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श्री महालक्ष्मी गायत्री मंत्र
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि
तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
महालक्ष्मी धन, समृद्धि और भाग्य की देवी हैं। जीवन में सुख और सौभाग्य प्रधान करने वाली देवी भी कहा जाता है।
देवी लक्ष्मी हिंदू धर्म में सबसे अधिक पूजे जाने वाले देविओं में से एक हैं, माना जाता है कि यह धन, पद, महानता और प्रसिद्धि प्राप्त करने में मदद करती है।
देवी लक्ष्मी विष्णु जी की पत्नी है।
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महालक्ष्मी गायत्री मंत्र के लाभ
१. महालक्ष्मी गायत्री मंत्र महालक्ष्मी और विष्णु मंत्र साधना में सफलता प्राप्त करने में मदद करता है।
२. महालक्ष्मी गायत्री मंत्र जीवन में सभी भौतिक सुख प्रदान करता है।
३.महालक्ष्मी गायत्री मंत्र जीवन में सभी नकारात्मक दोषों जैसे दारिद्रय, चौर्य और विक्षिप्ता को दूर करता है।
४. महालक्ष्मी गायत्री मंत्र अवसाद और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है।
५. महालक्ष्मी गायत्री मंत्र बहुत जल्द घर, जमीन और अचल संपत्ति प्रदान करता है।
६. महालक्ष्मी गायत्री मंत्र समाज में एक उच्च दर्जा ( मान और सम्मान ) प्राप्त करने में सहायक है।
७. महालक्ष्मी गायत्री मंत्र मुक्ति और मोक्ष में मदद करता है।
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महालक्ष्मी गायत्री मंत्र का जाप मंत्र कैसे करें
१. इस मंत्र का 1 माला जाप कमलगट्टे की माला से करें | यह जाप किसी भी पंचमी तिथि से आरंभ करें ।
२. जीवन में बेहतर परिणाम के लिए पंचमी पर उपवास रखें।
३ श्री यन्त्र, पारद श्री यंत्र, स्फटिक श्री यंत्र और महालक्ष्मी यंत्र के सामने जप करने पर महालक्ष्मी गायत्री मंत्र का प्रभाव चौगुना हो जाता है।
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लक्ष्मी बीज मंत्र
श्रीं
ॐ ऐं श्रीं महालक्ष्म्यै कमल धारिण्यै गरूड़ वाहिन्यै श्रीं ऐं नमः
अष्ट लक्ष्मी मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
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