जिस प्रकार सरकार द्वारा मीना व मीणा को एक मानते हुए अनुसूचित जनजाति के प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं, उसी प्रकार नायक व नायका भी एक ही जाति है।
श्रीगंगानगर : राजस्थान अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन खिलाड़ी लाल बैरवा के श्रीगंगानगर आगमन पर देवकरण नायक के नेतृत्व में नायक समाज के एक शिष्टमंडल ने सर्किट हाऊस में उन्हें ज्ञापन सौंपकर नायक जाति को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण-पत्र जारी करने की माँग की है। देवकरण नायक ने चेयरमैन बैरवा को बताया कि राजस्थान में लम्बे समय से नायक जाति द्वारा मांग की जा रही है कि उन्हें संविधान गजट के अनुसार अनुसूचित जनजाति के प्रमाण-पत्र जारी किए जाए, लेकिन राज्य सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं देकर नायक समाज के हितों पर कुठाराघात कर रही है।
देवकरण नायक ने कहा कि जिस प्रकार सरकार द्वारा मीना व मीणा को एक मानते हुए अनुसूचित जनजाति के प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं, उसी प्रकार नायक व नायका भी एक ही जाति है। वस्तुत ये स्थिति इसलिए उत्पन्न हुई, जब अंग्रेजी व हिंदी गजट का नोटिफिकेशन छापा गया तो हिंदी में नायक लिखा हुआ है, लेकिन अंग्रेजी में उसका वर्जन लिखा गया तो नायक की स्पेलिंग में नायका दर्ज कर दिया गया,
जबकि नायका नाम की कोई भी ऐसी जाति नही है। इसलिए सरकार को नायक जाति को अनुसूचित जनजाति के प्रमाण-पत्र जारी कर नायक जाति को उनका जायज हक देना चाहिए। अगर जल्द ही सरकार इस सम्बन्ध में कार्यवाही नही करती है तो समस्त नायक समाज के लोग पूरे राजस्थान में जन आंदोलन करेंगे। इस अवसर पर देवकरण नायक, तेजपाल नायक, अमित सुडिया, अशोक डागला, रवि नायक, कृष्ण नायक, कपिल देव नायक, सुभाष नायक सहित नायक समाज के अनेक गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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