जिला ट्रक ऑपरेटर यूनियन ने अवैध माल ढुलाई व परिवहन पर अंकुश लगाने की माँग की- कृषि जिंसों की ढुलाई व परिवहन नियमानुसार ट्रक से ही करने की माँग को लेकर सौंपे ज्ञापन- District Truck Operators Union demanded to curb illegal freight transportation and transportation

जिला ट्रक ऑपरेटर यूनियन ने अवैध माल ढुलाई व परिवहन पर अंकुश लगाने की माँग की- कृषि जिंसों की ढुलाई व परिवहन नियमानुसार ट्रक से ही करने की माँग को लेकर सौंपे ज्ञापन- कार्यवाही नहीं होने पर मजदूर दिवस पर 1 मई को किया जाएगा धरना-प्रदर्शन



श्रीगंगानगर, 18 अप्रैल 2023: जिला ट्रक ऑपरेटर यूनियन के शिष्टमण्डल ने अध्यक्ष मेजर सिंह गिल तथा कार्यकारी अध्यक्ष महेन्द्र बिश्नोई के नेतृत्व में जिला कलक्टर तथा रसद अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर नियम विरूद्ध ट्रेक्टर-ट्रॉली द्वारा अवैध माल ढुलाई पर आक्रोश व्यक्त किया है तथा नियम विरूद्ध ट्रेक्टर-ट्रॉली द्वारा अवैध रूप से धान मण्डी, एफसीआई, सीसीआई, राजस्थान राज्य बीज निगम आदि स्थानों से कृषि जिंसों की माल ढुलाई व परिवहन पर अंकुश लगाने तथा नियमानुसार ट्रक से ही माल ढुलाई व परिवहन करने की माँग की गई है। 


ज्ञापन में माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर के एस.बी. सिविल रिट पेटीशन नं. 4867/2022 निर्णय दिनांक 16/08/2022 का हवाला देते हुए, माननीय न्यायालय के आदेशों की पालना करवाने के लिए भी लिखा गया है। शिष्टमण्डल में नरेश खोथ, जीत सिंह, निशान सिंह, उम्मेद सिंह, राजेन्द्र, महंत सिंह, सुखदेव सिंह, मदन लुहार, सोहनलाल, सुखवंत सिंह, जगजीत सिंह, राजेन्द्र कुमार, जगदीश, निहाल सिंह, गुरकीरत सिंह, मनमीत सिंह, सुरेन्द्र कुमार, महेन्द्र साहनी आदि जिला ट्रक ऑपरेटर यूनियन पदाधिकारी व सदस्य शामिल थे। जिला ट्रक ऑपरेटर यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि शीघ्र ही जिला परिवहन अधिकारी को भी ज्ञापन सौंपा जाएगा तथा कार्यवाही नहीं होने पर मजदूर दिवस पर 1 मई, सोमवार को सुखाडिय़ा सर्किल स्थित भारत माता चौक पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।


अध्यक्ष मेजर सिंह गिल तथा कार्यकारी अध्यक्ष महेन्द्र बिश्नोई ने कहा कि लोगों की जान जोखिम में डालकर नियम विरूद्ध ट्रेक्टर-ट्रॉली द्वारा अवैध रूप से ओवरलोड माल भरकर की जा रही ढुलाई व परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए जिला ट्रक ऑपरेटर यूनियन द्वारा बार-बार ज्ञापन द्वारा मांग की जा रही है। इस सम्बन्ध में जिला ट्रक ऑपरेटर यूनियन द्वारा 26 जुलाई, 2021 को भूख हड़ताल व धरना-प्रदर्शन किया गया था। इस पर जिला कलक्ट्रेट में जिला परिवहन अधिकारी, श्रीगंगानगर द्वारा समझौता वार्ता में लिखित में अवैध रूप से संचालित एवं ओवरलोड वाहनों के विरूद्ध मोटर वाहन अधिनियम के अन्तर्गत नियमानुसार कार्यवाही करने का पत्र जारी करने पर आंदोलन समाप्त किया गया। 


लेकिन अत्यन्त खेदजनक है कि ओवरलोड वाहनों पर कोई कार्यवाही नहीं होने तथा उक्त वाहनों द्वारा ओवरलोड माल भरकर ढुलाई व परिवहन निरन्तर जारी रहने के कारण यूनियन पदाधिकारियों द्वारा माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर में एस.बी. सिविल रिट पेटीशन नं. 4867/2022 दायर की गई, जिसमें याचिकाकर्ता के पक्ष में निर्णय आया है तथा डी.बी. सिविल रिट पेटीशन (पीआईएल) नं. 4449/2016 के निर्णय दिनांक 05/08/2016 का हवाला दिया गया है।


