राजस्थान को दो हिस्सों में बांटने की तैयारी चल रही है हाल ही में 19 में जिलों की घोषणा की गई इन्हें मिलाकर राजस्थान में 50 जिले हो गए हैं ऐसे में इस बात की चर्चा आम हो गई है कि क्या विधानसभा चुनाव से पहले अशोक गहलोत की सरकार मरू प्रदेश बनाने की घोषणा कर सकती है राजस्थान जैसे 7 करोड़ की आबादी वाले राज्य में 50 जिले हो गए है ऐसे में अब चर्चा ये है कि क्या चुनावों से पहले मरूप्रदेश के निर्माण पर भी अशोक गहलोत बड़ी घोषणा कर सकते है
राजस्थान के मुख्यमंत्री ने जब जिलों की घोषणाओं का जिक्र किया तब भी सभी को यही लगा कि शायद 4 या 5 नए जिले बनाने का ऐलान हो सकता है.इसमें बाड़मेर से बालोतरा, जोधपुर से फलौदी, जयपुर से कोटपुतली, अजमेर से ब्यावर, नागौर से डीडवाना और अलवर से भिवाड़ी का दावा मजबूत था लेकिन 19 जिलों की घोषणा अप्रत्याशित थी. राज्य में नए जिलों का गठन करीब 17 साल बाद हुआ है इससे पहले 26 जनवरी 2008 को वसुंधरा राजे ने प्रतापगढ़ को जिला बनाने की घोषणा की थी
मरूप्रदेश का निर्माण होगा
राज्य में 50 जिले बनने के बाद मरूप्रदेश के निर्माण की मांग फिर से प्रबल हो सकती है मुख्यमंत्री ने जिस तरह से अप्रत्याशित फैसला लेते हुए 19 जिलों की घोषणा की है ऐसे में ये भी असंभव नहीं है कि चुनावों से पहले नए राज्य के गठन को लेकर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है.
मरूप्रदेश का कैसा होगा नक्शा
अगर मरू प्रदेश का निर्माण होता है और राजस्थान दो हिस्सों में बंटता है और नए राज्य का गठन होता है तो पश्चिमी राजस्थान अलग प्रदेश बनेगा. इसमें वो जिले शामिल होंगे. जो थार के मरूस्थल के दायरे में आते है. अगर 50 जिलों की सूची के हिसाब से देखें तो जालोर, सांचोर, बाड़मेर, बालोतरा, फलौदी, जोधपुर पूर्व, जोधपुर पश्चिम, जैसलमेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, अनूपगढ़, चूरू, पाली, नागौर, डीडवाना कुचामन, सीकर और नीमकाथाना जैसे 17 से ज्यादा जिले शामिल हो सकते है.
एक तरफ जहां राजस्थान में प्रतिव्यक्ति आय अधिक दिखती है. लेकिन अगर केवल पश्चिम राजस्थान के 12 जिलों का औसत निकाला जाए तो प्रति व्यक्ति आय बेहद कम है. लेकिन फिर भी सरकार की तरफ से विकास योजनाओं की प्लानिंग अन्य विकसित और औद्योगिक समृद्ध जिलों की तरह ही होती है
मरूप्रदेश के दायरे में करीब सवा दो लाख वर्ग किलोमीटर का क्षेत्रफल आता है हाल ही में मरूप्रदेश निर्माण मोर्चा के जयवीर गोदारा और महिपाल महला जैसे युवाओं ने ऊंट यात्रा भी निकालकर मरूप्रदेश के लिए अलग राज्य की मांग को फिर से जोर दिया था ऐसे में 50 जिले बनने के बाद फिर से यही सवाल जोर पकड़ रहा है. क्या अशोक गहलोत नए राज्य के गठन, राजस्थान को दो हिस्सों में बांटने और मरूप्रदेश की मांग को पूरा करने पर भी चुनावों से पहले कोई पहल कर सकते है क्या ?
जिन 17 जिलों को मिलाकर मरू प्रदेश का निर्माण होगा उनमें यह जिले हो सकते हैं जालोर, सांचोर, बाड़मेर, बालोतरा, फलौदी, जोधपुर पूर्व, जोधपुर पश्चिम, जैसलमेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, अनूपगढ़, चूरू, पाली, नागौर, डीडवाना कुचामन, सीकर और नीमकाथाना क्या आप मरूप्रदेश बनने के पक्ष में हैं अपनी राय आप इन के माध्यम से बता सकते हैं

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