महाराष्ट्र समाचार : राजधानी का माहौल बिगड़ने के बाद अब महाराष्ट्र में आम लोगों को भड़काया जा रहा है , बोले शरद पवार

बीते दिनों देश के कई शहरों में हुई  संप्रदायिक हिंसा की घटनाओं  पर चर्चा करते हुए एनसीपी चीफ और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने बुधवार को केंद्र सरकार पर भी जमकर निकाली अपनी भड़ास 

महाराष्ट्र समाचार : बीते दिनों देश के कई हिस्सों मैं हुई सांप्रदायिक हिंसा से जुड़ी घटनाओं का जिक्र करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने  केंद्र सरकार पर बुधवार को जमकर अपना गुस्सा निकाला शरद पवार ने दिल्ली में हुई  सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि  दिल्ली में हालात ठीक नही हैं और वहां तनाव कि स्थिति बनी हुई है उन्होंने कहा कि अब ऐसी ही स्थिति महाराष्ट्र में भी बनाई जा रही है. मंत्री शरद पवार बोले कि राजधानी दिल्ली में  हालात खराब करने की कोशिश की गई, इसलिए कि राजधानी में अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री है शरद पवार बोलने कि राजधानी में कानून व्यवस्था वह शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है औरअगर महाराष्ट्र में ऐसा माहौल बनाने का प्रयास किया गया तो महाराष्ट्र के सभी धर्म के लोग एकजुट हो जाएंगे और वह किसी को भी महाराष्ट्र का माहौल खराब करने नहीं देंगे 

महाराष्ट्र में भी माहौल बिगाड़ा जा रहा है 

पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार बोलने कि महाराष्ट्र में भी माहौल को खराब करने के लिए  महाराष्ट्र की जनता को भड़काने का काम किया जा रहा है. दिल्ली के हालात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राजधानी दिल्ली के बाद मुंबई में भी एक अलग तरह का गलत माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है आपको बता दें कि महाराष्ट्र में ठाकरे सरकार ने मस्जिद में लगे लाउडस्पीकर को उतारने वह मंदिरों में 5 बार हनुमान चालीसा चलाने की बात पर विवाद चल रहा है और इसी मामले  मैं वहां के निर्दलीय सांसद नवनीत राणा को गिरफ्तार किया गया है, क्योंकि उन्होंने ऐलान किया था कि वो अपने समर्थकों के साथ उद्धव ठाकरे के घर के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे  शरद पवार ने किसी का नाम लिए बिना इशारों-इशारों में इसी  घटना का जिक्र किया.


शरद पवार बोले समाज में  एकता बनाए रखना जरूरी

पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार  बोलने कि  राजधानी दिल्ली में  लोगों के घरों को तोड़ने का काम हुआ है.जिससे देश का माहौल खराब करने का काम शुरू हुआ है शरद पवार बोलने की  सभी धर्मों के लोगों को भाईचारा बनाए रखना होगा वह इसके लिए लगातार प्रयास करते रहना पड़ेगा इसके लिए अगर आप सबको किसी तरह की सभा करनी पड़े तो उसके लिए सरकार से इजाजत मिल जाएगी लेकिन ऐसी सभाओं में भड़काऊ भाषण देना वह भाईचारे  बिगाड़ने वाले काम करना ठीक नहीं है इस तरह का काम पहले ही कुछ राजनीतिक दल कर रहे हैं





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