नाटो- का बड़ा एक्शन, रूस की सेना को रोकने के लिए करारा जवाब देने की तैयारी
नाटो ने चेतावनी दी है कि अगर रूस नाटो के क्षेत्र में यूक्रेन से आगे बढ़ा तो उसे खामियाजा भुगतना होगा. रूस से निपटने के लिए नाटो की तैयारी पूरी है.
यूरोप में रूस ने भंग की शांति
नाटो के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का यूक्रेन पर हमला करने का फैसला एक भयानक रणनीतिक गलती है, जिसके लिए रूस आर्थिक और राजनीतिक दोनों रूप से, आने वाले वर्षों में एक गंभीर कीमत चुकाएगा. नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि रूस ने यूरोप में शांति भंग कर दी है. नाटो ने अपनी रैपिड रिएक्शन फोर्स को पूर्वी यूरोप की ओर जमीन, समुद्र और हवा में तैनात किया है.गौरतलब है कि नाटो ने पहले ही साफ कर दिया है कि वो यूक्रेन में सेना नहीं भेजेगा, जो गठबंधन का सदस्य नहीं है. उन्होंने रूस से अपने हमले को तुरंत रोकने, यूक्रेन से अपनी सेना वापस लेने और शांतिपूर्ण बातचीत में फिर से सहयोग देने का आह्वान किया.
रूस
को रोकने की तैयारी है पूरी
नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि 100 से ज्यादा लड़ाकू जेट अब यूरोप में 30 रक्षा स्थानों में, 120 से अधिक जहाजों और तीन
स्ट्राइक कैरियर ग्रुप्स के साथ काम कर रहे हैं.
उन्होंने जोर देकर कहा कि सेना नाटो क्षेत्र के हर इंच
की रक्षा करेगी और आगे कहा कि ये यूक्रेन, साथ ही जॉर्जिया, मोल्दोवा और बोस्निया सहित रूस की तरफ से खतरे वाले
क्षेत्र के अन्य देशों को समर्थन देना जारी रखेगा.
नई
दिल्ली: यूक्रेन पर रूस का हमला जारी है. इस बीच उत्तर-अटलांटिक संधि संगठन के
नेताओं ने कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद वे पूर्वी यूरोप में और सैनिकों
को तैनात कर रहे हैं. 30 नेताओं
ने एक संयुक्त बयान में कहा कि रूसी सरकार के झूठ की बौछार से किसी को भी मूर्ख
नहीं बनाया जा सकता है.
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रूस ने यूरोप में भंग की शांति
नाटो के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का यूक्रेन पर हमला करने का फैसला एक भयानक
रणनीतिक गलती है, जिसके लिए रूस आर्थिक और राजनीतिक दोनों रूप से, आने वाले वर्षों में एक
गंभीर कीमत चुकाएगा. नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि रूस ने यूरोप में
शांति भंग कर दी है. नाटो ने अपनी रैपिड रिएक्शन फोर्स को पूर्वी यूरोप की ओर जमीन, समुद्र और हवा में तैनात
किया है.
नाटो
ने पूर्वी यूरोप में तैनात किए सैनिक
उन्होंने कहा कि सुरक्षा ब्लॉक ने पहले से ही हमारी रक्षा को मजबूत कर दिया है और अमेरिका, कनाडा और यूरोपीय देशों ने पहले ही इस क्षेत्र में हजारों सैनिकों को तैनात कर दिया है.
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