उत्तराखंड समाचार : जिम कॉर्बेट में अवैध खनन ही नहीं अवैध तरीके से काटी गई कॉलोनियां भी पर्यावरण वह जंगलों के लिए खतरा साबित होंगी सरकार को इस तरह की कॉलोनियों पर रोक लगानी चाहिए
उत्तराखंड समाचार: उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट में अवैध निर्माण में अवैध खनन की भरमार कोई भी विभाग में अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान कोर्ट के सख्त आदेशों के बावजूद भी जंगलों में नदियों के आसपास बनाई जा रही रिहायशी कॉलोनियों जंगली जीवन के लिए खतरा बनी ऐसे निर्माण कार्यों में जंगली पेड़ों की चोरी छुपे कटाई भी होना संभव है
क्योंकि मौजूदा समय में जंगलों में पेड़ों को चोरी-छिपे काटना कोई नई बात नहीं जिम कॉर्बेट में यह आम बातें हैं जिसमें खनन माफिया लकड़ी माफिया भूमि माफिया यह सब मिलकर के जंगलों को वह जिम कॉर्बेट उत्तराखंड की खूबसूरती को भी बर्बाद करने में लगे हैं और सरकार इस और ध्यान क्यों नहीं दे रही यह एक सोचने वाली बात है अगर इसी तरह से जंगल में नदियों के आसपास निर्माण कार्य होते रहे कॉलोनी अकड़ती रही तो इन तमाम बातों से इनकार नहीं किया जा सकता की जंगल के आसपास अगर कॉलोनियां बनाकर वहां आबादी बसा दी जाएगी तो जंगली जीवो के साथ-साथ पेड़ों पौधों को को भी नुकसान होगा और जंगली जानवरों द्वारा इंसान के ऊपर हमला तो होता रहता है क्योंकि इंसान अपनी जरूरत के लिए जंगल को साफ कर कर वहां अपना घर बनाता जा रहा है
और जंगली जानवरों को बेघर करता जा रहा है वह समय दूर नहीं जब जिम कॉर्बेट में जंगल मात्र नाम के ही रह जाएंगे जिस तरह से जंगल में पेड़ों का कटाव हो रहा है नदियों से अवैध खनन हो रहा है यह तमाम जिम कॉर्बेट के लिए मुसीबतें खड़ी कर सकते हैं जिम कॉर्बेट में हजारों सैलानी जंगल को देखने के लिए आते हैं जंगली जीवन को देखने के लिए आते हैं जंगली जानवरों की एक झलक पाने के लिए हजारों रुपए खर्च करके वह ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाते हैं लेकिन जिस तरह से जंगल में नदियों के आसपास उन्हें खत्म करके वहां अवैध निर्माण किया जा रहा है आने वाले समय में अब वहां देखने लायक शायद कुछ भी ना बचे हमें अभी इसके लिए कड़े कदम उठाने होंगे अपनी धरोहर को बचाना होगा अपने आने वाली पीढ़ी के लिए हमें यह विरासत संभाल कर रखनी होगी इन सब के लिए सरकार को माननीय न्यायालय को कड़े व कठोर कदम उठाने की जरूरत है
उत्तराखंड के सबसे खूबसूरत शहर नैनीताल और नैनीताल जिले में आने वाले कुछ अन्य शहर जिनमें से एक है उत्तराखंड का सबसे फेमस पिकनिक स्पॉट जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में यूं तो सरकार ने हर तरह से स्थाई कर रखी है चाहे वह जंगल में घूमने जाने को लेकर ऑनलाइन बुकिंग हो या उत्तराखंड में किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा जमीन खरीदने को लेकर बनाया गया नियम हो या यूं कहें कि किसी खेती की जमीन को कन्वर्ट कर उसमें किसी भी तरह के व्यापारिक प्रतिष्ठान लगाना जैसे कि होटल रिसोर्ट जाने फैक्ट्रियां यहां की यू कहे के निजी कॉलोनियां काटना इनके लिए नियम तो बड़े सख्त बनाए गए लेकिन यहां बात करते हैं
कोर्ट ने ड्रोन से निगरानी करने के दिए आदेश
कि इतने सख्त नियम बनाने का कारण था कि जंगल वह जंगल से जुड़े उन तमाम जानवरों की सुरक्षा की बात हो या उसके आसपास रहने वाले वहां के लोकल नागरिकों की सुरक्षा की बात हो जिन्हें लेकर सरकार ने बड़े सख्त नियम और कानून बनाए और इन्हें लागू करने के लिए संबंधित अधिकारियों को समय-समय पर दिशा निर्देश भी सरकार की तरफ से मिलते रहते हैं हाल ही में माननीय न्यायालय ने अतिक्रमण को लेकर के अवैध खनन को लेकर के सरकार को सख्त आदेश दिए कोर्ट ने सरकार को अवैध खनन रोकने के लिए
ड्रोन से उनकी निगरानी करने के लिए भी सख्त निर्देश दिए लेकिन एक तरफ तो अवैध खनन माफिया धड़ल्ले से नदियों में पहाड़ों में अवैध खनन कर रहा है वहीं दूसरी ओर बाहर के प्रॉपर्टी डीलर यहां धड़ल्ले से अवैध कालोनियां काट रहे हैं
जंगलों और नदियों को होगा भारी नुकसान
