राजस्थान समाचार : श्रीगंगानगर - भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज ने अनुसूचित जाति आयोग उपाध्यक्ष सचिन सरवटे का किया अभिनंदन-सम्मान ज्ञापन सौंपकर वाल्मीकि समाज की विभिन्न समस्याओं के निराकरण की माँग की

भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज द्वारा अनुसूचित जाति आयोग उपाध्यक्ष सचिन सरवटे को वाल्मीकि समाज की ज्वलंत समस्याओं के निराकरण के लिए ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें मुख्यत: मांग की गई है कि वाल्मीकि समाज के लिये अलग आरक्षण दिया जाए,

श्रीगंगानगर : भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज आज अनुसूचित जाति आयोग उपाध्यक्ष सचिन सरवटे का अभिनंदन-सम्मान किया गया। प्रदेश सह सचिव व राजस्थान मीडिया प्रभारी सुरेश लोट ने बताया कि भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज के शिष्टमण्डल ने आज सूरतगढ़ पधारे अनुसूचित जाति उपाध्यक्ष सचिन सरवटे को फूलमालायें पहनाकर तथा फूलों का गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया गया। इस मौके  पर प्रदेश सचिव रामगोपाल सारसर, सह सचिव सुरेश लोट, प्रदेश उपाध्यक्ष अमन वाल्मीकि, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य राकेश उज्जीनवाल, प्रदेश प्रभारी बिरजू द्राविड़, वाल्मीकि समाज के वरिष्ठ नेता प्रेम भाटिया, मास्टर मनोज धारीवाल, राजेन्द्र सारसर, विनोद वाल्मीकि, रतन बोहत, शीशपाल लोट, सुमित कुमार सहित भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज पदाधिकारी व सदस्य तथा वाल्मीकि समाज के गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


तत्पश्चात् भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज द्वारा अनुसूचित जाति आयोग उपाध्यक्ष सचिन सरवटे को वाल्मीकि समाज की ज्वलंत समस्याओं के निराकरण के लिए ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें मुख्यत: मांग की गई है कि वाल्मीकि समाज के लिये अलग आरक्षण दिया जाए, सफाई ठेका प्रथा पूर्ण रूप से बन्द करके राजस्थान की वर्तमान जनसंख्या के अनुपात में सफाई कर्मचारियों के पद स्वीकृत कर उन पर प्राथमिकता के आधार पर कोविड-19 के दौरान समर्पित भाव से अपनी जान जोखिम में डालकर सफाई कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों तथा सफाई ठेके पर लगे कर्मचारियों को नियमित किया जावे व शेष पदों पर वाल्मीकि समाज के ही बेरोजगार लोगों की भर्ती की जाए, सफाई कर्मचारी आयोग को संवैधानिक दर्जा प्राप्त हो तथा सफाई कर्मचारी आयोग का अध्यक्ष वाल्मीकि समाज से ही बनाया जाए


अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन पद पर वाल्मीकि समाज के व्यक्ति की नियुक्ति की जाए, वाल्मीकि प्रकट दिवस पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की जाए, वाल्मीकि समाज के बच्चों के लिये उच्च शिक्षा नि:शुल्क घोषित की जाए, निजी शिक्षण सस्थान/नर्सिंग होम्स/उद्योग/प्राईवेट वित्तीय संस्थाओं में लगे सफाई कर्मचारी को नियमित कर्मचारियों के समान ही वेतन भत्तों की व्यवस्था की जाए, सफाई कर्मचारियों को सीवर में नहीं उतारा जाए व सीवर में हादसा होने के कारण मृतक सफाई कर्मचारियों के परिजनों को एक करोड़ रूपये का मुआवजा व सरकारी नौकरी दी जाए एवं दोषियों के विरूद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए, 


राजस्थान की राजधानी जयपुर में 20 बीघा जमीन वाल्मीकि आश्रम के नाम से नि:शुल्क अलॉट की जाए तथा सभी जिलों में जिला मुख्यालय पर राज्य सरकार द्वारा पूर्व में वाल्मीकि भवन का निर्णय लिया हुआ है, को ध्यान में रखते हुए  वाल्मीकि भवन का प्रत्येक जिला स्तर पर निर्माण करवाया जाए, सफाई कर्मचारी को राज्य के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की तरह शैक्षणिक योग्यता व वरिष्ठता के आधार पर पदौन्नति का लाभ दिया जाए तथा वर्तमान में आसमान छू रही महंगाई के दौर में इतनी कम मजदूरी में परिवार का पालन-पोषण करना असम्भव है। इसलिए अस्थाई सफाई कर्मचारियों को कुशल श्रमिक मानकर 500 रू. दैनिक मजदूरी दी जाए। इस पर राजस्थान अनुसूचित जाति आयोग प्रदेश उपाध्यक्ष सचिन सरवटे ने इन मांगों पर उचित कार्यवाही का विश्वास दिलाया।


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