अमृतपाल का पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI वह बब्बर खालसा से संबंध, आनंदपुर खालसा फोर्स का गठन किया जा रही था, AKF लिखी जैकेट्स-हथियार मिले

अमृतपाल के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से भी कनेक्शन का खुलासा हुआ है. इनपुट यह भी मिला है कि अमृतपाल प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल का हैंडलर है।

1980 में गठित बब्बर खालसा इंटरनेशनल संगठन को भारत और इंग्लैंड में आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है। बब्बर खालसा कनाडा, जर्मनी और इंग्लैंड में सबसे अधिक सक्रिय है, बीकेआई के अधिकांश सदस्यों ने पाकिस्तान में शरण ली है, वे आईएसआई के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

इसी आधार पर पंजाब पुलिस की जालंधर रेंज के DIG स्वप्न शर्मा ने कहा है कि अमृतपाल के  संबंध आईएसआई से जुड़ रहे हैं जानकारी मिली है कि अमृतपाल 10 साल दुबई में था BKI का हैंडलर बनकर ही 2022 में पंजाब लौटा।


पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अमृतपाल जलूखेड़ा गांव में अपनी निजी सेना आनंदपुर खालसा फोर्स (एकेएफ) बना रहा था। पुलिस को उसके घर से एकेएफ लिखे कई जैकेट मिले हैं। ये जैकेट पुलिस और सेना के कमांडो की जैकेट जैसी होती हैं। साथियों के पास से बरामद सभी हथियारों पर एकेएफ भी लिखा हुआ मिला। करीबी हरविंदर सिंह के पास से कई अवैध हथियार और 100 से ज्यादा कारतूस मिले हैं।

शुरुआती इन्वेस्टिगेशन में अमृतपाल का नाम अवतार सिंह खंडा के साथ जुड़ रहा है। अतवार सिंह खंडा पाकिस्तान में बैठे बब्बर खालसा के प्रमुख परमजीत सिंह पम्मा का खास है और ‘बब्बर खालसा UK’ को ऑपरेट करता है।


बब्बर खालसा इन दिनों प्रोजेक्ट K2 पर काम कर रहा है। कश्मीर में भड़काऊ गतिविधियों के साथ-साथ पंजाब में एक बार फिर से खालिस्तान मूवमेंट खड़ा करने की प्लानिंग है। अमृतपाल को इसीलिए पंजाब भेजा गया था। पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने तो 1 सितंबर 2022 को ही एक सभा में कह दिया था कि अमृतपाल के दुबई से पंजाब लौटने के पीछे पड़ोसी देश पाकिस्तान है।


अमृतपाल ने मर्सिडीज ड्रग तस्कर ने खरीदी थी 

खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह जिस मर्सिडीज कार में घूमता था, वे हरियाणा के एक व्यापारी की थी। जिसे इसी साल जनवरी में पंजाब के एक व्यक्ति ने खरीदा था। पुलिस ने बताया कि कार अभी ट्रांसफर नहीं हुई थी। लेकिन जिसने यह कार खरीदी, वे रवेल सिंह है, जो नशा तस्करी के आरोप में पकड़ा भी जा चुका है। अमृतपाल के चाचा और ड्राइवर इसी मर्सिडीज से सरेंडर करने आए थे।


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