गंगानगर कला मंच की काव्य गोष्ठी व होली स्नेह मिलन समारोह में कवियों ने खूब रंग जमाया

श्रीगंगानगर: गंगानगर कला मंच की मासिक काव्य गोष्ठी एवं होली स्नेह मिलन समारोह रविवार को जवाहरनगर स्थित अरोड़वंश पब्ल्कि स्कूल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी मंच संरक्षक विजय कुमार गोयल थे तथा विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय कला मंदिर सचिव शिव जालान थे एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच अध्यक्ष मनीराम सेतिया ने की।

सर्वप्रथम मनीराम सेतिया ने सभी साहित्यकारों एवं अतिथियों का स्वागत किया तथा काव्य गोष्ठी का आगाज करते हुए ‘प्रहलाद सा निर्मल मन होना चाहिए’ कविता द्वारा होली के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. ओ.पी. वैश ने ‘होली पर हो ऐसी मस्ती और धमाल...’, नत्थूराम वर्मा ने ‘हमारे शहर में एक बेटी ने कमाल कर दिया...’ एवं दौलतराम अनपढ़ ने ‘रंगों के महीने फाल्गुन में...’ कविता सुनाकर अदभुत समां बांधा। योगराज भाटिया ने मंच संचालन करते हुए ‘होली खेलने दिल से आया करो...’ सुनाकर खूब रंग जमाया। मदन अरोड़ा ने ‘दिल में हो रंग प्रेम का...’, सुमन अनाड़ी ने ‘हर रोज बहुत कुछ सीखा जाती है जिन्दगी’ एवं सुरेन्द्र सुंदरम ने ‘आदमी ने आदमी के लिए...’ कविता द्वारा खूब तालियां बटोरी। सुरेश कनवाडिय़ा ने ‘ये नब्जियां वैद्य क्या जाने गीत...’, सतपाल जोईया ने ‘जाते हैं लोग मेहरबानी लिख देते हैं...’, दिशा जसानी ने ‘चाहे कितनी भरो उड़ाने’ कविता द्वारा खूब वाह-वाह लूटी।  
  
इसी कड़ी में बी.एस. चौहान ने ‘जीवन में सुरभित उपवन में...’, रामचन्द्र गडई ने ‘खड़ा मानव आज ये सोच लिए...’, ललित चराया ने ‘आ अब लौट चलें...’, वीरेन्द्र खुराना ने ‘सीखा ढंग तुझे फिर ढंग देखेंगे...’,  सुशीला रानी ने ‘अब तो कान्हा रंग तुझसे ना खेलूंगी...’, सतीश कालड़ा ने ‘मेरे हमउम्र मुझे कुछ-कुछ जवान लगने लगे हैं...’, महासचिव ऋतु सिंह ने ‘हमारे पड़ोसी खूब पैसे वाले हैं...’, वीना जसानी ने ‘राह में मुझको अकेला छोडऩे का शुक्रिया...’, भूपेन्द्र सिंह ने ‘तुम तो बस खेला करते रहो अपना...’, राजकुमार सिंगल ने ‘दिल की बातें दिल ही जाने...’, सुष्मा गुप्ता ने ‘छुने पर खुद को समेटने वाली पत्तियां’, राजकुमार मिड्ढा ने ‘बहुत ढुंढा मगर ना मिला...’ तथा जगजीत सिंह पहलवान ने पंजाबी कविता द्वारा सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। 
मुख्य अतिथि विजय गोयल ने सभी को होली की शुभकामनाएं दी तथा कवियों की रचनाओं की मुक्तकंठ से सराहना की। शिव जालान ने सफल आयोजन के लिए सबका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. कृष्ण आशु, सुशील कुमार पासी, सुभाष मेहता सहित गंगानगर कला मंच पदाधिकारी, सदस्य एवं साहित्यकार एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने जलपान का लुत्फ उठाया।  




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