राजस्थान समाचार : श्रीगंगानगर चाय व्यापार संघ ने चाय पर मण्डी शुल्क का किया विरोध आज आमसभा में आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी

कृषि (ग्रुप-2) के उप शासन सचिव नसीम खान ने चाय संबंधी जो अधिसूचना जारी की है, उसमें लिखा गया है कि ‘इस विभाग द्वारा चाय पत्ती कृषि जिन्स पर आगामी आदेशों तक मंडी शुल्क वसूली को स्थगित किए जाने विषयक जारी समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 10.02.2006 को तत्काल प्रभाव से प्रत्याहरित किया जाता है।

श्रीगंगानगर : चाय व्यापार संघ ने राज्य सरकार द्वारा एक अधिसूचना जारी कर चाय पर मण्डी शुल्क लगाए जाने का कड़ा विरोध किया है। इस मुद्दे को लेकर शनिवार सांय महावीर दल मंदिर में चाय व्यापार संघ की अति आवश्यक बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कृषि (ग्रुप-2) के उप शासन सचिव नसीम खान ने चाय संबंधी जो अधिसूचना जारी की है, उसमें लिखा गया है कि ‘इस विभाग द्वारा चाय पत्ती कृषि जिन्स पर आगामी आदेशों तक मंडी शुल्क वसूली को स्थगित किए जाने विषयक जारी समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 10.02.2006 को तत्काल प्रभाव से प्रत्याहरित किया जाता है।

इसका मतलब यह है कि अब तत्काल प्रभाव से चाय पत्ती पर मंडी शुल्क लग गया है। इस अधिसूचना के मुताबिक राज्य की सभी कृषि उपज मंडी समितियों के मंडी क्षेत्रों में घोषित कृषि उपजों के अतिरिक्त निम्न जिंसों के क्रय एवं विक्रय के नियमन करने के अपने आश्य की घोषणा की है। इस पर चाय व्यापारियों ने भारी आक्रोश व्यक्त किया। अध्यक्ष राधेश्याम बंसल ने कहा कि चाय का राजस्थान में उत्पादन ही नहीं होता। ना ही चाय व्यापारी धान मण्डियों में बैठकर व्यापार कर रहे हैं। इसके बावजूद सरकार द्वारा अचानक चाय पर शुल्क लगाना का निर्णय अतार्किक एवं अव्यवहारिक है तथा चाय व्यापारी इसका पुरजोर विरोध करते हुए अविलम्ब वापिस लेने की माँग करते हैं।



चाय व्यापार संघ के पूर्व महामंत्री संदीप शेरेवाला ने कहा कि मण्डी शुल्क लगाने से चाय महंगी हो जाएगी, जिसका असर हर वर्ग पर पड़ेगा। आम तौर पर मंडी शुल्क सम्बन्धित क्षेत्र में होने वाली फसलों पर ही लगाया जाता है, जिनका विक्रय धान मंडियों के मार्फत होता है। जहां व्यापारियों को सरकार व कृषि उपज मंडी समितियों द्वारा दुकानों का आवंटन भी किया हुआ है, जिसमें चाय नहीं आती। ना ही चाय व्यापारियों को मंडी में दुकानें मिली हुई है। चाय तो आसाम व पश्चिम बंगाल से यहां लाकर शहर के अलग-अलग स्थानों पर व्यापार किया जा रहा है। इसलिए पूरे राजस्थान में चाय पर मंडी शुल्क लगाने के आदेश वापिस लेने की मांग की जा रही है।



बैठक में विचार-विमर्श के पश्चात् निर्णय लिया गया कि 1 मई, रविवार को प्रात: 11 बजे महावीर दल मंदिर में चाय व्यापार संघ की आमसभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आगामी आंदोलन की आगामी रणनीति तय की जाएगी तथा चाय पर मंडी शुल्क आदेश वापिस लिए जाने तक आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। इस अवसर पर अध्यक्ष राधेश्याम बंसल, संदीप शेरेवाला, विनोद गर्ग, सुरेश गर्ग, सह सचिव संजय शेरेवाला, राहुल कुमार सहित चाय व्यापार संघ सदस्य उपस्थित थे।


                           


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