उन्होंने कहा कि यह देश के मजदूरों की बढ़ती हुई एकता की ताकत है, जिसने मोदी सरकार को इन मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताओं को लागू करने से रोक दिया है। संगठन के अखिल भारतीय अध्यक्ष सुखवीर सिंह प्रभात ने सम्मेलन का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि निर्माण मजदूरों को सरकारों की नीति व नीति के पीछे की राजनीति को समझने की जरूरत है
श्रीगंगानगर : राजस्थान निर्माण मजदूर यूनियन (सीटू) का दो दिवसीय तृतीय राज्य स्तरीय सम्मेलन आज का. बी.एल. बापना नगर माहेश्वरी धर्मशाला जवाहरनगर, श्रीगंगानगर में इंकलाबी नारों के बीच संगठन के प्रदेशाध्यक्ष भगवान सिंह बगडिय़ा द्वारा संगठन का झंडा फहराने के साथ प्रारम्भ हुआ। शहीद वेदी पर भारत के निर्माण मजदूरों के फैडरेशन सीडब्ल्यूएफआई के अखिल भारतीय अध्यक्ष सुखवीर सिंह प्रभात, सीटू के प्रदेशाध्यक्ष रविन्द्र शुक्ला सीटू प्रदेश महामंत्री का. वी.एस. राणा, भवन निर्माण मजदूर यूनियन के प्रदेश महामंत्री हरेन्द्र सिंह, बृजसुन्दर जांगिड़, हरकेवलदीप सिंह व लखविन्द्र सिंह सहित जिलों से भाग ले रहे प्रतिनिधियों द्वारा पुष्प अर्पित कर शहीदों की स्मृति को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी गई।
सम्मेलन के खुले सत्र में स्वागत भाषण देते हुए सीटू के श्रीगंगानगर जिलाध्यक्ष मोहन लाल नाहडिय़ा ने श्रीगंगानगर के निर्माण मजदूरों, ईन्ट भट्ठा मजदूरों, एफसीआई पल्लेदारों, लोडिंग-अनलोडिंग मजदूरों व अन्य क्षेत्र में सीटू के नेतृत्व में मजदूरों के शानदार संघर्ष का उल्लेख किया।
तृतीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का उदघाटन करते हुए सीटू के प्रदेशाध्यक्ष का. रविन्द्र शुक्ला ने मोदी सरकार द्वारा 44 श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में बदल देने से मजदूरों के अधिकारों पर होने जा रहे हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार मजदूरों के यूनियन बनाने व 8 घंटे के कार्य दिवस को छीन लेना चाहती है। सीटू ने केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों व विभिन्न फैडरेशनों के व्यापक मंच द्वारा 28-29 मार्च, 2022 को देशव्यापी आम हड़ताल आयोजित कर अमीरपरस्त नीतियों के खिलाफ चेतावनी दे दी है। उन्होंने कहा कि यह देश के मजदूरों की बढ़ती हुई एकता की ताकत है, जिसने मोदी सरकार को इन मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताओं को लागू करने से रोक दिया है। संगठन के अखिल भारतीय अध्यक्ष सुखवीर सिंह प्रभात ने सम्मेलन का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि निर्माण मजदूरों को सरकारों की नीति व नीति के पीछे की राजनीति को समझने की जरूरत है, जो राजस्थान के निर्माण मजदूरों की पुत्रियों की शुभ शक्ति योजना का 55 हजार रूपया पिछले चार साल से नहीं दे रही है। सरकार की उस राजनीति को समझना होगा, जो छात्रवृत्ति, प्रसूति व मृत्यु सहायता नहीं देना चाह रही है। गहलोत सरकार ने राजस्थान कल्याण बोर्ड से 328 करोड़ रूपया उधार लेकर आज तक नहीं लौटाया है।
का. सुखवीर सिंह प्रभात ने कहा कि कोविड-19 के कारण निर्माण मजदूरों को भारी संख्या में रोजगार से हाथ धोना पड़ा है और बेरोजगारी आज नासूर बन गई है। लगातार हो रही पेट्रोल-डीजल के भावों में वृद्धि से महंगाई आसमान छू रही है और मजदूर की थाली का वजन लगातार घट रहा है। हमारी यूनियन का यह तीसरा सम्मेलन महंगाई, बेरोजगारी व साम्प्रदायिकता के खिलाफ चल रहे संघर्ष को और ज्यादा व्यापक व धारदार बनाएगा। सम्मेलन में बोलते हुए सीटू के राज्य महामंत्री का. वी.एस. राणा ने केन्द्र सरकार द्वारा देश के महत्वपूर्ण सार्वजनिक उद्योगों जिनमें एल.आई.सी. जैसा दुनियांभर में प्रतिष्ठित निकाय शामिल है, को निजीकरण के रास्ते धकेल कर देश की धन-सम्पदा को गौतम अडानी जैसे अपने पसंदीदा घरानों को कोडिय़ों के दाम लुटाना चाह रही है। बैंक-बीमा, रेल, स्टील, कोयला के कर्मचारी-मजदूर अपनी एकता से कड़ा प्रतिरोध का निर्माण कर रहे हैं।
का. राणा ने कहा कि सीटू राजस्थान के निर्माण मजदूरों, भट्ठा मजदूरों, परिवहन क्षेत्र के मजदूरों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका व आशा एवं संविदा कर्मचारियों के संघर्ष को आगे बढ़ा रही है व मजदूर एकता का निर्माण करने का महत्वपूर्ण कर रही है। इस सम्मेलन में श्रीगंगानगर सहित पूरे राजस्थान से प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का समापन 15 मई, रविवार को होगा।





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