“द कश्मीर फाइल्स” फ़िल्म विवाद : सियासत के गलियारों में पहुच गया " द कश्मीर फाइल्स " फ़िल्म का विवाद







“द कश्मीर फाइल्स” फ़िल्म विवाद : सियासत के गलियारों में पहुच गया " द कश्मीर फाइल्स " फ़िल्म का विवाद 

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी चमक बिखेर रही


"द कश्मीर फाइल्स " कश्मीर के अंदर हुई सच्ची घटनाओं पर बनी इस फ़िल्म ने देश ही नही विदेशों में भी धूम मचा दी है इसका साथ ही ये विवादों के घेरे में आ गयी है आपको बताते है कैसे उत्पन्न हुए विवाद और क्या कारण है इस पर हुए विवादों का ।


1990 में के दशक में कश्मीरी पंडितों के साथ कटर पंथी लोगो ने या यूं कहें कि कुछ शरारती तत्वों ने विवाद शुरू कर दिया इस विवाद की आग में सैकड़ों घर तबाह हुए हजारों जाने गयी लोग अपने घर अपने गांव शहर छोड़ने पर मजबूर हुए इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा जो प्रभावित हुए वो थे हमारे कश्मीरी पंडित परिवार जिन्हें वहां से आखिर पलायन करने पड़ा । इन्हीं घटनाओ को दर्शाती ये फ़िल्म ने जहां बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रखा है देश विदेश में इसकी स्क्रीनिंग बढ़ती जा रही है हर वर्ग का व्यक्ति इसे देंखना चाहता है ।


दूसरी ओर इस पर राजनीति भी गर्म है यह फ़िल्म इतनी आ अच्छी है कि इसकी तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की ओर कहा कि अभिव्यक्ति की आज़ादी से जुड़ा ये मामला हम सब को इस बात का ध्यान दिलवाता है कि हम सब एक ह ।



इसके बाद तो मानो राजनीति करने का कोई और मुद्दा ही नही मिला कांग्रेस ओर अन्य पार्टियों को ओर उन्होंने इस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया सब ने अलग अलग तरिके से बयान बाजी शुरू की और एक दूसरे पर आरोप लगाने शुरू कर दिए सबसे पहला बयान दिया फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि ये फ़िल्म की श्रेणी की है  डाक्यूमेंट्री या कमर्शियल ये बताये इस फ़िल्म को बनाने वाले साथ कहा कि उससे समय केंद्र में सरकार वीपी सिंह की थी और पीछे खड़ी थी BJP दूसरा बयान आया मुस्तफा कमाल का कमाल ने कहा कि जो भी हुया उस समय वो सब कश्मीर पण्डितो की सहमति से हुया इस घटना में उस समय की राज्य सरकार के मुख्यमंत्री जगमोहन सरकार की जिम्मेदारी है इसमें  फारुख अब्दुल्ला कतई जिम्मेदार

नही है ।




विवाद की शुरुआत कपिल के शो से हुई ।

"द कश्मीर फाइल्स " के विवाद कपिल शर्मा शो में एक फैन द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब से शुरू हुई दरसल बात कुछ यूं शुरू हुई द कश्मीर फाइल्स के निर्माता निर्देशक विवेक अग्निहोत्री को किसी फेन ने पूछा कि आप कपिल शर्मा शो में अपनी फिल्म के प्रमोशन में क्यो नही गये तो विवेक अग्निहोत्री ने ट्वीट कर कहा कि कपिल शर्मा ने द कश्मीर फाइल्स फ़िल्म का प्रमोशन करने से मना कर दिया है ।





इसके बाद शुरू हुआ सोशल मीडिया पर कपिल शर्मा के शो के साथ कपिल शर्मा के बायकाट का ट्रंड और हेस्टेग लेकिन कपिल शर्मा ने भी अपना जवाब ट्विटर पर दिया और कहा कि इन सब बातों में कोई सच्चाई नही है लेकिन फेन मानने वाले कहा इसके बावजूद मामला गर्माया ओर सीधे राजनीतिक रंग में रंग गया और विवादों का रूप लेने लगा ।




सबसे पहले कांग्रेस शासित राज्यों में शुरू हुई बयानबाजी
इस फ़िल्म पर बयान बाजी करने में सभी कांग्रेस शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री वे बड़े नेता पीछे नही हटे ।


