पंजाब समाचार : चंडीगढ़ - नवजोत सिंह सिद्धू थोड़ी देर में पटियाला कोर्ट रवाना होंगे सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत

पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू रोड रेज केस में पटियाला कोर्ट में सरेंडर करेंगे वह थोड़ी देर में ही पटियाला स्थित अपने घर से कोर्ट रवाना होंगे। सरेंडर के बाद उन्हें पटियाला सेंट्रल जेल में भेजा जा सकता है।

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने क्यूरेटिव पिटीशन तत्काल सुनने से इनकार कर दिया सिद्धू के वकीलों को उम्मीद थी कि दोपहर बाद फिर सुप्रीम कोर्ट के आगे अर्जेंट सुनवाई की मांग करेंगे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई नहीं हुई सिद्धू अगर सरेंडर नहीं करते तो फिर पंजाब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करेगी। इससे पहले, सिद्धू के वकील अभिषेक मनु सिंघवी की पिटीशन पर जस्टिस एएम खानविलकर ने कहा कि हम चीफ जस्टिस के पास मामले को भेज रहे हैं, वे ही इस पर सुनवाई का फैसला करेंगे। सिद्धू ने खराब स्वास्थ्य के आधार पर सरेंडर के लिए कोर्ट से एक हफ्ते की मोहलत मांगी थी। वहीं पंजाब में कांग्रेस के नेताओं ने सिद्धू का साथ छोड़ दिया था। हालांकि अब कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने सिद्धू को फोन किया है। उन्होंने सिद्धू को भरोसा दिया कि कांग्रेस उनके साथ है। उन्होंने सिद्धू को मजबूत रहने के लिए हौसला बढ़ाया। सिद्धू को कांग्रेस में प्रियंका गांधी का करीबी माना जाता है।

समझें क्या है पूरा मामला

  1. 27 दिसंबर 1988 को सिद्धू का पटियाला में पार्किंग को लेकर 65 साल के बुजुर्ग गुरनाम सिंह से झगड़ा हुआ। सिद्धू ने उन्हें मुक्का मारा। बाद में गुरनाम सिंह की मौत हो गई। सिद्धू और उनके दोस्त रूपिंदर सिंह पर गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज हुआ।
  2. 1999 में सेशन कोर्ट ने सिद्धू को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। पीड़ित पक्ष इसके खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट चला गया।
  3. 2006 में हाईकोर्ट ने सिद्धू को 3 साल कैद की सजा और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
  4. जनवरी 2007 में सिद्धू ने कोर्ट में सरेंडर किया। जिसमें उन्हें जेल भेज दिया गया। इसके बाद सिद्धू सुप्रीम कोर्ट चले गए।
  5. 16 मई 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को गैर इरादतन हत्या के आरोप में लगी धारा 304IPC से बरी कर दिया। हालांकि IPC की धारा 323, यानी चोट पहुंचाने के मामले में एक हजार जुर्माना लगा। इसके खिलाफ पीड़ित परिवार ने SC में पुनर्विचार याचिका दायर कर दी।
  6. 19 मई 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू पर अपना फैसला बदलते हुए 323IPC यानी चोट पहुंचाने के आरोप में एक साल कैद की सजा सुना दी।



पटियाला बुलाया सिद्धू समर्थकों काे 


सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को 34 साल पुराने रोडरेज केस में सिद्धू की सजा एक साल बढ़ा दी वहीं सिद्धू के सरेंडर के वक्त समर्थकों को बुला लिया गया है पटियाला जिला कांग्रेस के प्रधान नरिंदरपाल लाली ने पार्टी वर्करों को इस बाबत मैसेज भी भेजा है सिद्धू फिलहाल अपने पटियाला वाले घर में मौजूद हैं जहां उनके समर्थक कांग्रेस नेता पहुंचने लगे हैं।

 

क्या होता है क्यूरेटिव पिटीशन 


क्यूरेटिव पिटीशन किसी भी सजायाफ्ता को राहत का अंतिम जरिया होता है इसमें सुप्रीम कोर्ट आर्टिकल 142 का उपयोग करता है हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सपा नेता आजम खान को अंतरिम जमानत देने में और राजीव गांधी हत्याकांड के दोषी को रिहा करने में इस आर्टिकल का इस्तेमाल किया था इसमें सुप्रीम कोर्ट किसी भी विचाराधीन मामले में अपनी शक्ति का उपयोग कर फैसला करता है।





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