राजस्थान समाचार : हर घर दुकान और गाड़ी में हो अग्निशमन यंत्र श्री आत्मवल्लभ जैन पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों व स्टाफ को अग्निजनित हादसों से बचाव की जानकारी दी


श्रीगंगानगर : रसोई गैस, बिजली से लगी आग व पेट्रोल-डीजल में लगी आग पानी से नहीं बुझती। अग्निशमन यंत्र ए.बी.सी. में 14 सेकंड में आग बुझती है, इसलिए हर घर, ऑफिस, दुकान, स्कूल-कॉलेज, कार, जीप, बसों में अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से लगाएं। लकड़ी का घर, कपड़े पर लगी आग सिर्फ पानी से बुझाई जा सकती है। लेकिन बिजली, गैस, पेट्रोल-डीजल की आग पानी से बुझाई नहीं जा सकती। यह बात नागरिक सुरक्षा विभाग चीफ वार्डन निर्मल जैन ने नागरिक सुरक्षा के स्थापना सप्ताह के अंतर्गत अग्नि सुरक्षा व आपदा प्रबंधन जागरूकता कार्यक्रम में श्री आत्मवल्लभ जैन पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं व स्टाफ को सम्बोधित करते हुए कही।

विद्यालय कॉर्डिनेटर मुकेश सेठी ने बताया कि नागरिक सुरक्षा विभाग, श्रीगंगानगर के चीफ वार्डन निर्मल जैन ने कहा कि आग लगने के लिए तीन चीजें आवश्यक होती है- ऑक्सीजन, ज्वलनशील पदार्थ और उचित तापमान। आग बुझाने के लिए इन तीनों में से कोई एक चीज को हटा देंगे तो आग बुझ जाएगी। आग मानवजनित आपदा है, 

इसलिए बचाव की दृष्टि से हर व्यक्ति अपने रसोईघर के बाहर, गाडिय़ों में, ऑफिस, फैक्ट्री सब जगह पर आईएस आई मार्क ए.बी.सी. अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से लगाए, ताकि आग को तुरंत बुझाकर होने वाले लाखों रुपयों के जान-माल के नुकसान से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को किसी वजह से आग लग जाती है तो वह दौड़े नहीं, बल्कि रुक कर नीचे जमीन पर लेट जाए और आग बुझाने तक लुढक़ता रहे, तुरंत ऑक्सीजन कट होने की वजह से आग बुझ जाएगी। 
गैस सिलेंडर में आग लगने पर घबराना नहीं चाहिए। अगर गैस सिलेंडर की सील जल जाए तो उसकी आग किसी भी तरीके से नहीं बुझेगी और 200 डिग्री तापमान होने से पहले गैस सिलेंडर नहीं फटेगा, इसलिए गैस सिलेंडर के खोल के ऊपर लगातार पानी डालते रहें ताकि उसका तापमान 200 डिग्री तक ना पहुंचे। अक्सर लोग गैस सिलेंडर पर आग लगते ही घर से बाहर भाग जाते हैं और फायर ब्रिगेड को फोन करते हैं, तब तक आग बढ़ जाती है और गैस सिलेंडर फटने से बिल्डिंग तहस-नहस हो जाती है, साथ ही जान-माल का नुकसान होता है। गैस सिलेंडर के साथ आईएसआई स्टैंडर्ड के पाईप लगाने चाहिए और उसको 5 साल बाद बदल लेना चाहिए, जिससे गैस लीकेज नहीं हो और होने वाला नुकसान को कम किया जा सके।

विद्यालय प्रिंसीपल श्रीमती ममता अरोड़ा ने बताया कि श्री जैन ने गैस लीकेज व बिजली की वजह से होने वाले हादसों को लेकर आवश्यक सावधानियों के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि गैस लीकेज होने पर घर का कोई भी बिजली का बटन ना तो ऑन करें और ना ही ऑफ करें, किसी भी तरह की स्मेल होने पर आग न जलाएं, चाहे अगरबत्ती हो। गैस पर किसी भी तरह की आग है तो पूरा घर कुछ ही सेकंड में आग के हवाले हो जाएगा, जैसा कि श्रीगंगानगर में अनेक ऐसे हादसे हो चुके हैं जिससे जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। 
बिजली की शार्ट सर्किट की वजह से आग लगने पर घर, ऑफिस व दुकानों में अक्सर लाखों-करोड़ों रुपयों का नुकसान प्रतिवर्ष होता रहता है। इसलिए बिजली के तारों की समय-समय पर क्षमता चैक करनी चाहिए तथा सभी संस्थानों में ए.बी.सी. अग्निशमन यंत्र लगाना चाहिए, क्योंकि बिजली की आग पानी से नहीं बुझती, बल्कि उससे अपने को करंट लगकर नुकसान होने का डर रहता है। ऐसी स्थिति में अग्निशमन यंत्र ए.बी.सी.से मात्र 14 सेकंड में आग बुझाई जा सकती है और आग से होने वाले भयंकर नुकसान से बचा जा सकता है।

कार्यक्रम में पेट्रोल की आग को बुझाने का डेमो निर्मल जैन के नेतृत्व में श्री आत्मवल्लभ जैन पब्लिक स्कूल के बच्चों व स्टाफ ने किया। निर्मल जैन ने डेमो के बाद बच्चों से तथा स्कूल स्टाफ से आग बुझाने से सम्बन्धित प्रश्न भी पूछे और सही उत्तर देने वाले बच्चों व स्कूल स्टाफ को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ, छात्र-छात्रायें आदि उपस्थित थे।


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