राजस्थान समाचार : कुंभकरण, मेघनाथ और अहिरावण का खात्मा,रावण युद्ध में उतरा आज शाम दशानन के परिवार के पुतलों का दहन, अयोध्या में‌ प्रभु राम का राजतिलक


श्रीगंगानगर - सेठ गोपीराम गोयल बगीची में हाईटेक रामलीला में मंगलवार रात अहंकारी रावण के कुनबे का राम दल सेना से भीषण युद्ध मेंखात्मा शुरू हो गया। युद्ध आरंभ करने से पहले रावण और शक्ति हासिल करने

के लिए शंकर भगवान की पूजा करता है। रावण गुफा में सोए भाई कुंभकरण को युद्ध में भेजने के लिए जाता है।वह  रावण को समझाता है कि यह युद्ध करना उचित नहीं है। रावण नहीं मानता।वह कुंभकरण को युद्ध में जाने का आदेश देता है। कुंभकरण पूरी शिद्दत और जी-जान से राम दल सेना से लडते हुए मारा जाता है।पिता रावण के कहने पर पुत्र मेघनाद युद्ध में जाने की तैयारीकरता है।


उसे पत्नी सुलोचना कहती है कि वे उससे मिल बिना ही जा रहे हैं।पति-पत्नी के बेहद भावुक संवाद वाले इस सीन में मेघनाथ बने आशीष अरोड़ाऔर सुलोचना की भूमिका कर रही आशीष अरोड़ा की पत्नी रीटा बेहद भावपूर्णअभिनय से जान डाल दी। दर्शकों ने इनकी अदाकारी की करतल ध्वनि से सराहना

की। युद्ध करने से पहले मेघनाथ यज्ञ करते हैं।अगर यह यज्ञ सफल हो जाए तोमेघनाथ को युद्ध में हराना असंभव है,यह पता चलने पर राम-लक्ष्मण-हनुमान यज्ञ विध्वंस कर देते और मेघनाथ मारा जाता है। मेघनाथ के मारे जाने पर रावण पातालनगरी में जाकर अहिरावण को युद्ध में जाने को कहता है।मायावी जाल और मोहिनी विद्या में परांगत अहिरावण रात को पहरे पर तैनात हनुमान को चकमा देने के लिए विभीषण के वेश में राम दल में घुस जाता है।

                                                                                                                                                                              

                                                                                                                                                                  



सभी को मूर्छित कर राम-लक्ष्मण को लेकर पाताल में चला जाता है। सुबह होने पर राम-लक्ष्मण को न पाकर सभी व्याकुल हो जाते हैं। हनुमान बताता है कि रात को विभीषण के सिवा कोई नहीं आया था।तब विभीषण को याद आता है कि उसका रुप सिर्फ अहिरावण ही धर सकता है। विभीषण के यह बताने और राम-लक्ष्मण के

पातालनगरी में होने की आशंका जताने पर हनुमान पाताल नगरी  जाकर अहिरावण को मार कर राम-लक्ष्मण को सकुशल ले आता है।एक एक कर सभी के मार जाने पर रावण खुद युद्ध के मैदान में जाता है,लेकिन सूर्यास्त हो जाने के कारण युद्ध रूक जाता है।अब आगे युद्ध आज बुधवार शाम को सुखाड़िया सर्किल के

समीप रामलीला मैदान में दशहरा उत्सव में होगा,जहां इसी राम लीला के

राम-लक्ष्मण पुतलों का दहन करेंगे।राम का दिनेश शर्मा,सीता का सुश्रीमनदीप सोनी,लक्ष्मण का सुभेष देहडान, रावण का भूपेंद्र शर्मा, सुग्रीव का अरुण स्वामी, विभीषण का सन्नी, कुंभकरण का सूरज सोनी, अहिरावण नरेश बॉस, महिरावण का सुधीर गोयल,अंगद का राजेश शर्मा, मंदोदरी का राधा गुनेजा, हनुमान का रवि सोनी, मकरध्वज का पार्थ युवराज और कामद देवी का वाणी ने शानदार अभिनय किया।


सचिव पवन वधवा ने बताया कि आज की रामलीला में मुख्य अतिथि परफेक्ट एजुकेशन के डायरेक्टर पवन कुक्कड़, सनफलैक्स पैंट्स के औंकारसिंह और शिव लंगर समिति के अध्यक्ष अमरनाथ सप्पू रहे।श्री रामलीला सेवा समिति के संरक्षक विजय कुमार गोयल, केवल कृष्ण मल्होत्रा, अध्यक्ष कृष्ण गुनेजा, उपाध्यक्ष महेश सारस्वत और संदीप अनेजा, कोषाध्यक्ष संजय गोयल और विधि मंत्री गुरमेश धींगडा एडवोकेट ने अतिथियों का स्वागत किया। समिति के साइबर एक्सपर्ट तुषार भाटिया ने बताया कि प्रतिदिन  इस लीला को फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर देश भर में ही नहीं दुबई, मलेशिया, इंडोनेशिया और थाइलैंड आदि देशों में हजारों लोगों ने लाइव प्रसारण देखा। रामलीला  मंचन को शानदार बताते हुए बड़ी संख्या में कमैंट्स भी मिले।


                                                                                                                                                      


आज  शोभायात्रा, दशहरा उत्सव


श्री राम लीला सेवा समिति के अध्यक्ष कृष्ण गुनेजा ने बताया कि कल बुधवार दोपहर तीन बजे जीआरजी सिनेमा हाल प्रभु राम की भव्य शोभायात्रा रामलीला मैदान के लिए रवाना होगी।शहर के मुख्य मार्गों से होती शोभायात्रा

रामलीला मैदान पहुंचेगी, जहां दशहरा उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।इसके बाद सेठ गोपीराम गोयल बगीची में हाईटेक रामलीला के मंच पर राम-लक्ष्मण-सीता की अयोध्या वापिस तथा प्रभु राम के राजतिलक के दृश्य

मंचित होंगे।इसके साथ ही रामलीला का समापन होगा।




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