उत्तराखंड समाचार : अंकिता मर्डर केस - अंकिता के परिजनों के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने की मुआवजे की घोषणा,

उत्तराखंड के पौड़ी जिले के यमकेश्वर में गंगा भोगपुर में वनतारा रिजॉर्ट में 19 साल की अंकिता भंडारी रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी।

उत्तराखंड समाचार : पौड़ी-  उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी मर्डर केस में मुआवजे की घोषणा कर दी है अंकिता के परिजनों को 25 लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया गया है ये जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय ने दी है बता दें कि अंकिता का शव 24 सितंबर को चीला नहर से बरामद किया गया था अंकिता भंडारी की कथित रूप से रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य ने अपने दो कर्मचारियों, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता के साथ मिलकर ऋषिकेश के पास चीला नहर में धकेलकर हत्या कर दी थी इससे पहले अंकिता की गुमशुदगी के मामले में 23 सितंबर को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था जिन्होंने पूछताछ में उसकी हत्या की बात स्वीकार की थी।

अंकिता भंडारी रिसेप्शनिस्ट का काम करती थी 

उत्तराखंड के पौड़ी जिले के यमकेश्वर में गंगा भोगपुर में वनतारा रिजॉर्ट में 19 साल की अंकिता भंडारी रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी इस मामले में मुख्य आरोपी पुलकित हरिद्वार के पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य का पुत्र हैघटना के सामने आने के बाद भाजपा ने आर्य को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। 

इस हत्याकांड से पूरे राज्य में रोष है जहां अंकिता के हत्यारों को तत्काल फांसी दिए जाने की मांग को लेकर लोगों ने कई घंटों तक श्रीनगर में ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग को बाधित रखा। अलकनंदा नदी के तट पर रविवार शाम अंकिता के अंतिम संस्कार में भी हजारों लोगों की भीड़ शामिल हुई और उसके लिए इंसाफ की मांग की।

अंतिम समय में बेटी का चेहरा भी नहीं देखने दिया मुझे 

अंकिता की मां सोनी देवी ने सोमवार को कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ है क्योंकि उन्हें अंतिम समय में अंकिता का मुंह भी नहीं देखने दिया गया उन्होंने कहा रात को अंतिम संस्कार करने की क्या जरूरत थी जब इतना रुक गए थे तो एक दिन और रुक जाते सबसे बड़ा गुनाह तो उन्होंने (सरकार ने) यह किया कि मुझे अपनी बेटी का चेहरा भी नहीं देखने दिया


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