रोडवेज की अनदेखी के विरोध में राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त कर्मचारी फैडरेशन ने गेट मीटिंग की- रोडवेज उद्योग को बचाने एवं 8 सूत्री माँगों के निराकरण के लिए चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा

रोडवेज की अनदेखी के विरोध में राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त कर्मचारी फैडरेशन ने गेट मीटिंग की- रोडवेज उद्योग को बचाने एवं 8 सूत्री माँगों के निराकरण के लिए चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा

श्रीगंगानगर: राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त कर्मचारी फैडरेशन द्वारा प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम के तहत राज्य सरकार द्वारा रोडवेज की अनदेखी के विरोध में 24 अगस्त, वीरवार को शिव चौक के समीप स्थित आगार कार्यशाला में गेट मीटिंग की गई। सम्भागीय सचिव लीलाधर माहर ने बताया कि गेट मीटिंग में वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष आनन्द सिंह निहाल, सम्भागीय अध्यक्ष विनोद भाखर, राज. परिवहन निगम संयुक्त सेवानिवृत्त कर्मचारी महासंघ प्रदेश उपाध्यक्ष मलखान सिंह, सम्भागीय अध्यक्ष बंशी राजपुरोहित, भारतीय मजदूर संघ जिलाध्यक्ष कुलविन्द्र ग्रेवाल, राजेन्द्र सूद आदि वक्ताओं ने अपने सम्बोधन में आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा रोडवेज उद्योग की अनदेखी के चलते आज रोडवेज उद्योग बंद होने के कगार पर पहुंच गया है तथा रोडवेज कर्मचारियों के लगातार आंदोलन के बावजूद सरकार सकारात्मक कार्यवाही करने की बजाय रोडवेज उद्योग को बंद करने पर आमादा है।

वक्ताओं ने राज्य सरकार से माँग की कि रोडवेज को राज्य सरकार के परिवहन विभाग में समायोजित किया जाए, रोडवेज में वेतन एवं पेंशन का भुगतान माह के प्रथम कार्यदिवस में किया जाए, रोडवेज में शीघ्र ही 2000 नई बसों की खरीद एवं 10 हजार रिक्त पदों पर भर्ती की जाए, रोडवेज से सेवानिवृत कर्मचारियों के बकाया परिलाभों का भुगतान शीघ्र किया जाए, रोडवेज में वर्तमान में अनुबंध पर ली गई 398 बसों के अनुबंध में तथा निगम मुख्यालय में सभी विभागाध्यक्षों द्वारा एक वर्ष के अंतराल में मंजूर की गई अपीलों में भ्रष्टाचार एवं अनियमितता का अंदेशा है इसलिए अत: उच्च स्तरीय जांच की जाए, रोडवेज में अन्य राज्यों की तरह राजस्थान में भी चालकों का पदोन्नति चैनल का सृजन किया जाए, रोडवेज में स्थाई आदेश से शासित महिला कर्मचारियों को भी सी.सी.एल. अवकाश का प्रावधान लागू किया जाए तथा निगम में तकनीकी संवर्ग के कर्मचारियों के ग्रेड-पे में हुई विसंगति को दूर किया जाए।

सम्भागीय उपाध्यक्ष लीलाधर माहर ने बताया कि उपरोक्त मांगों के समर्थन में चरणबद्ध आन्दोलन के तहत 11 सितम्बर को सभी आगारों में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को एवं प्रबंध निदेशक रोडवेज के नाम मुख्य प्रबंधक को ज्ञापन सौंपे जाएंगे, 27 सितम्बर से 5 अक्टूबर तक प्रतिदिन एक संभाग द्वारा सिन्धी कैम्प बस स्टेण्ड पर क्रमिक अनशन/धरना दिया जाएगा तथा तृतीय चरण में सिन्धी कैम्प में प्रदेश स्तरीय विशाल रैली निकालकर मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर सभा की जाएगी। 

इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा कोई सकारात्मक पहल नहीं करने की स्थिति में फैडरेशन एवं सेवानिवृत कर्मचारी महासंघ द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव में वर्तमान सरकार की रोडवेज विरोधी नीतियों को लेकर जनता के बीच जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा। गेट मीटिंग में सर्वप्रथम प्रदेश प्रदेश व सम्भागीय पदाधिकारियों को साफा पहनाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सुरेन्द्र बागड़ी, महेन्द्र तंवर, चन्द्रभान, हरगोपाल सिंह, राजा सिंह, भूपेन्द्र सिंह, बलविन्द्र सिंह, देवी सिंह, श्रवण सिंह, बलराम, सुरेश कुमार, मेजर सिंह, डुंगर राम, जगदीश सिंह, जसविन्द्र सिंह, राजेन्द्र साहू, हंसराज सहित राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त कर्मचारी फैडरेशन एवं राज. परिवहन निगम संयुक्त सेवानिवृत्त कर्मचारी महासंघ पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

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