चेन्नई : तमिलनाडु के कांग्रेस अध्यक्ष के एस अलागिरी बोले कि ये फ़िल्म एक समुदाय के खिलाफ नफरत वे गुस्से को उकसाने का काम करती है साथ ही कहा कि द कश्मीर फाइल्स में दिखाया गया सच आधा अधूरा है

द कश्मीर फाइल्स का उद्देश्य निराधार मनगढ़ंत चीजो ओर कहानियों को दिखाया जा रहा है जिस कारण इस्लामीक लोगो के खिलाफ नफरत फैल रही है ।




जयपुर : राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत ने इस फ़िल्म के बारे में कहा कि ये फ़िल्म देश के सांप्रदायिक सौहार्द सदभाव को बिगाड़ सकती है गहलोत ने कहा कि अतीत पर किसी भी तरह का बयान करना ठीक नही है उस समय जो घटनाये हुई उसका दर्द सभी धर्मों के लोग महसूस करते है और वो परिवार जिन्होंने इस त्रासदी को झेला था उन्हें इस दर्द की याद करवाना भी उचित नही है । फ़िल्म सभी धर्मों के बीच विभाजन को बढ़ाने का काम करती हैं।




रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सभी विधायकों को इस फ़िल्म को दिखाने के लिये आमंत्रित किया गया है उन्होंने कहा कि इस घटना में वो सब लोग मारे गए थे जो उस समय भारत के साथ खड़े थे उसमें हिन्दू भी थे सिख भी मुस्लिम बौद्ध और भी अन्य समुदाय के लोग भी इस घटना में जान गवा चुके है ।इस फ़िल्म में दिखाया गया है BJP के सहयोग से चलने वाली सरकार ने उस समय किसी भी कश्मीरी परिवारों को रोकने का काम नही किया बल्कि उन्हें वहां से जाने को कहा गया उस समय लोकसभा में स्व राजीव गांधी ने जब सवाल उठाए तो वहां भारतीय सेना की तैनाती की गई द कश्मीर फाइल्स में दिखाया गया सच आधा अधूरा है ।

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने भी द कश्मीर फाइल्स फ़िल्म पर सवाल खड़े।किए और कहा कि द कश्मीर फाइल्स की तरह लिखमपुर कांड पर लिखमपुर फाइल्स नाम से भी फ़िल्म बननी चाहिए ।





विदशी दशर्क भी फ़िल्म को पसंद कर रहे है / अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी चमक बिखेर रही


द कश्मीर फाइल्स ने देश के साथ विदेशी दर्शकों का भी ध्यान आकर्षित किया और विश्व स्तर के रिकॉर्ड तोड़ दिए पहले हफ्ते में ही चुनिंदा देशों में 11.4करोड़ की कमाई की द कश्मीर फाइल्स को नो देशों  की  सो से अधिक स्क्रीन पर रिलीज किया गया था लेकिन उसके बाद भी मांग कम नही हुई तो कुल 25 देशों की साढ़े तीन सौ सिनेमाघरों में रिलीज किया गया इस फ़िल्म ने अमरीका बिरटेंन ऑस्ट्रिया सहित कई देशों में करोड़ो का कलेक्शन किया द कश्मीर फाइल्स को अमीरका ऑस्ट्रेलिया के बॉक्स ऑफिस की टॉप10 फिल्मों में जगह मिली विदेशों में अभी भी माग जारी है ऑस्ट्रेलिया के गेराल्डटन बनबारी पोर्ट हेडलैंड जैसे शहरों में भी माग बढ़ रहींहै द कश्मीर फाइल्स से पहले किसी भी भारतीय फिल्म को यहां रिलीज नही किया गया ये भी एक रिकॉर्ड है । 









 'द कश्मीर फाइल्स' सिनेमाघरों में 11 मार्च को रिलीज हुई  इस फिल्म ने महज आठ दिनों में ही सौ करोड़ का आंकड़ा पार कर बाक्स आफिस पर धमाल मचा दिया है। कश्मीरी पंडितों के नरसंहार पर आधारित यह फिल्म न केवल घरेलू बाजार में बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी चमक बिखेर रही है। शुरुआत में फिल्म नौ देशों में केवल सौ स्क्रीनों पर रिलीज की गई थी। हालांकि, बढ़ती मांग को देखते हुए 'द कश्मीर फाइल्स'  को 25 देशों में साढ़े तीन सौ स्क्रीनों पर रिलीज किया गया। 'द कश्मीर फाइल्स' सिनेमाघरों में ब्लाकबस्टर साबित हो रही है।







पत्रकार वे लेखक जितेंद्र सोनी

इंटरनेट वे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार




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