आधी रात को झंडे उतारने की घटना को लेकर दो पक्ष आमने सामने आ गए. देखते ही देखते माहौल इतना बिगड़ गया कि, पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठियां भांजी और आंसु गैस के गोले छोड़े
राजस्थान समाचार : जोधपुर में जालोरी गेट चौराहे के बालमुकंद बिस्सा सर्कल पर सोमवार रात एक हिंदू समूह द्वारा झंडा फहराने के बाद धार्मिक झंडों को लेकर शुरू हुए विवाद को पुलिस ने शांत करवा कर दोनों पक्षों के झंडे उतार दिए थे वह उसके जगह तिरंगा झंडा लगा दिया था लेकिन आधी रात को अचानक फिर दोनों तरफ से पथराव होने लगा जिसमें 4 पुलिसकर्मी भी घायल हुए
जोधपुर में जालोरी गेट चौराहे के बालमुकंद बिस्सा सर्कल पर सोमवार रात एक हिंदू समूह द्वारा झंडा फहराने के बाद धार्मिक झंडों को लेकर शुरू हुए विवाद का समाधान हो गया था.पुलिस ने दोनों समुदायों के झंडे हटा दिए और उनकी जगह तिरंगा लगा दिया लेकिन देर रात हुए पथराव के बाद जिसमें कम से कम 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए, मंगलवार सुबह शहर में फिर तनाव व्याप्त हो गया. क्योंकि अल्पसंख्यक समूह के सदस्यों ने हिंदुओं द्वारा फहराए गए झंडे को हटाने की कोशिश की थी. सूत्रों ने बताया कि बेकाबू हुई भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वह शांति व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया जिसके बाद भी भीड़ नियंत्रण नहीं हुई तो फिर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े पुलिस ने अब स्थिति को नियंत्रण में कर लिया है प्रशासन ने इलाके में भारी पुलिस बल को तैनात किया है
जोधपुर के जालोरी गेट एरिया में झंडे उतारने की घटना को लेकर दो पक्ष आमने सामने आ गए देखते ही देखते माहौल इतना बिगड़ गया कि पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठियां भांजी और आंसु गैस के गोले छोड़े स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई हैं राजस्थान के जोधपुर में दो पक्षों में जमकर बवाल हुआ. एक झार्मिक झंड़ा उतारने को लेकर दो पक्षों में झड़प हो गई. इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से पत्थरबाजी की गई. पत्थरबाजी में थानेदार समेत तीन पुलिसकर्मी और तीन से चार पत्रकार घायल हो गए. घटना के बाद इलाके में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है.
भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को चलाने पड़े आंसू गैस के गोले
आधी रात को झंडे उतारने की घटना को लेकर दो पक्ष आमने सामने आ गए. देखते ही देखते माहौल इतना बिगड़ गया कि, पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठियां भांजी और आंसु गैस के गोले छोड़े. स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई हैं. हालांकि इलाके में पुलिस बलों की संख्या बढ़ा दी गई है. वहीं, सीएम अशोक गहलोत ने घटना पर गहरी चिंता जताई है.
आधी रात से ही इंटरनेट सेवा बंद
इस घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया और शांति व्यवस्था को बहाल करने के लिए हर संभव कोशिश कि और दोनों समुदायों को समझाने के प्रयास किए जा रहे हैं असामाजिक तत्वों द्वारा लोगों को गुमराह ना किया जा सके जिसके कारण इस पूरे इलाके में आधी रात से ही प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह से बंद करवा दिया था जोधपुर शहर में फिलहाल सभी कंपनियों के इंटरनेट को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है और हालात को काबू करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं

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