चूहे की पूंछ में पत्थर बांधकर नाले में डुबोकर मारने पर 30 पेज की चार्जशीट ,जुर्म साबित हुआ तो 5 साल की जेल- chuhe ki poonch mein patthar baandhakar naale mein dubokar marine par 30 pej kee chargesheet, jurm sabit hua to 5 saal ki jel

चूहे की पूंछ में पत्थर बांधकर नाले में डुबोकर मारने पर 30 पेज की चार्जशीट ,जुर्म साबित हुआ तो 5 साल की जेल- chuhe ki poonch mein patthar baandhakar naale mein dubokar marine par 30 pej kee chargesheet, jurm sabit hua to 5 saal ki jel


चूहा मारने वाले आरोपी के खिलाफ बदायूं पुलिस ने कोर्ट में 30 पेज की चार्जशीट दाखिल की है। 25 नवंबर 2022 को मनोज ने एक चूहे को एक पत्थर से बांधकर नाले में फेंक दिया जिससे उसकी मौत हो गई थी देश में संभवत: यह पहला मामला है जिसमें चूहे की मौत पर चार्जशीट दाखिल की गई है.

पुलिस ने पशु प्रेमी विकेन्द्र की शिकायत पर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी. पुलिस ने आरोपी मनोज पर धारा-11 (पशु क्रूरता निवारण अधिनियम) व धारा-429 लगाई है।

धारा- 429 जानवर की हत्या या अपाहिज करने में लगाई जाती है। इसमें दोषी पाए जाने पर 5 साल की कैद/जुर्माना या दोनों हो सकता है।


चूहे का पोस्टमॉर्टम भी किया गया। रिपोर्ट में चूहे की मौत दम घुटने से होने की बात सामने आई है। चार्जशीट दाखिल करने वाले इंस्पेक्टर राजेश यादव ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में जो भी हो पशु क्रूरता की गई है. इसलिए आरोपी मनोज को दोषी मानते हुए उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। अब इस मामले में कोर्ट फैसला लेगा।


चूहे की पूंछ में पत्थर बांधकर नाले में डुबो दिया था
मामला बदायूं के सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पनवड़िया का है। यहां मनोज परिवार के साथ रहता है। वह मिट्‌टी के बर्तन बनाता है। 25 नवंबर 2022 को मनोज ने अपने घर में घुसे एक चूहे को पकड़कर उसकी पूंछ में पत्थर बांध दिया और उसको नाले में फेंक दिया।




वहां से गुजर रहे पशु प्रेमी विकेंद्र ने यह सब देखा था। विक्रेंद्र के मुताबिक, उसने मनोज को रोका, लेकिन वह नहीं माना। मनोज के वहां से जाने के बाद विकेंद्र ने नाले से चूहे को बाहर निकाला और उसका वीडियो भी बनाया।


विकेंद्र ने मनोज के खिलाफ शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने मनोज को थाने बुलाया। 7-8 घंटे हिरासत में रखने के बाद उसको छोड़ दिया था। पशु प्रेमी ने बरेली में चूहे की बॉडी पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाई। दबाव बनने पर मनोज के खिलाफ पशु क्रूरता का केस 28 नवंबर को दर्ज हुआ। यानी चूहे की हत्या पर FIR में 4 दिन तक मंथन चला। थाने से ही मनोज को जमानत दे दी गई।






चूहे का पोस्टमॉर्टम हुआ, फेफड़े खराब थे, लीवर में इंफेक्शन था

शिकायतकर्ता विकेंद्र ने चूहे के शव को पुलिस की मदद से पोस्टमॉर्टम के लिए 50 किलोमीटर दूर बरेली भेज दिया था. पोस्टमॉर्टम का खर्च भी खुद वहन किया।बरेली भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान में डॉ. अशोक कुमार और डॉ. पवन कुमार ने चूहे के शव का पोस्टमॉर्टम किया था. आईवीआईआर के संयुक्त निदेशक डॉ. केपी सिंह ने बताया था कि - चूहे की पूंछ में रस्सी बांधकर उसे एक नाले में डुबो कर मारा गया। जांच में पता चला कि चूहे के फेफड़े खराब थे। 


फेफड़ों में सूजन आ गई थी। लीवर में भी इंफेक्शन हो गया था। फेफड़ों में नाली के पानी जैसा कोई अवशेष नहीं मिला।चूहे के शव का सूक्ष्म परीक्षण। इसके आधार पर डॉक्टर इस नतीजे पर पहुंचे कि चूहे की मौत दम घुटने से हुई है। फेफड़ों की नलियां फटी हुई थीं, जो मौत से पहले भारी सांस लेने के कारण हुई होंगी। इस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर दावा किया गया कि चूहे मारने की बात गलत है.




एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