खालिस्तान समर्थक अमृतपाल केस में 12 याचिकाएं हाईकोर्ट में दायर, 207 लोग हुए गिरफ्तार, परिवारजन बोले नहीं दी जानकारी



 






अमृतपाल मामले में हाईकोर्ट पहुंची 12 याचिकाएं पंजाब पुलिस ने 207 लोगों को किया गिरफ्तार; परिजन बोले- जानकारी नहीं दी खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह और उसके साथियों को पकड़ने के लिए चल रहे अभियान के तहत गिरफ्तार लोगों के परिजन हाईकोर्ट पहुंचे हैं पंजाब पुलिस ने इस मामले में 207 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

देश के खिलाफ साजिश रचने वाला खालिस्तानी समर्थक वारिस पंजाब दे का मुखिया भगोड़ा अमृतपाल सातवें दिन भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है लेकिन अलग-अलग शहरों में उसके होने की सूचना भी पुलिस को लगातार मिल रही है हरियाणा के एक शहर में भी सीसीटीवी फुटेज में वह नजर आ रहा है और दिल्ली के आईएसबीटी में भी उसे देखे जाने की खबर मिली है पंजाब पुलिस में दिल्ली पुलिस एक कंबाइंड ऑपरेशन चलाकर उसकी तलाश लगातार कर रही है उसके देश छोड़कर बाहर भागने की भी सूचनाएं लगातार मिल रही हैं जिसके चलते एयरपोर्ट है अन्य देश से बाहर जाने वाले रास्तों पर पुलिस ने कड़ी नाकाबंदी कर रखी है वह उसके पोस्टर भी लगाए गए हैं खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह और उसके साथियों की धरपकड़ के लिए जारी मुहिम के तहत काबू किए गए लोगों के परिजन हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। पंजाब पुलिस ने इस मामले में 207 आरोपियों को काबू किया है। इनमें से कुछ आरोपियों को असम के डिब्रूगढ़ भेजा गया है, लेकिन कई लोग ऐसे हैं, जिनकी स्थिति बारे कुछ भी पता नहीं चल पा रहा है कि वे कहां हैं। यह भी पढ़े…..गैंगस्टर अतीक को गुजरात से यूपी लाने के लिए साबरमती जेल पहुंची STF, , उमेश की हत्या से पहले

आरोप है कि कई लोगों को काबू कर पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश करने के बजाय अपनी हिरासत में रखा है। मामले के करीब एक दर्जन आरोपियों के परिजनों द्वारा पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर गई है। यह सिलसिला लगातार जारी है। याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट से उनके अपनों की तलाश की मांग की है। सभी मामलों की याचिकाएं एडवोकेट सिमरनजीत सिंह के माध्यम से दायर की गई हैं। पंजाब पुलिस द्वारा फिल्म एक्टर दलजीत कलसी को काबू किया गया है। अमृतपाल सिंह के ड्राइवर हरमेल सिंह और मीडिया कोऑर्डिनेटर गुरी औजला समेत कुल 207 आरोपियों को काबू किया गया है। 177 आरोपियों को छोड़ 30 पर सख्त कार्रवाई IGP हेडक्वार्टर सुखचैन सिंह गिल ने हालही में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि केवल 30 लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन अन्य 177 आरोपियों को प्रिवेंटिव एक्शन के बाद छोड़ दिया जाएगा। सवाल उठ खड़े हुए हैं कि जब 177 लोगों ने कुछ किया ही नहीं था तो उन्हें निराधार किन कारणों के चलते पकड़ा गया, जो कई दिन बाद छोड़ने की घोषणा भर की गई है। साथ ही जिन 30 लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, उन सभी का कसूर क्या है। कुछ आरोपियों पर NASA एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है। 28 मार्च को हाईकोर्ट में सुनवाई हाईकोर्ट द्वारा दायर सभी याचिकाओं पर 28 मार्च को सुनवाई की जाएगी। याचिकाकर्ताओं के वकील सिमरनजीत सिंह मान ने कहा कि जिन लोगों को पुलिस ने काबू किया है, उनके परिवारों को पुलिस ने सूचना तक नहीं दी है। जबकि कानूनन गिरफ्तार/हिरासत में लेने के 24 घंटे के अंदर आरोपियों को कोर्ट में पेश करना अनिवार्य होता है और उनके परिवार को भी सूचना देनी होती है।


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