उत्तराखंड-पंजाब समेत 5 राज्यों में भारी बारिश, 4 दिन में 100 से ज्यादा मौतें , दिल्ली में 207.66 पहुंचा यमुना का जलस्तर, 45 साल का रिकॉर्ड टूटा - uttaraakhand-panjaab samet 5 raajyon mein bhaaree baarish ,4 din mein 100 se jyaada mauten


उत्तराखंड, दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में लगातार बारिश हो रही है. खराब मौसम के कारण पिछले 4 दिनों में देश के अलग-अलग राज्यों में 100 से ज्यादा लोगों की जान चली गई.

8 जुलाई से अब तक हिमाचल प्रदेश में 36, यूपी में 34, जम्मू-कश्मीर में 15, उत्तराखंड में 9, दिल्ली में 5 और राजस्थान, महाराष्ट्र और हरियाणा में एक-एक मौत हुई है।


हिमाचल में 10 हजार पर्यटक फंसे हुए हैं. चंद्रताल में 3 फीट बर्फ जमा हो गई है. रेस्क्यू में 6 हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं. कुल्लू में ब्यास नदी के बहाव में सैंज बाजार का आधा हिस्सा ही बह गया।

उत्तराखंड में आज बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. भूस्खलन के कारण गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर बंद हैं। यहां 3 से 5 हजार लोग फंसे हुए हैं.

दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर दोपहर 3 बजे तक 207.66 मीटर तक पहुंच गया. 1978 में यमुना का उच्चतम जलस्तर 207.49 मीटर तक पहुंच गया था। इस बार 45 साल का रिकॉर्ड टूट गया।

दिल्ली सीएम ने ट्वीट कर जानकारी दी कि, आज रात तक यमुना का जलस्तर 207.72 मीटर तक पहुंच जाएगा. हरियाणा से पानी छोड़ा जा रहा है. जिसके कारण दिल्ली में बाढ़ की स्थिति बन रही है. केजरीवाल ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर केंद्र से मदद की गुहार लगाई है.






मौसम अपडेट 


  • यमुना का जलस्तर अब तक के रिकार्ड स्तर पर पहुंचा। इसको लेकर दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने आपात बैठक की

  • उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा रोक दी गई है.

  • हिमाचल के चंद्रताल में 250 पर्यटक फंसे हुए हैं. सीएम सुक्खू ने कहा है कि अगर 8 घंटे तक बारिश रुकी तो सभी को रेस्क्यू किया जाएगा

  • सोलन में भूस्खलन की चपेट में आने से दो प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई. वहीं, चंडीगढ़-शिमला और चंडीगढ़ मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग आंशिक रूप से खोल दिए गए हैं।

  • हरिद्वार के टिबड़ी में रेल ट्रैक टूटने से कई ट्रेनें प्रभावित हुई हैं.

  • दिल्ली के चाणक्य पुरी इलाके में बाढ़ आ गई. कुछ राजनयिकों और वरिष्ठ अधिकारियों के घरों में भी पानी घुस गया.

  • हरियाणा के 9 जिलों के 600 गांवों में बाढ़ आ गई है. अंबाला का 40 फीसदी हिस्सा पानी में डूबा हुआ है.

  • चंडीगढ़-अंबाला हाईवे यातायात के लिए खोल दिया गया। वहीं, अंबाला-कैथल-हिसार नेशनल हाईवे अभी भी बंद है.



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