भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज ने पुष्पांजलि अर्पित कर तथा मिठाई बांटकर मनाई अम्बेडकर जयंती - Bhartiya Valmiki Dharma Samaj celebrated Ambedkar Jayanti by paying floral tributes and distributing sweets

भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज ने पुष्पांजलि अर्पित कर तथा मिठाई बांटकर मनाई अम्बेडकर जयंती  - वाल्मीकि समाज के घर-घर में जलाए गए दीप



श्रीगंगानगर: भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज द्वारा वार्ड नं. 63 वाल्मीकि बस्ती में संविधान निर्माता, भारत रत्न, दलितों के मसीहा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 132वीं जयंती धूमधाम से हर्षोल्लासपूर्वक मनाई गई। जिलाध्यक्ष बंटी भाटिया वाल्मीकि ने बताया कि भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज राष्ट्रीय संचालक मदन सिरसवाल तथा प्रदेशाध्यक्ष अनिल धारीवाल ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर व पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की शुरूआत की।

भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज राष्ट्रीय संचालक मदन सिरसवाल तथा प्रदेशाध्यक्ष अनिल धारीवाल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए बाबा साहेब की जीवनी पर प्रकाश डाला तथा समाज के सर्वांगीण उत्थान के लिए बाबा साहेब द्वारा दिए गए योगदान को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि उन्हीं के संविधान की बदौलत ही आज दलित समाज व पिछड़ा वर्ग समाज की मुख्यधारा में शामिल हो पाया है। उन्होंने नशे से दूर रहने व शिक्षा के प्रति जागृति लाने का संकल्प दिलाया व बाबा साहेब की शिक्षाओं को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।

जिलाध्यक्ष बंटी भाटिया वाल्मीकि ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने जोशीले नारों से सारा वातावरण गुंजायमान कर दिया। इस मौके पर मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया गया तथा दलित समाज के उत्थान के लिए बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा किए गए ऐतिहासिक कार्यों के लिए कृतज्ञता ज्ञापित की गई। तत्पश्चात् सांयकाल अम्बेडकर जयंती के उपलक्ष्य में वाल्मीकि समाज के घर-घर में दीप प्रज्ज्वलित कर खुशियां मनाई गई।

इस अवसर पर भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज राष्ट्रीय संचालक मदन सिरसवाल, प्रदेशाध्यक्ष अनिल धारीवाल, जिलाध्यक्ष बंटी भाटिया वाल्मीकि, नगर महामंत्री आर्यन भारती, संगठन मंत्री सागर भाटिया, ज्योति धारीवाल, विक्रम भाटिया, राकेश कोचर, साहिल सिरसवाल, विकास वाल्मीकि, धीरज सारसर, करण वाल्मीकि, महिला विंग से संतोष देवी, सरला देवी, रेखा रानी धारीवाल, सुमन भाटिया, ग्यारसी देवी, बबली देवी, ज्योति रानी, कोमल, रेविका, ज्योति ग्रोवर, कंचन, कलावती, संतरा, ऊषा सहित भारी संख्या में वाल्मीकि समाज के महिला, पुरुष, बच्चे, बुजुर्ग, युवा एवं भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।




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