श्रीगंगानगर : भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज का एक दिवसीय राष्ट्रीय वाल्मीकि प्रतिनिधि सम्मेलन हर्षोल्लासपूर्वक सम्पन्न हुआ। धर्मगुरु डॉ. देवसिंह अद्वेती के सानिध्य में तथा राष्ट्रीय मुख्य संचालक लल्ला बाबू द्राविड़ व राष्ट्रीय महामंत्री ओ.पी. द्राविड़ की अध्यक्षता में उत्तरप्रदेश के जिला हापुड़ में आयोजित इस अधिवेशन में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए श्रीगंगानगर से राष्ट्रीय संचालक मदन सिरसवाल तथा प्रदेशाध्यक्ष अनिल धारीवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
प्रदेशाध्यक्ष अनिल धारीवाल ने बताया कि सर्वप्रथम समारोह के मुख्य अतिथि उत्तरप्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री अनूप प्रधान वाल्मीकि तथा ऊर्जा मंत्री सोमेंद्र तोमर व धर्मगुरु डॉ. देवसिंह अद्वेती महाराज ने भगवान वाल्मीकि के चित्र के समक्ष ज्योति प्रचंड कर एवं पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत की।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष अनिल धारीवाल ने कहा कि दलित व वाल्मीकि समाज के सर्वांगीण उत्थान के लिए प्रत्येक घर में शिक्षा की अलख जगाना आवश्यक है। इसके लिए सभी को सामूहिक रूप से प्रयास करना होगा तथा शिक्षा महाभियान में सक्रिय योगदान देगा। यदि समाज का प्रत्येक बालक पढ़-लिखकर उच्च शिक्षा हासिल करेगा तो समाज आर्थिक, सामाजिक व राजनीतिक रूप से मजबूत बनेगा।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय संचालक मदन सिरसवाल ने अपने सम्बोधन में भगवान वाल्मीकि व संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की शिक्षाओं व संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया तथा कहा कि संविधान में समानता का अधिकार दिया गया है। भगवान वाल्मीकि की शिक्षाएं सदा मानवमात्र को सही रास्ता दिखाती हैं तथा कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है। मुख्य अतिथियों द्वारा राष्ट्रीय संचालक मदन सिरसवाल तथा प्रदेशाध्यक्ष अनिल धारीवाल को सरोपा पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में आयोजनकर्ता भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज जिला हापुड़ प्रभारी दीपक चन्द्रा ने कार्यक्रम में मौजूद समस्त अतिथियों, प्रतिनिधियों एवं आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, चण्डीगढ़, उत्तराखण्ड सहित पूरे भारतवर्ष से भारी संख्या में भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।



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