श्रीगंगानगर : डॉ. अम्बेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी के शिष्टमण्डल ने आज जिलाध्यक्ष रघुवीर परिहार के नेतृत्व में अति. जिला कलक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर राजस्थान में अनुसूचित जाति एवं जनजाति का राजकीय सेवाओं, शैक्षणिक संस्थानों व विभिन्न सरकारी योजनाओं में जनगणना वर्ष 2011 के इन वर्गों के जनसंख्या आंकड़ों के अनुरूप वर्तमान आरक्षण का प्रतिशत 16 प्रतिशत व 12 प्रतिशत से बढ़ाकर क्रमश: 17.8 प्रतिशत व 13.5 प्रतिशत करने की माँग की है। शिष्टमण्डल में जिलाध्यक्ष रघुवीर परिहार, संयुक्त सचिव नन्दराम मेघवाल, रामकुमार पन्नू, गिरधारीलाल पंवार, कृष्ण अलीपुरा, सुशील गहलोत, पूर्व पंचायत समिति सदस्य लालचंद मेघवाल आदि शामिल थे।
संयुक्त सचिव नन्दराम मेघवाल ने बताया कि राजस्थान के विभिन्न अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सामाजिक, राजनीतिक, कर्मचारी एवं अन्य संगठनों द्वारा राजस्थान में राजकीय सेवाओं, शिक्षण संस्थानों एवं अन्य विभिन्न राज्य सरकार की योजनाओं में राष्ट्रीय जनगणना वर्ष 2011 के जनगणना आंकड़ों के अनुरूप अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति का आरक्षण प्रतिशत बढ़ाने की माँग समय-समय पर विभिन्न माध्यम से की जाती रही है।
गौरतलब है कि झारखंड, छत्तीसगढ़, कर्नाटक एवं अन्य कई राज्यों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति का आरक्षण राज्य सरकारों द्वारा राष्ट्रीय जनगणना वर्ष 2011 के जनगणना के अनुरूप बढ़ाया जा चुका है। परन्तु अत्यंत खेदजनक है कि राजस्थान सरकार द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति का आरक्षण प्रतिशत अभी तक भी राष्ट्रीय जनगणना वर्ष 2011 के आंकड़ों के अनुरूप नहीं बढ़ाया गया है।
डॉ. अम्बेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी ने मुख्यमंत्री से माँग की है कि राजकीय अध्यादेश द्वारा राजस्थान में राजकीय सेवाओं, शिक्षण संस्थानों एवं अन्य विभिन्न राजकीय योजनाओं में वर्ष 1961 की जनगणना पर आधारित राजस्थान के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति का आरक्षण वर्ष 2011 के जनसंख्या आंकड़ों के अनुरूप 16 प्रतिशत से बढ़ाकर 17.8 प्रतिशत तथा 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 13.5 प्रतिशत किया जाए, ताकि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग लाभान्वित हो सके एवं समाज का सर्वांगीण उत्थान हो सके।

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