श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में गजराज व ग्राह प्रसंग में श्रद्धालु हुए भाव-विभोर-shreemadbhaagavat katha gyaan yagy mein gajaraaj va graah prasang mein shraddhaalu hue bhaav-vibhor
भगवान अपने भक्तों के कष्टों को देखकर तुरन्त उद्वार करते हैं : स्वामी दयानन्द सरस्वती महाराज
श्रीगंगानगर: श्योजीराम केसर देवी गोयल चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा एल ब्लॉक स्थित हनुमान मन्दिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन सोमवार को कथावाचक स्वामी दयानन्द सरस्वती महाराज वृंदावन ने अपने प्रवचनों में गजराज व ग्राह का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भक्त सदा प्रभु के आश्रित रहता है। जब वह पूर्ण रूप से भगवान की शरण जाकर भगवान को पुकारता है तो प्रभु भी अपने भक्त का कष्ट नहीं देख पाते और उसका उद्वार करते हैं। समुद्र मंथन का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि यह हमारे जीवन का मंथन है। हम भी जब कोई कार्य करते हैं तो पहले उसमें बाधाएँ आती है, लेकिन उन बाधाओं से नहीं घबराना चाहिए तथा निरन्तर परिश्रम करना चाहिए, जिससे अंतत: सफलता अवश्य मिलती है। सच्चे मन से ईश्वर की भक्ति करने पर ईश्वरीय कृपा व भक्ति रसामृत की प्राप्ति होती है।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. ओ.पी. गोयल ने बताया कि पूज्य महाराजश्री ने इसके साथ-साथ कृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया तथा बताया कि जब-जब धर्म की हानि होती है, जब तक भगवान अवतार लेकर संतों-भक्तों की रक्षा करते हैं। ‘नन्द के आनन्द भयो’ भजन पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर नाचने-झूमने लगे। कथा के अंत में चौधरी कनीराम व रामरतन उपाध्याय को स्वामी जी द्वारा सम्मान प्रतीक भेंट कर सम्मानित किया गया।
आज की कथा में मुख्य संयोजक डॉ. ओ.पी. गोयल, डॉ. नितेश गोयल, डॉ. शैफाली गोयल, नीता चमडिय़ा, मोनू गर्ग, पं. जयदीप, पं. शुक्ला, राजेन्द्र लोहिया, विजय कुमार गोयल, सुशील पटेल, सुदर्शन बत्तरा, सूरजभान सरदाना, जयनारायण भट्टड़़, अशोक किंगर, मनीराम सेतिया, अशोक गर्ग, राहुल जैन, कमला शर्मा, इन्दुभूषण चावला, रामरतन, राजेन्द्र जैन, अनिल सिंगल, विकास जैन, विनोद जमालिया, अंकित जैन सहित अनेक गण्यमान्य व्यक्ति आरती में शामिल हुए। ‘नन्द लाला जन्म लियो आज, ब्रज में लड्डुवा बंटे’ बधाई के द्वारा सबको प्रसाद वितरित किया गया।
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