दलित नेता कालूराम मेघवाल को न्याय दिलाने के लिए विभिन्न समाजों व संगठनों के लोग हुए एकजुट-People from different societies and organizations united to get justice for Dalit leader Kaluram Meghwal

दलित नेता कालूराम मेघवाल को न्याय दिलाने के लिए विभिन्न समाजों व संगठनों के लोग हुए एकजुट



श्रीगंगानगर: अनुसूचित जाति जनजाति महापंचायत के तत्वाधान में दलित नेता कांग्रेस संगठन महासचिव कालूराम मेघवाल की रिहाई व प्रकरण की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जाँच सहित विभिन्न माँगों को लेकर जिला कलक्ट्रेट के समक्ष चल रहा धरना रविवार को 7वें दिन भी जारी रहा। धरनास्थल पर मौजूद विभिन्न समाजों व संगठनों के लोगों ने एक स्वर में कालूराम मेघवाल की रिहाई, प्रकरण की जिले से बाहर के पुलिस अधिकारी से निष्पक्ष जाँच करने तथा 2 अप्रैल, 2023 को जयपुर में अनुसूचित जाति/जनजाति सम्मेलन में लिए गए फैसले को लागू करवाने के लिए आंदोलन को जारी रखने की घोषणा की।


धर्मपाल कटारिया ने प्रेस बयान जारी कर बताया कि धरने को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन व राज्य सरकार की हठधर्मिता पर आक्रोश व्यक्त किया तथा कहा कि राजनीतिक दबाव के कारण जान-बूझकर जाँच नहीं बदली जा रही है। वक्ताओं ने निर्दोष कालूराम मेघवाल को तुरन्त जेल से रिहा करने, इस मामले की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच करवाने तथा षडयंत्रकारी पुलिस अधिकारी तेजवंत सिंह सहित समस्त दोषियों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कर, कड़ी कानूनी कार्यवाही करने की माँग की। 

अनुसूचित जाति जनजाति महापंचायत में लिए गए फैसले के अनुसार एससी/एसटी की जनगणना के अनुसार आरक्षण 28 प्रतिशत से 32 प्रतिशत करने, लाखों सीटों का एससी/एसटी का राज्य में सरकारी सेवाओं में जो बैकलॉग पड़ा है उसे तुरन्त राज्य सरकार द्वारा भरने की भी माँग की गई है। अन्यथा पूरे राज्य में आंदोलन का विस्तार किया जाएगा तथा जन-जन को राज्य सरकार की दमनकारी नीति व पुलिस की षडयंत्रकारी नीति के बारे में बताया जाएगा। 

इस अवसर पर टीकमचंद भाटिया, रामचन्द्र निहालिया, जगदीश जयपाल, प्रवीण भाटिया, अनिल कुमार, खेतपाल बारूपाल, धर्मपाल, राजेन्द्र कुमार, सुभाष जोईया, सुन्दरलाल, दुलीचंद मेघवाल, संजय कुमार, कृष्ण लाल, बृजलाल, सोहनलाल, हेतराम, रतिराम, विपिन शर्मा, कृष्णा बरोड़, कौशल्या, कमलेश मेघवाल, तुलसी देवी, पार्वती देवी, लाछो देवी, अशोक कुमार, महेश बारूपाल, बलवीर चारण सहित भारी संख्या में सर्व समाज एवं विभिन्न संगठनों के गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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