जंगल के साथ लगती भूमि को खरीद कर और अफसरों के साथ सांठगांठ कर रहा कॉलोनी काट दी जाती है और खरीदार को जंगल का व्यू दिखा कर उन प्लाटों को ऊंचे दामों पर बेच भी दिया जाता है इस तरह जंगल के आसपास कॉलोनियों का कटना यह जितना जंगल के लिए खतरा है उतना ही जंगली जानवरों के साथ-साथ वहां रहने वाले नागरिकों के लिए भी खतरे वाली बात है
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लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही या यूं कहें कि सरकार के कानों तक यह बात पहुंचाई ही नहीं जाती किस तरह जंगल के आसपास की जमीन पर अवैध कालोनियां काट दी जाती है और उन पर लोग अपने बड़े-बड़े कोठी और बंगले बना कर रहने लगते हैं जिससे ना सिर्फ पर्यावरण को नुकसान हो रहा है बल्कि जंगल के आसपास होने की वजह से जंगली जानवरों के लिए भी यह खतरा साबित हो सकती है इस तरह खेती बाड़ी की जमीन को खरीद कर उसे कॉलोनाइजर कॉलोनी का रूप दे देते हैं
और उस पर खरीदार अपने मनचाहे तरीके से वहां इमारत भी बना लेता है इस तरह से जहां एक और सरकार को राजस्व का भी नुकसान होता है वहीं पर्यावरण में भी इसका नुकसान देखने को मिल रहा है अवैध खनन से जहां एक और नदियों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है वहीं दूसरी ओर जंगल के आसपास बन रही कॉलोनियों से जंगल के प्राणियों पर भी इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है
लेकिन अपने चंद पैसों के लालच में इससे संबंधित विभाग व अधिकारी ऐसी कॉलोनियां बनाने की इजाजत दे देते हैं जो कि बिल्कुल गलत है इस तरह से जंगल के बिल्कुल साथ किसी भी नई कॉलोनी का बनना यह दोनों तरफ के लिए नुकसानदेह है सरकार को खासतौर पर जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क और इसके आसपास के एरिया में जंगल के साथ किसी भी खेती वाली भूमि या बंजर भूमि पर कॉलोनी वगैरा काटने पर सख्त प्रतिबंध लगाना चाहिए और साथ ही किसी भी तरह के निर्माण पर रोक लगनी चाहिए क्योंकि यह कॉलोनियां काटने का कारण ही जंगल के साथ उस जमीन का होना या नदी के आसपास उस जमीन का होना यह कलोनिया आगे चलकर सरकार के लिए सिरदर्द साबित हो सकती हैं
जंगल के आसपास हो रहा निर्माण जंगली जीवन के लिए खतरा साबित हो सकता है
क्योंकि जंगल और नदी के आसपास की जमीन पर किसी भी तरह के निर्माण पर सरकार को पाबंदी लगानी चाहिए और इसके लिए सख्त कदम भी उठाने रहिए इस तरह खेती की जमीन को गलत तरीके से कन्वर्ट करवा कर और उसे 143 में डालकर वहां निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाता है और वहां कॉलोनियों के साथ-साथ रिसोर्ट होटल व अन्य फैक्ट्रियां भी लगाई जा रही है जो कि जंगल के जीवन पर बहुत बुरा प्रभाव डालेंगे नदियों को अपनी वास्तविक जगह से अंदर की तरफ कर दिया गया है भविष्य में इस तरह जंगल के आसपास वह नदियों के आसपास बनने वाली इमारतें वह होटल रिसोर्ट ना कि जंगली जीवन के लिए बल्कि सरकार के लिए भी खतरा उत्पन्न कर सकते हैं जंगल में नदी के आसपास ऐसी कॉलोनियों से जो खतरा उत्पन्न होगा उनमें सबसे बड़ा जंगली जीवो का चोरी-छिपे शिकार करना और नदियों से चोरी-छिपे खनन करना लकड़ी की चोरी करना आदि यह बड़े मसले उभर कर आ सकते हैं
सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द ऐसी कॉलोनियों या ऐसी व्यापारिक गतिविधियों पर बैन लगाए और जिम कॉर्बेट के सुंदरता और जंगल के जीवन को नष्ट होने से बचाएं अगर सरकार इस पर सख्त कदम नहीं उठाती है तो कुछ एरिया ऐसे हैं जहां जंगल नाममात्र के रह गए हैं वहां चलो नजरों में कॉलोनियां काटनी शुरू कर दी है जिससे कि आने वाले टाइम में उस तरफ बचे हुए पेड़ पौधे में जंगल भी धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगे वह जंगली जानवरों को शिकार होने से कोई रोक नहीं सकेगा अगर उत्तराखंड की इस खूबसूरती को बचाना है तो जंगल के आसपास किसी भी तरह के निर्माण कार्य को तुरंत रोकना होगा वह इस पर सख्त कदम उठाने होंगे नहीं तो जंगल के आसपास इस तरह से बनने वाले होटल रिसोर्ट में कलोनीया सभी के लिए घातक हो सकती
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इंटरनेट व सूत्रों से मिली जानकारी पर प्रकाशित समाचार
Source : internet Information
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