अशोक गहलोत ने चुनाव आयोग पर उठाए गंभीर सवाल, कहा- जिनकी दादी शहीद हो गई उन्हें राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाया जा रहा
अशोक गहलोत ने कहा, 'कब तक कहते रहेंगे इंदिरा गांधी ने ये किया, वो किया. जिनकी दादी शहीद हो गई आज उन्हें राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाया जा रहा है
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार दोपहर जयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए देश में बन रहे मौजूदा हालात पर गहरी चिंता जाहिर की है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि देश में लोकतंत्र खतरे में है और इसकी सबसे बड़ी वजह चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठ रहे सवाल हैं. गहलोत ने दावा किया कि देश की सारी संवैधानिक संस्थाएं इस वक्त दबाव में काम कर रही हैं, जिससे लोकतंत्र का भविष्य संकट में है
राहुल गांधी की बातों का पूरे देश पर होगा असर
गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी ने जो सवाल उठाए हैं, उनका असर पूरे देश पर पड़ने वाला है. राहुल गांधी ने देश को सचेत किया है. राहुल गांधी का व्यक्तित्व ऐसा है कि उन्हें किसी से नफरत नहीं है और वह देशहित में काम करते हैं. राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर जो सवाल उठाए हैं, वे बेहद जरूरी हैं और उनका जवाब दिया जाना चाहिए
चुनाव आयोग की बदलती कार्यशैली पर उठाए सवाल
अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जब से चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के कानून में बदलाव हुआ है, तभी से चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं. उन्होंने कहा कि पहले चयन समिति में मुख्य न्यायाधीश होते थे, लेकिन अब उन्हें हटाकर अमित शाह को शामिल कर लिया गया है. इसका नतीजा यह हुआ है कि चुनाव आयोग का रवैया ही बदल गया है. गहलोत ने कहा कि जब चुनाव आयोग के रवैये से जनता के मन में संदेह पैदा हो, तो उसकी जिम्मेदारी बनती है कि वह इन आरोपों पर सफाई दे, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उनका यह कहना कि 'मैं किस पार्टी से मिलूंगा, ये मैं तय करूंगा', यह अपने आप में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है
आज चुनाव आयोग की साख नहीं बची
अशोक गहलोत ने भारत के गौरवशाली लोकतांत्रिक इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में अश्वेतों और महिलाओं को मताधिकार के लिए सालों इंतजार करना पड़ा, जबकि हमारे संविधान ने बनते ही सभी को समान अधिकार दिए. उन्होंने इसका श्रेय गांधी और कांग्रेस के नेतृत्व को दिया, जिसने सभी धर्मों, जातियों और महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिया. उन्होंने कहा कि आज चुनाव आयोग की साख नहीं बची है और दुनिया भी इस पर नजर रख रही है
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