अध्यक्ष मेजर सिंह गिल तथा कार्यकारी अध्यक्ष महेन्द्र बिश्नोई ने कहा कि नियम विरूद्ध अवैध रूप से लोगों की जान जोखिम में डालकर ट्रेक्टर-ट्रॉली से की जा रही कृषि जिंसों की अवैध माल ढुलाई व परिवहन से हजारों ट्रक चालक बेरोजगार हो गए हैं। धान मण्डी, एफसीआई, सीसीआई, राजस्थान राज्य बीज निगम आदि स्थानों से कृषि जिंसों की ट्रेक्टरों द्वारा ओवरलोड लोडिंग-अनलोडिंग की जा रही है तथा परिवहन किया जा रहा है। ट्रेक्टर आज भी कृषि कार्यां में ही प्रयुक्त होता है तथा ट्रेक्टर का कमर्शियल पास नहीं है। ट्रॉली की मोडिफिकेशन भी नियमों के विरूद्व की जा रही है, जिससे सरकार को प्रतिवर्ष करोड़ों रूपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। परन्तु फिर भी ट्रैक्टर-ट्रॉली से अवैध परिवहन/ढुलाई लगातार मिलीभगत कर किया जा रहा है।

  

माननीय उच्च न्यायालय द्वारा अपने निर्णय में यह प्रतिपादित किया गया है कि ट्रेक्टर-ट्रॉली से केवल किसान द्वारा ही अपनी फसल का परिवहन किया जा सकता है। एक बार किसान द्वारा परिवहन कर धान मण्डी में फसल विक्रय करने के पश्चात् कोई भी जिंस किसान की फसल नहीं रह जाती है तथा इसके पश्चात् उपरोक्त फसल का परिवहन ट्रेक्टर-ट्रॉली से किसी भी जगह नहीं किया जा सकता है। ट्रेक्टर-ट्रॉली से फसल केवल किसान द्वारा सबसे नजदीक मण्डी में ले जाने के लिये ही किया जा सकता है। साधारण परिवहन के लिये ट्रेक्टर ट्रॉली को उपयोग में नहीं लिया जा सकता। माननीय न्यायालय द्वारा सक्षम अधिकारीगण को तुरन्त प्रभाव से फ्लाईंग स्कवायड बनाकर निर्देशों की पालना करने हेतू आदेश भी दिये गये हैं।

नियमानुसार खाद्य पदार्थों के परिवहन/ढुलाई हेतु ट्रकों को उपयोग में लेने के निर्देश दिये जाने के बावजूद ट्रकों को उपयोग में ना लेकर स्वार्थी तत्वों के द्वारा अवैध साधनों द्वारा परिवहन कर उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की जा रही है।


जिला ट्रक ऑपरेटर यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि सबसे अधिक टैक्स ट्रक मालिकों द्वारा दिया जा रहा है, परन्तु इसके पश्चात् भी ट्रक वालों के भूखे मरने की नौबत आ गई है, जबकि असामाजिक तत्वों द्वारा मिलीभगत कर नियम विरूद्ध कृषि जिंसों की ढुलाई व परिवहन ट्रेक्टर ट्रॉली से करवाया जा रहा है। ट्रेक्टर ट्रॉली न तो नियमानुसार परिवहन करने हेतु फिट है तथा ना ही इनके द्वारा माल की ढुलाई की जा सकती है।



इस सम्बन्ध में पूर्व में भी जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, रसद विभाग, परिवहन विभाग, एफसीआई, सीसीआई, कृषि उपज मण्डी समिति, राजस्थान राज्य बीज निगम को अनेकों बार ज्ञापन प्रस्तुत कर ट्रैक्टरों द्वारा अवैध माल परिवहन/ढुलाई पर अंकुश लगाने की मांग की गई है, परन्तु आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है तथा ट्रेक्टर-ट्रॉली द्वारा सरेआम अवैध परिवहन करके लोगों की जान-माल के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बार-बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हो रही है, इससे मिलीभगत तथा राजनीतिक दबाव स्पष्ट दृष्टिगोचर हो रहा है।


जिला ट्रक ऑपरेटर यूनियन ने पुरजोर शब्दों में माँग की है कि जान-माल की रक्षार्थ तथा माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा प्रतिपादित सिद्धान्तानुसार धान मण्डी, एफसीआई, सीसीआई, राजस्थान राज्य बीज निगम आदि स्थानों से कृषि जिंसों की ढुलाई व परिवहन में ट्रेक्टर ट्रॉली को उपयोग में न लेकर ट्रकों को उपयोग में लिया जाए तथा माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय की पालना सुनिश्चित करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जाए, ताकि अवैध परिवहन रूक सके तथा जान-माल की रक्षा हो सके। अन्यथा जिलेभर के ट्रक ऑपरेटरों द्वारा किए गए आंदोलन व धरना-प्रदर्शन की समस्त जिम्मेवारी जिला प्रशासन की होगी।


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