राजस्थान समाचार : श्रीगंगानगर - कश्मीरी अलगाववादी यासीन मलिक को उम्र कैद की सजा नाकाफी , फांसी के बजाय उम्र कैद की सजा ऊंट के मुंह में जीरा : प्रदीप , कश्मीरी पंडित

श्रीगंगानगर : एनआईए कोर्ट द्वारा आज कश्मीरी अलगाववादी यासीन मलिक को उम्र कैद की सजा सुनाई गई, जिसके कारण कश्मीरी हिंदुओं में आक्रोश देखने को मिल रहा है। कश्मीरी अलगाववादियों के अमानवीय बर्ताव के कारण कश्मीर छोडक़र श्रीगंगानगर में रह रहे सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप पंडित कश्मीरी ने कहा कि कश्मीरी अलगाववादी यासीन मलिक कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार का सबसे दुर्दांत आतंकवादी है, जिसने वायु सेना के अधिकारियों को सरेआम गोलियों से भूना तथा जो उग्रवादियों के लिए धन इकट्ठा करता था व पाकिस्तान से जिसकी सीधी सांठगांठ थी, ऐसे उग्रवादी को उम्र कैद की सजा नाकाफी है तथा ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। पूरा हिंदुस्तान मांग करता है कि ऐसे उग्रवादी को कम से कम फांसी की सजा दी जानी चाहिए, ताकि दोबारा कोई भी उग्रवादी ऐसी हरकत करने से तौबा करे।


प्रदीप पंडित कश्मीरी ने कहा कि अगर इसी तरह ऐसे खूंखार उग्रवादियों को जेलों में उम्रभर रख कर खाना खिलाया गया तो यह देश के मेहमान बनकर देश के साथ फिर गद्दारी करेंगे। ऐसा दुर्दांत आंतकवादी जो फांसी की सजा काहकदार है, उसे उम्रकैद की सजा कश्मीरी पंडितों के घावों पर नमक लगाना है। उन्होंने माननीय न्यायालय से माँग की है कि इस सजा पर पुनर्विचार करके कश्मीरी अलगाववादी यासीन मलिक को फांसी की सजा दी जाए। प्रदीप पंडित कश्मीरी ने कहा कि इस माँग को लेकर प्रधानमंत्री तथा राष्ट्रपति को भी ज्ञापन भेजकर कश्मीरी अलगाववादी यासीन मलिक को फांसी की सजा देने की माँग की जाएगी, ताकि देश के लिए नासूर लोगों को कड़ा सबक मिल सके तथा अलगाववादियों को उन्हीं की भाषा में करारा जवाब दिया जा सके।  


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