राजस्थान समाचार : श्रीगंगानगर -हिन्दी प्रचार समिति द्वारा ‘नर सेवा - नारायण सेवा’ प्रकल्प के तहत विवेक आश्रम के बच्चों को भोजन प्रसाद तथा स्टेशनरी वितरित

श्रीगंगानगर : हिन्दी प्रचार समिति द्वारा ‘नर सेवा - नारायण सेवा’ प्रकल्प के तहत विवेक आश्रम के बच्चें को भोजन प्रसाद खिलाया गया तथा स्टेशनरी वितरित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी अनन्तानंद जी महाराज थे तथा अध्यक्षता समिति अध्यक्ष जगीरचंद फरमा ने की। विशिष्ट अतिथि मनीराम सेतिया, डॉ. ओ.पी. गोयल, रामसिंह सोढा, हरपाल सिंह, श्रीमती रिम्पा तलवार, मदनलाल जोशी, राकेश अनेजा, श्रीमती आशा अनेजा, श्रीमती सुनीता तलवार, कृतज्ञ अनेजा, आशा सहगल, इन्दुभूषण चावला सहित आश्रम के सेवादार थे।

मुख्य अतिथि स्वामी अनन्तानंद ने बताया कि हिन्दी प्रचार समिति राष्ट्र भाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है, जो सराहनीय है। हमारे व्यक्तित्व का विकास समाज के कारण ही हुआ है। समाज के प्रति हमारा कर्तव्य है तथा समाज के लिए हमें सदैव ऋणी रहते हुए निरन्तर सेवा कार्य करने चाहिए, तभी देश व समाज का सर्वांगीण उत्थान सम्भव है। कहा भी गया है कि कुछ चीजें समीप जाने से बिना मांगे ही मिल जाती हैं, जैसे अग्नि से गर्माहट, बर्फ से शीतलता और गुलाब से सुगंध, इसी प्रकार ईश्वर से भी कुछ मत मांगियें, बस निकटता बढ़ाईए, सब कुछ बिना मांगे ही सहज ही मिल जाएगा।

जगीरचंद फरमा ने विवेक आश्रम के संस्थापक स्वामी अनन्तानंद जी महाराज का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा कार्यों की प्रेरणा संतों-महात्माओं के जीवन से ही मिलती है। जब मानव मात्र में सहयोग की भावना जागृत हो जाती है तो सुख-दुख की अवस्था में भी व्यक्ति विचलित नहीं होता है तथा समाज हित में निरन्तर अपना योगदान देता रहता है।

मनीराम सेतिया ने कहा कि हमेशा अच्छी संगत, अच्छे लोग, अच्छे मित्र और परिवार के साथ मिल-जुलकर रहने व चर्चा करने से बड़ी से बड़ी समस्या भी आसानी से हल हो जाती है तथा जीवन समूची मानवता के लिए वरदान बन जाता है। इस मौके पर डॉ. ओ.पी. गोयल, मदनलाल जोशी, हरपाल सिंह, रामसिंह सोढा व रिम्पा तलवार सहित हिन्दी प्रचार समिति के समस्त पदाधिकारियों व सदस्यों ने बच्चों के लिए की जा रही सेवाओं के लिए विवेक आश्रम संस्थापक स्वामी अनन्तानंद जी महाराज को साधुवाद दिया। इस अवसर पर हिन्दी प्रचार समिति पदाधिकारी, सदस्य, विवेक आश्रम सेवादार एवं बालक-बालिकाएं उपस्थित थे।





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