पंजाब समाचार : चंडीगढ़ - सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को 1988 के रोड रेज मामले में सजा सुनाई है सिद्धू शुक्रवार सुबह 10 बजे पटियाला की एक स्थानीय अदालत में आत्मसमर्पण करेंगे जिसके बाद उन्हें पटियाला जेल भेजा जाएगा फिलहाल नवजोत सिंह सिद्धू पटियाला जेल में ही रह सकते हैं बाद में उन्हें कहीं और शिफ्ट करने पर विचार हो सकता है।
पटियाला जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नरिंदर पाल लाली ने पार्टी समर्थकों को संदेश में कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू सुबह 10 बजे अदालत पहुंचेंगे उन्होंने पार्टी समर्थकों से सुबह करीब साढ़े नौ बजे अदालत परिसर पहुंचने का भी आग्रह किया सुप्रीम कोर्ट के फैसले की घोषणा के बाद सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू अमृतसर से रात करीब 9:45 बजे पटियाला पहुंचीं।
हाईकोर्ट पहुंचा सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश पंजाब हरियाणा की हाईकोर्ट पहुंच गया है यहां से आदेश पटियाला के जिला एवं सत्र न्यायालय को भेजा जाएगा इसके बाद अदालत संबंधित पुलिस अधिकारी को नवजोत सिंह सिद्धू की गिरफ्तारी का आदेश जारी करेगी।
आत्मसमर्पण करना बेहतर विकल्प
नवजोत सिंह सिद्धू के पास आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है अगर नवजोत सिंह सिद्धू आत्मसमर्पण नहीं करेंगे तो पुलिस को उन्हें गिरफ्तार कर सकती है गिरफ्तारी से बचने के लिए नवजोत सिंह सिद्धू ने सरेंडर का ऑप्शन चुना है वह कोर्ट में सरेंडर करेंगे और उन्हें पटियाला जेल भेज दिया जाएगा।
मामला क्या है
27 दिसंबर 1988 को नवजोत सिंह सिद्धू और उनके सहयोगी रूपिंदर सिंह संधू पटियाला में शेरांवाला गेट क्रॉसिंग के पास एक सड़क के बीच में खड़ी एक जिप्सी में थे उस समय गुरनाम सिंह और दो अन्य लोग पैसे निकालने के लिए बैंक जा रहे थे जब वे चौराहे पर पहुंचे तो मारुति कार चला रहे गुरनाम सिंह ने जिप्सी को सड़क के बीच में पाया और सिद्धू और संधू को इसे हटाने के लिए कहा इससे दोनों पक्षों में बहस हो गई और बात हाथापाई तक पहुंच गई गुरनाम सिंह को अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई सितंबर 1999 में निचली अदालत ने नवजोत सिंह सिद्धू को हत्या के आरोपों से बरी कर दिया था हालांकि हाई कोर्ट ने फैसले को उलट दिया और दिसंबर 2006 में नवजोत सिंह सिद्धू और रूपिंदर सिंह संधू को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया उन्हें तीन साल के कारावास की सजा सुनाई थी और उन पर एक एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।

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