं पर अफगानिस्तान में तालिबान को स्थापित हुए अभी ज्यादा समय नहीं हुआ वैश्विक स्तर पर एक सरकार के तौर पर तालिबान की मान्यता अभी स्वीकृत नहीं हुई है 




ऐसे में मैदान की ओर से पाकिस्तान की संसद को भंग करने का यह बयान उनकी यह कोशिश एक बड़ा परिवर्तन कर सकती है विपक्ष ने कहा कि देश का संविधान अब खतरे में आ गया है वही एक समाचार एजेंसी रायटर ने एक रिपोर्ट में कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के कदम को उनके विपक्षी नेताओं की मोर्चाबंदी से अब पाकिस्तान में अनिश्चितता का डोर चालू हो गया अब पाकिस्तान की नजरें सुपर सुप्रीम कोर्ट पर टिकी है अब सुप्रीम कोर्ट इस पर क्या फैसला देगा या मध्यवर्ती चुनाव को भी मंजूरी दी जा सकती है लेकिन इमरान खान ने राष्ट्रपति को संसद भंग करने के लिए राजी करने कर लिया है जिससे बाजवा के तमाम सपनों को तोड़ दिया है 



सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित समाचार

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