सही साहित्यकार आलोचना को अपने लेखन के लिए अच्छे रूप में देखता है। वे गोलबाजार स्थित आर्य समाज मंदिर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् की ओर से आयोजित नववर्ष प्रतिपदा उत्सव के अवसर पर प्रो. डॉ. बलवंत सिंह चौहान की पुस्तक ‘डॉ. श्रीनाथ हसूरकर रचित ‘अजातशत्रु:’ उपन्यास का काव्यशास्त्रीय आकलन’ व प्रो. डॉ. गोपीराम शर्मा की पुस्तक ‘आधुनिकता, उत्तर-आधुनिकता और साहित्यिक विमर्श’ का विमोचन करने के बाद सम्बोधित कर रहे थे। संगठन के महासचिव मनीराम सेतिया ने बताया कि परिषद् के प्रदेश संगठन मंत्री डॉ. विपिन पाठक के सान्निध्य में हुए इस समारोह में डॉ. चन्द्रपाल शर्मा मुख्य अतिथि, गाजियाबाद के वरिष्ठ बैंक प्रबंधक रामावतार शर्मा व सहायक जिला शिक्षा अधिकारी अमरजीत सिंह ‘लहर’ विशिष्ट अतिथि थे। अध्यक्षता क्षेत्र के प्रमुख उद्यमी एवं समाजसेवी विजय गोयल ने की। दोनों लेखकों ने भी अपनी पुस्तकों के बारे में संक्षिप्त में अपनी बात रखी। संचालन परिषद् के अध्यक्ष डॉ. रामनारायण शर्मा ने किया एवं नववर्ष की वैज्ञानिकता एवं महत्व पर प्रकाश डाला। महासचिव मनीराम सेतिया ने अखिल भारतीय साहित्य परिषद का परिचय दिया तथा परिषद द्वारा की जाने वाली गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। आर्य समाज के रविप्रकाश आर्य ने भी कविता के माध्यम से नवसंवत्सर पर विचार रखे।
अ.भा. साहित्य परिषद् के प्रदेश संगठन मंत्री डॉ. विपिन पाठक ने कहा कि हमारे संवत्सर के प्रारंभ का दिन ही देवी की उपासना के रूप में मातृ शक्ति को सम्मान देने का दिन है। नारी का त्याग, उसकी साधना, समर्पण और सामथ्र्य को यदि ध्यान में रखें तो हमारे यहां कभी दुष्कर्म जैसी घटनाएं नहीं हों। दुष्कर्म, दहेज, गोहत्या व 36-36 टुकड़े करने वाली वीभत्स घटनाएं न हों। उन्होंने कहा कि पुरुष को सामथ्र्य नारी ही देती है। सबका हित करने वाला और नर से नारायण के मार्ग पर ले जाने वाला ही साहित्य कहा जा सकता है। जो समाज का अहित करे, वह साहित्य नहीं है। पं. सुनील अत्री ने सभी अतिथियों को प्रारंभ में तिलक किया। स्वस्तिवाचन भी किया। डॉ. अंजू बोरड़ ने देवी की स्तुति करता राजस्थानी गीत प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में संजय महिपाल, रतन गणेशगढिय़ा, गिरीश चावला, डॉ. ओपी वैश्य, प्रभा शर्मा, पूर्ण घोड़ेला, स्वरूपसिंह जज, राजेश कामरा, डॉ. श्यामलाल, मनीराम सेतिया, जगीरचंद फरमा, रवि चड्ढा, धर्मेन्द्र भाटिया, सेठी, राजेन्द्र गोयल आदि ने अतिथियों का माल्यार्पण कर, शॉल ओढ़ाकर व सम्मान प्रतीक भेंट कर सम्मान किया। संतोष कुमारी ने उन्हें अपनी पुस्तक भेंट की। राजकुमार जैन व सौरभ जैन ने भी माँ पब्लिकेशन की पुस्तक भेंट की। समारोह में पहुंचे विशिष्ट व्यक्तियों का भी परिषद् की ओर से अंगवस्त्र पहनाकर सम्मान किया गया। डॉ. श्यामलाल ने आभार जताया। सभी अतिथियों ने अपने विचार रखे और