राजस्थान समाचार :श्रीगंगानगर - परशुराम जयंती पर ‘सूखा दिवस’ घोषित करने की माँग मुख्यमंत्री को भेजने हेतु विधायक को परशुराम सेना ने सौंपा ज्ञापन

परशुराम जयंती दिवस को स्थाई रूप से ‘सूखा दिवस’ घोषित किया जाए। ज्ञापन में कहा है कि राजस्थान सरकार के द्वारा परशुराम जयंती पर राज्य के समस्त राजकीय कार्यालयों में राजकीय अवकाश घोषित है।

श्रीगंगानगर : परशुराम जयंती पर समस्त प्राणियों के सुख, जीव-जंतुओं के कल्याण, मानव प्रजाति के अक्षय रहने के साथ-साथ इलाके में अमन-चैन, सामाजिक सद्भाव तथा इलाकावासियों का भ्रष्टाचार मुक्त विकास होने की मंगल कामना परशुराम सेना ने की। इस अवसर पर परशुराम सेना के अध्यक्ष सतीश शर्मा के नेतृत्व में सचिव राहुल गौड़, महामंत्री पं. भीष्मदेव लाटा, रविकांत शर्मा, अमन शर्मा, केशव शर्मा, चेतन शर्मा, पियूष शर्मा, नवीन शर्मा, अरविंद जोशी, जयनारायण जोशी, सुशील शर्मा, विपुल शर्मा आदि ने मुख्यमंत्री को भेजने हेतु श्रीगंगानगर विधायक श्री राजकुमार गौड़ को ज्ञापन सौंपकर माँग उठाई है 

कि परशुराम जयंती दिवस को स्थाई रूप से ‘सूखा दिवस’ घोषित किया जाए। ज्ञापन में कहा है कि राजस्थान सरकार के द्वारा परशुराम जयंती पर राज्य के समस्त राजकीय कार्यालयों में राजकीय अवकाश घोषित है। अत: इस दिवस पर सम्पूर्ण राज्य में मदिरा व मांस की बिक्री पूर्णतया बंद रखने तथा बार, होटल, ढ़ाबों, थडिय़ों, ठेलों आदि पर मदिरा-मांस के सेवन पर पूर्णतया पाबंदी का स्थाई प्रावधान किया जाए।



इस अवसर पर परशुराम सेना के अध्यक्ष सतीश शर्मा ने कहा कि अन्याय व अत्याचार के विरूद्ध भगवान परशुराम ने फरसा उठाया था व कलयुग में संगठन शक्ति ही सबसे बड़ा ब्रह्मास्त्र है। अत: समाज को अपनी संगठन शक्ति को हर कीमत पर व हर सूरत में सशक्त तथा मजबूत बनाए रखना है। शर्मा ने कहा कि भगवान श्री परशुराम जी ओजस्वी, महर्षि होने के साथ-साथ, राक्षसी, आतंकी व शोषणकारी व्यवस्था के विरूद्ध एक जीवंत क्रांतिस्वरूप थे, जो कि वर्तमान कालखण्ड में हर जाति व वर्ग के लिए प्रासांगिक व प्रेरणादायी हैं। राज्य सरकार द्वारा परशुराम जयंती पर पूरे राज्य में राजकीय अवकाश रखने के निर्णय का स्वागत करते हुए अध्यक्ष सतीश शर्मा ने कहा कि इससे सभी जाति-धर्म के लोग इस महान पर्व को सामूहिक रूप से मनाकर सामाजिक समरसता बढ़ा सकेंगे।








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