अखिल भारतीय साहित्य परिषद् द्वारा नववर्ष प्रतिपदा उत्सव 22 मार्च को शिक्षाविदों की दो पुस्तकों का विमोचन भी होगा - भारतीय संस्कृति के विद्वान प्रो. डॉ. चन्द्रपाल शर्मा आएंगे

श्रीगंगानगर: अखिल भारतीय साहित्य परिषद् की श्रीगंगानगर जिला इकाई द्वारा 22 मार्च, बुधवार को सायं 4.30 बजे गोल बाजार स्वामी दयानन्द मार्ग स्थित आर्य समाज मंदिर में नववर्ष प्रतिपदा उत्सव का आयोजन किया गया है। समारोह में दो शिक्षाविदों की सद्य प्रकाशित पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा। परिषद् के जिला महासचिव मनीराम सेतिया ने बताया कि इस समारोह के मुख्य अतिथि भारतीय संस्कृति व रामकथा मर्मज्ञ प्रो. डॉ. चन्द्रपाल शर्मा ‘नववर्ष की वैज्ञानिकता एवं महत्व’ विषयक उद्बोधन देंगे। 




सेतिया के अनुसार समाजसेवी विजय गोयल की अध्यक्षता एवं अ.भा. साहित्य परिषद् के प्रदेश संगठन मंत्री डॉ. विपिन पाठक के सान्निध्य में हो रहे इस आयोजन के सारस्वत अतिथि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी पन्नालाल कड़ेला होंगे। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर प्रो. डॉ. बलवंत सिंह चौहान की पुस्तक ‘डॉ. श्रीनाथ हसूरकर रचित ‘अजातशत्रु:’’(उपन्यास का काव्य शास्त्रीय आकलन) एवं प्रो. डॉ. गोपीराम शर्मा की पुस्तक ‘आधुनिकता, उत्तर-आधुनिकता और साहित्यिक विमर्श’ का अतिथियों द्वारा विमोचन किया जाएगा। ज्ञातव्य है कि प्रो. डॉ. चन्द्रपाल शर्मा की लगभग 17 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।

इनमें से कुछ विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में है। उनकी वाल्मीकि रामायण से सम्बन्धित एक पुस्तक पांच भाषाओं में प्रकाशित हो चुकी है। मनीराम सेतिया ने क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों व साहित्यकारों से भारतीय संस्कृति के विद्वान प्रो. डॉ. चन्द्रपाल शर्मा के नववर्ष की वैज्ञानिकता एवं महत्व पर विचार सुनने के लिए इस समारोह में पहुंचने का आह्वान किया है।

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