राजस्थान समाचार : श्रीगंगानगर हरित और स्वच्छ ऊर्जा अपनाने का संदेश देते हुए हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा एलपीजी पंचायत का आयोजन

एलपीजी पंचायत में भाग लेने वाले समस्त महिला-पुरुष ग्रामवासियों को घरेलू गैस उपयोग करते समय बरतने वाली सावधानियों की विस्तारपूर्वक जानकारियां दी गई।



श्रीगंगानगर : हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा सक्षम-2022 कार्यक्रम की श्रृंखला में ‘हरित और स्वच्छ ऊर्जा अपनाएं, आजादी का अमृत महोत्सव मनाएं’ का संदेश देते हुए एलजीपी पंचायत का आयोजन किया गया। निकटवर्ती गाँव कालियां में आयोजित इस कार्यक्रम में गगन गैस एजेंसी संचालक पंकज नागपाल ने कहा कि ईंधन संरक्षित तो भविष्य सुरक्षित है तथा हाईड्रोजन भविष्य का ईंधन है। उन्होंने एलजीपी बचाने के लिए स्टार लेबल युक्त आईएसआई मार्का वाले घरेलू एलजीपी चूल्हे का उपयोग करने, सीएनजी पीएनजी एलएनजी की ओर बढऩे, स्वच्छ ईंधन चुनने, जैव ईंधन को अपनाने, कार्बन मुक्त गतिशीलता को अपनाने के लिए प्रेरित किया। एलपीजी पंचायत में भाग लेने वाले समस्त महिला-पुरुष ग्रामवासियों को घरेलू गैस उपयोग करते समय बरतने वाली सावधानियों की विस्तारपूर्वक जानकारियां दी गई।



पंकज नागपाल ने कहा कि यह देखने में आया है कि कुछ उपभोक्ताओं ने जानकारी के अभाव में हल्की क्वालिटी की सफेद रंग की पारदर्शी, बिना आईएसआई मार्का पाईप गैस सिलेण्डर पर लगा रखी है, जो कि अत्यंत घातक व जानलेवा है। एचपी गैस एजेंसी द्वारा आईएसआई प्रमाणित सुरक्षा पाईप दी जा रही है, जो कि थ्री लेयर की होती है, जिसकी 5 साल की गारंटी होती है। इस पाईप को चूहा भी नहीं काट सकता है एवं गर्मी व अग्नि से भी बचाव में सहायक है तथा लीकेज प्रुफ है। यह पाईप गैस एजेंसी पर अत्यंत कम दरों पर मात्र 190 रूपये में दी जा रही है। उन्होंने अनिवार्य जांच सम्बन्धी जानकारी देते हुए बताया कि अनिवार्य जाँच प्रत्येक पाँच साल में एक बार करवानी आवश्यक होती है, जिसमें सुरक्षा सम्बन्धी जाँचे जैसे रेगुलेटर, पाईप तथा गैस चूल्हा आदि की एचपी गैस कम्पनी से प्रशिक्षित कर्मचारी द्वारा जाँच की जाती है।




पंकज नागपाल ने गैस सिलेण्डर सम्बन्धी आवश्यक सावधानियों के बारे में बताते हुए गैस चूल्हा हमेशा सिलेण्डर की ऊंचाई से ऊंचा होना चाहिए, रात को सोते समय या बाहर जाते समय रेगुलेटर की नॉब को बंद करना चाहिए, अपना सिलेण्डर किसी से नहीं बदलना चाहिए, खाना बनाते समय सूती एप्रेन का प्रयोग नहीं करना चाहिए, हर 5 वर्ष बाद अनिवार्य जांच एजेंसी के अधिकृत मैकेनिक द्वारा अवश्य करवानी चाहिए तथा सिलेण्डर हमेशा सीधा रखकर ही चलायें, सिलेण्डर को टेढ़ा या लिटा कर प्रयोग नहीं करना चाहिए। पंकज नागपाल ने कहा कि उपभोक्ताओं की सजगता व जागरूकता से ही गैस सिलेण्डर के कारण होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव सम्भव है। इस अवसर पर अनेक महिला-पुरुष ग्रामवासी उपस्थित थे।














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