नवसंवत्सर की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर इंजी. गिरधारीलाल अरोड़ा, हरिप्रकाश भादू, वरिष्ठ पत्रकार रेवतीरमण शर्मा, एमएल जैन, पीसी गर्ग, सुरेन्द्र शर्मा, राजकुमार मिड्ढा, रवि कुमार चड्ढा, डॉ. केडी लीला, मदनलाल अरोड़ा, रतन भटनागर, मिनाक्षी आहुजा, धर्मेन्द्र भाटिया, सुधीर शर्मा, दीपक सेठी, गुलाब रानी, डॉ. सीएल गोरखा, रजनीश नागपाल, रमेश सिंगल, सुषमा गुप्ता, दौलतराम अनपढ़, डॉ. रामप्रकाश शर्मा, सुरेश कनवाडिय़ा, डॉ. ओ.पी. वैश, वैद्य चैतन्य शर्मा, नीरज शर्मा सहित अनेक गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में अल्पाहार भी हुआ।
अ.भा. साहित्य परिषद् के प्रदेश संगठन मंत्री डॉ. विपिन पाठक ने कहा कि हमारे संवत्सर के प्रारंभ का दिन ही देवी की उपासना के रूप में मातृ शक्ति को सम्मान देने का दिन है। नारी का त्याग, उसकी साधना, समर्पण और सामथ्र्य को यदि ध्यान में रखें तो हमारे यहां कभी दुष्कर्म जैसी घटनाएं नहीं हों। दुष्कर्म, दहेज, गोहत्या व 36-36 टुकड़े करने वाली वीभत्स घटनाएं न हों। उन्होंने कहा कि पुरुष को सामथ्र्य नारी ही देती है। सबका हित करने वाला और नर से नारायण के मार्ग पर ले जाने वाला ही साहित्य कहा जा सकता है। जो समाज का अहित करे, वह साहित्य नहीं है। पं. सुनील अत्री ने सभी अतिथियों को प्रारंभ में तिलक किया। स्वस्तिवाचन भी किया। डॉ. अंजू बोरड़ ने देवी की स्तुति करता राजस्थानी गीत प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में संजय महिपाल, रतन गणेशगढिय़ा, गिरीश चावला, डॉ. ओपी वैश्य, प्रभा शर्मा, पूर्ण घोड़ेला, स्वरूपसिंह जज, राजेश कामरा, डॉ. श्यामलाल, मनीराम सेतिया, जगीरचंद फरमा, रवि चड्ढा, धर्मेन्द्र भाटिया, सेठी, राजेन्द्र गोयल आदि ने अतिथियों का माल्यार्पण कर, शॉल ओढ़ाकर व सम्मान प्रतीक भेंट कर सम्मान किया। संतोष कुमारी ने उन्हें अपनी पुस्तक भेंट की। राजकुमार जैन व सौरभ जैन ने भी माँ पब्लिकेशन की पुस्तक भेंट की। समारोह में पहुंचे विशिष्ट व्यक्तियों का भी परिषद् की ओर से अंगवस्त्र पहनाकर सम्मान किया गया। डॉ. श्यामलाल ने आभार जताया। सभी अतिथियों ने अपने विचार रखे और नवसंवत्सर की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर इंजी. गिरधारीलाल अरोड़ा, हरिप्रकाश भादू, वरिष्ठ पत्रकार रेवतीरमण शर्मा, एमएल जैन, पीसी गर्ग, सुरेन्द्र शर्मा, राजकुमार मिड्ढा, रवि कुमार चड्ढा, डॉ. केडी लीला, मदनलाल अरोड़ा, रतन भटनागर, मिनाक्षी आहुजा, धर्मेन्द्र भाटिया, सुधीर शर्मा, दीपक सेठी, गुलाब रानी, डॉ. सीएल गोरखा, रजनीश नागपाल, रमेश सिंगल, सुषमा गुप्ता, दौलतराम अनपढ़, डॉ. रामप्रकाश शर्मा, सुरेश कनवाडिय़ा, डॉ. ओ.पी. वैश, वैद्य चैतन्य शर्मा, नीरज शर्मा सहित अनेक गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में अल्पाहार भी हुआ।
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