शराब घोटाले में संजय सिंह की गिरफ्तारी पर चुप क्यों है कांग्रेस? Why is Congress silent on the arrest of Sanjay Singh in liquor scam?

 जानिए कौन सी राजनीतिक मजबूरी आ रही है आड़े?

नई दिल्‍ली. आप सांसद संजय सिंह की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस के किसी नेता ने अब तक उनके घर जाकर परिजनों से मुलाकात नहीं की है. हालांकि संसद में निलंबन के बाद धरने पर बैठे संजय से मिलने न सिर्फ सोनिया गांधी बल्कि कांग्रेस अध्‍यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित पार्टी के कई नेता पहुंचते थे. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक कथित शराब घोटाले में कांग्रेस आप के साथ नहीं दिखना चाहती क्योंकि तेलंगाना में के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) की पाटी भी मैदान में है. उनकी बेटी इसी मामले में आरोपी हैं.


केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप इंडिया गठबंधन के सभी दल संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह अक्सर लगाते हैं. बुधवार को ED ने आप नेता संजय सिंह को कथित शराब घोटाले में गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद आप ने पूरी ताकत से मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया हैं, हालांकि इंडिया गठबंधन में उसकी सहयोगी पार्टी कांग्रेस का कोई नेता अब तक न संजय सिंह के परिवार से मिला न ही खुलकर कथित शराब घोटाले में उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ समर्थन में आया है. दिल्ली कांग्रेस के प्रभारी ने तो इसे मोदी केजरीवाल की नूरा कुश्ती का शक जाता दिया.


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कांग्रेस की क्या मजबूरी है?
दरअसल, दिल्ली कांग्रेस का दावा है कि कथित शराब घोटाले की जांच उनके द्वारा मुद्दा उठाए जाने के बाद ही की गई है. इस दावे के साथ वह दिल्ली में आप के हाथों खोई सत्ता वापस पाना चाहती हैं, लेकिन कांग्रेस इंडिया गठबंधन में अपनी सहयोगी पार्टी आप के खिलाफ खुलकर सामने नहीं आना चाहतीं. इस मामले में केसीआर की बेटी कविता के सवालों के घेरे में आने के बाद कांग्रेस और सतर्क हो गई है.तेलंगाना में कांग्रेस सिर्फ केसीआर से लड़ रही है, ऐसे में दिल्ली में कथित शराब घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार संजय सिंह का खुला समर्थन न सिर्फ दिल्ली में बल्कि तेलंगाना में भी घाटे का सौदा नजर आ रहा है. भारत गठबंधन में कई ऐसी बातें हैं जो घटक दलों को आपस में आम सहमति बनाने से रोक रही हैं.




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