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इस गीत का लाँचिंग कार्यक्रम श्री आत्म वल्लभ जैन कन्या महाविद्यालय में शुक्रवार प्रात: 11 बजे आयोजित किया गया। जैन शिक्षा न्यास के अध्यक्ष अमरचंद बोरड़ ने बताया कि इस मौके पर श्री आत्मवल्लभ शिक्षा न्यास प्रबंध समिति सचिव नरेश जैन, सदस्य स्वीटी जैन, म्यूजीशियन मनोज आर्य, राष्ट्रीय कला मंदिर के अध्यक्ष वीरेंद्र बैद, चौ. बल्लूराम गोदारा राजकीय कन्या महाविद्यालय पूर्व प्राचार्य मनोरमा बैद, साहित्यकार कृष्ण कुमार ‘आशु’, चाणक्य आईएएस कॉर्डिनेटर सुमेश शर्मा, श्री आत्मवल्लभ जैन कन्या महाविद्यालय निदेशक डॉ. संजय अरोड़ा सहित गण्यमान्य व्यक्ति विशेष रूप से मौजूद रहे, जिन्होंने इस गीत की मुक्तकंठ से सराहना की। कार्यक्रम का सफल संचालन बी.एड. कॉलेज प्राचार्य डा. पंकज थरेजा ने किया।
पारम्परिक गीत हमारी धरोहर : अमर चन्द बोरड़ - कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जैन शिक्षा न्यास के अध्यक्ष अमरचंद बोरड़ ने कहा कि पारम्परिक गीत-संगीत, खान-पान, वेशभूषा हमारी धरोहर हैं। इस धरोहर को सम्भालकर आने वाली पीढ़ी को भी इससे जोडऩा चाहिए। उन्होंने उपस्थित छात्राओं को मारवाड़ी भाषा शैली और गणगौर की महत्वता के बारे में बताया। कार्यक्रम को सभी अतिथियों ने सम्बोधित किया तथा लोक संस्कृति को संजोंने के लिए ऐसे सार्थक प्रयासों पर बल दिया। इस अवसर पर महाविद्यालय स्टाफ, छात्रायें एवंं गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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