पटना के साथ-साथ अब पूरे राज्य के लोगों को पानी के इस्तेमाल के लिए शुल्क देना होगा, जो जल शुल्क के रूप में वसूला जाएगा. पटना नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 2 लाख 88 हजार गृह स्वामियों से होल्डिंग टैक्स के साथ-साथ प्रति माह 40 रुपये से लेकर 150 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क भी लिया जायेगा. इसे लोगों से होल्डिंग टैक्स में जोड़कर सालाना लिया जायेगा. खास बात यह है कि शहर में रहने वाले लोग, चाहे वे किसी भी स्रोत से पानी का उपयोग कर रहे हों और संपत्ति कर भी देते हों, उन्हें जल कर भी देना होगा.
नगर विकास विभाग द्वारा जारी निर्देश में लोगों को भुगतान की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया है। घरेलू के साथ सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अपने होल्डिंग व प्रॉपर्टी टैक्स के साथ ही वाटर चार्ज भी देना होगा। नगर विकास विभाग पेयजल उपयोग शुल्क नीति-2021 को जल्द ही पूरे राज्य में लागू करेगा।
विभाग ने पटना नगर निगम के साथ ही सभी नगर निकायों को इस संबंध में संकल्प पत्र भेज दिया है। गौरतलब है कि विभाग द्वारा जारी निर्देश व संकल्प के मुताबिक ही मुजफ्फरपुर नगर निगम ने पिछले साल ही शहर में वाटर चार्ज लागू कर दिया है। लेकिन अन्य शहरी निकायों में इसे अब तक लागू नहीं किया जा सका है। पटना में अगले महीने से इसे लागू कर दिया जाएगा।
यदि पेयजल उपयोग शुल्क का भुगतान देय तिथि से एक वर्ष तक नहीं किया जाता है, तो उनका जल कनेक्शन काट दिया जाएगा। साथ ही पुन: कनेक्शन जोड़ने में लगने वाली राशि उपयोगकर्ता व प्रतिष्ठान से ही वसूली जाएगी, जो कम से कम 1 हजार होगा। देय तिथि के बाद पेयजल उपयोग शुल्क का भुगतान करने पर प्रति माह 1 प्रतिशत की दर से ब्याज की राशि भी वसूली जाएगी।


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