श्रीगंगानगर शहर में पिछले 5 दिनों से कचरा उठाव की समस्या पर आज एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए भाजपा नेता पवन गौड़ ने नगर परिषद, सभापति करुणा चांडक और अशोक चांडक पर बड़ा हमला बोला है। श्री गौड़ ने कहा कि श्रीगंगानगर शहर को कांग्रेस की भ्रष्ट सरकार के महाभ्रष्ट प्रशासनिक नुमाइंदों, नगर परिषद और उसकी आका करुणां अशोक चांडक ने भगवान भरोसे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि हमने बार-बार ज्ञापन और प्रदर्शन के मार्फत इस बात के लिए नगर परिषद और जिला प्रशासन को चेताया था की कचरा डंपिंग स्टेशन ओवरफ्लो हो चुका है और कभी भी वहां कचरा डालना बंद हो सकता है परंतु श्रीगंगानगर की नगर परिषद और उसकी भ्रष्टाचारी सभापति करुणा अशोक चांडक के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। इसी का ही परिणाम है कि आज श्रीगंगानगर शहर के 3 लाख से भी अधिक लोग कचरे के ढेर पर बैठने को मजबूर हैं ।
श्री गौड़ ने कहा है कि अशोक चांडक जी,आप आरोप चाहे किसी पर भी लगाते रहे हो परंतु सच्चाई यही है कि इस सारे प्रकरण के लिए केवल और केवल नगर परिषद, उसकी सभापति करूणां चांडक तथा आप दोषी है। मैं एक बार फिर श्रीगंगानगर की जनता के सामने पूरी जिम्मेदारी से यह कह रहा हूं की कांग्रेस नेता अशोक चांडक नगर परिषद को अपनी निजी प्रोपर्टी समझते हैं। वे नगर परिषद को भी अपनी शराब की दुकान की तरह संचालित करना चाहते हैं और यही कारण है कि आज शहर का विकास अवरुद्ध हो गया है। श्री गौड़ ने बताया कि कुछ दिन पहले श्री चांडक ने मुझ पर गलत शिकायतें करने का आरोप लगाया था और आज उनके सिपहसालार और खुद अशोक चांडक किसी और के नाम का बिल फाड़ने में लगे हुए हैं।
गौड़ ने कहा कि यह भी सच है कि श्रीगंगानगर शहर की इस हालत के लिए विधायक राजकुमार गौड़ भी कम दोषी नहीं है परंतु मौजूदा परिस्थिति के लिए केवल और केवल नगर परिषद और सभापति करुणा चांडक व उनके पति अशोक चांडक ही उत्तरदायी हैं। उन्होंने कहा कि यहां यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि अगर किसी तरह समझाइश से यह धरना उठ भी गया तो फिर क्या इसका समाधान हो जाएगा ? नहीं ! क्योंकि 6 जैड के कचरा डंपिंग स्टेशन पर हम एक महीने से ज्यादा श्रीगंगानगर शहर का कचरा नहीं डाल पायेंगे। तो फिर एक महीने बाद के लिए आज के दिन नगर परिषद के पास क्या कार्य योजना है, कुछ भी नहीं । बरसात से पहले हमने नालों की सफाई और गड्ढों की डीसिल्टिंग के लिए नगर परिषद को कई बार चेताया था, परंतु नालों की सफाई और गड्ढों की डीसिल्टिंग के नाम पर करोड़ों रुपए का बजट उठा लिया गया और रिजल्ट यह आया कि बरसात आते ही सारा शहर डूब गया और प्रशासन को सेना बुलानी पड़ी ।
श्री गौड़ ने कहा कि हमारी मांग है कि तुरंत प्रभाव से इस समस्या का समाधान किया जाए, शहर से तुरंत कचरा उठाव की व्यवस्था की जाए वरना हम नगर परिषद, जिला प्रशासन सहित कांग्रेस सरकार की ईट से ईट बजा देंगे। उन्होंने कहा है कि हमें इस बात से कोई लेना देना नहीं है कि शहर का कचरा उठाकर नगर परिषद कहां डालती है। नगर परिषद की यह जिम्मेदारी है कि वह तुरंत प्रभाव से वार्डो से कचरे का उठाव करें, वैकल्पिक रूप से नगर परिषद को क्या व्यवस्था करनी है वह खुद तय करें ।

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